Pehchan - 12 in Hindi Fiction Stories by Preeti Pragnaya Swain books and stories PDF | पेहचान - 12 - गलतफेहमी

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पेहचान - 12 - गलतफेहमी

पीहू बोली देखो थोड़ी late क्या आई तुम मुझे उस basis पर घर से नहीं निकाल सकते और वैसे भी अभी मैं लडाई करने के मूड में नहीं हूँ, सो सुबह बात करते हैं ठीक है bye, बोलते हुए कमरे की तरफ जाने लगी तो.......

अभिमन्यु ने कहा तुम्हे एक बार मैं बात समझ नहीं आती क्या मैंने कहा न यहाँ से निकल जाओ मतलब निकल जाओ.......

पीहू बोली ठीक है तो इसका मतलब तुम लडाई के बगैर नहीं मानोगे तो ठीक है यही सही... अब तुम बताओ आखिर अब मैंने एसा क्या किया है की तुम मुझे यहाँ से निकालना चाहते हो? क्या घर मे late आने की इतनी बड़ी सजा होती है ?

अभिमन्यु बोला wow इतना सब कुछ करने के बाद भी तुम मुझसे पूछ रही हो की तुमने एसा क्या किया..... और थोड़ा नजीद आकर बोला o really क्या तुम मुझे बेवकूफ समझती हो या खुद को होशियार....,

पीहू बोली देखो, ये चिल्लाके और बातों कों घुमाके बोलने का कोई मतलब नहीं..... सो जो भी है साफ साफ कहो...

अभिमन्यु बोला अच्छा तो तुम सच नहीं मानोगी ठीक है मैं ही बोल देता हूँ मैंने ये पहले ही कहा था मुझे झूठ और धोके से सख्त नफरत है तो तुमने मुझे धोखा देने का सोचा कैसे ?

पीहू एक confused expression के साथ बोली मैंने और धोखा कंही पागल वागल् तो नही होगये? और मन मे बोली सचमे कुछ भी बोलता है ये ...

अभिमन्यु बोला हाँ तुमने धोखा दिया है और फिर अपने जेब से फोन को निकालते हुए उसमे से एक तस्बीर निकाली और पीहू को दिखाया....

पीहू जैसे ही तस्बीर देखी shocked होगयी, ये उसके और अर्जुन की ,क्लिक की गयी पिक्चर थी, पीहू थोड़ा ध्यान से देखी तो ,पता चला की ये आज सुबह हुए incident के वक़्त निकाली गयी पिक्चर है जिसमे अर्जुन पीहू को उठा रहा था । पीहू की बोलती बंद होगयी , उसके दिमाग मे बहुत से सवाल आने लगे , की ये पिक्चर अभिमन्यु के पास कैसे आया क्या अभिमन्यु को उसके बारे मैं सब पता चल गया है? क्या उसके India आने की मकसद अधूरि रह जायेगी?

अभिमन्यु बोला अब बोलो चुप क्यों होगयी हो? सांप सूंघ गया क्या? हाँ तुम क्या बोलोगी ,मैं ही बोल देता हूँ, तुम्हे उस अर्जुन ने भेजा है न मुझे मारने के लिए ! पीहू अभी भी चुप खड़ी थी तो अभिमन्यु ने उसे हिलाते हुए कहा कुछ कहोगी भी या नहीं?


पीहू अपने खयालो से बाहार आई और बोली क्या बोले?


अभिमन्यु चिड़ते हुए बोला, यही की मुझे पता चल गया है, तुम उस अर्जुन के कहने पर मुझे मारने आई हो!


पीहू जैसे ही ये सुनी वो थोड़ी राहत की सांस ली और मनमे सोची thank God कुछ भी नहीं बिगडा है अभिमन्यु को उसके बारे मैं कुछ नहीं पता ।

अभिमन्यु बोला अरे बोलो भी, हमेशा तो इतनी बक बक करती रहती हो ,तो फिर आज चुप क्यों? तुम्हारी चुप्पी ही बता रही है की तुम गलत हो so अब निकल जाओ यहाँ से वरना मुझसे बुरा कोई नहीं होगा ।

पीहू बोली O wow क्या बात है आपको तो businessman नहीं बलकी एक लेखक बनना चाहिए था जो एक तस्बीर देखकर कहानी लिख लेते हो!

अभिमन्यु बोला अच्छा तो तुम मुझे challenge कर रही हो की मेरा सोचना गलत है तो ठीक है ,अब तुम बताओ इस तस्बीर की सच्चाई क्या है with proofs तभी जाकर मैं तुम्हे इस घर मे रहने दूंगा वरना यहाँ से निकल जाओ......