Silent Love - Part Three in Hindi Love Stories by prashant sharma ashk books and stories PDF | खामोश प्यार- भाग 3

Featured Books
  • ویرانی

    تنہائی   خالی پن کو گلے لگانا سیکھیں۔ تنہائی کو دور کرن...

  • رشتے کی ڈور

    رشتے کی ڈورزندگی میں کچھ رشتے صرف خون کے رشتے نہیں ہوتے۔وہ م...

  • فرصت کے لمحات

    کہاں جا رہے ہو؟ کیا آپ کو سکون مل رہا ہے؟   کس کی یاد م...

  • نیم بسمل

    حرف آغاز بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِجب درخت سے آخر...

  • शायद उसी दिन मैं मर गया

    शायद उसी दिन मैं मर गयालगता है जैसे मेरा सपना मुकम्मल हो गया...

Categories
Share

खामोश प्यार- भाग 3

कुछ देर तक कायरा ऐसे ही मानव के सीने से लिपटी रही, क्योंकि वो काफी डर गई थी। उसे लगा था कि आज वो बचने वाली नहीं है, परंतु मानव ने समय पर आकर उसे बचा लिया था। करीब दो मिनट तक कायरा मानव से लिपटी रही और फिर खुद को संभालते हुए मानव से अलग हो गई। कायरा और मानव पहली बार एक-दूसरे के सामने इस तरह खड़े थे। कायरा ने मानव से पहली बार बात की और उसके मुंह से निकला-

सॉरी एंड थैक्यू वैरी मच। अगर आप यहां नहीं आते तो पता नहीं मेरा क्या होता। कायरा ने मानव की आंखों में देखते हुए कहा।

आप अब ठीक है ? मानव ने कायरा से सवाल किया।

जी, हां मैं बिल्कुल ठीक हूं। आपने बचा लिया। कायरा ने मानव के प्रश्न का जवाब दिया।

वैसे आपको यह गलती नहीं करना चाहिए थी।

मैंने क्या गलती की ?

यही इस तरह से खाई नजदीक खड़े होकर सेल्फी लेने की गलती।

जी, वो मेरा ध्यान नहीं रखा। पत्थर चिकना था तो पैर फिसल गया। कायरा ने अपनी सफाई में कहा।

मानव ने फिर उस जगह से कायरा को आगे बढ़ने के लिए इशारा किया। फिर दोनों वहां से आगे बढ़ते हुए एक पेड़ के पास आकर खड़े हो गए। कायरा ने मानव के गले में कैमरा देखा तो पूछा-
आप फोटोग्राफी भी करते हैं ?

जी, बस शौकिया तौर पर। मुझे प्रकृति को अपने कैमरे में कैद करना काफी पसंद है।

मुझे भी प्रकृति के साथ रहना बहुत अच्छा लगता है।

मैं जब भी फ्री रहता हं तो अपना कैमरा उठाकर प्रकृति से मिलने के लिए चल देता हूं।

फिर आप इन फोटोज का क्या करते हैं ?

फिलहाल तो बस अपने पास रखता हूं। फोटोज के बारे में कभी सोचा नहीं है।

आपको इन्हें अवार्ड के लिए भेजना चाहिए, या अपनी एक्जीबिशन लगाना चाहिए।

अब आपने कहा है तो इस बारे में जरूर सोचूंगा। मानव ने कायरा की बात को मान देने के लिए अपनी बात कही।

क्या मैं आपके फोटोज देख सकती हूं ? कायरा ने मानव से फिर प्रश्न किया।

जी, बिल्कुल। अभी कुछ फोटो लिए हैं। वो आप देख सकती है।

मानव ने कायरा को फोटो दिखाना शुरू किए। इसी बीच वो फोटो भी आ गए जो मानव ने चुपके से कायरा के लिए थे। कायरा ने उन फोटो को देखा और घूरकर मानव को देखा। अचानक कायरा के फोटो आ जाने से मानव भी झेंप गया और उसने कैमरे को नीचे कर लिया। कायरा ने मानव के कैमरे को पकड़ा और फिर से फोटो देखने लगी।

ओह, तो आप मेरी भी फोटो ले रहे थे ?

जी, जी वो... वो....। नहीं... मेरा मतलब....

क्या जी, जी, वो.. वो। कायरा ने थोड़ा गुस्सा दिखाते हुए मानव से प्रश्न किया।

जी,वो तो बस यूं ही अचानक से क्लिक हो गए। अगर आपको बुरा लगा है तो मैं अभी सारे फोटो डिलीट किए देता हूं।

कायरा ने कहा- पर आपने मेरे फोटो क्लिक ही क्यों किए ?

बस आपको प्रकृति के साथ देखा तो क्लिक हो गए। मानव ने अपनी सफाई देते हुए कहा।

इस बार कायरा मुस्कुराई और कहा बहुत अच्छे फोटो हैं, क्या आप मुझे इनकी कॉपी दे सकते हैं।

मानव मुस्कुराया और कहा- हां बिल्कुल। शहर पहुंचने के बाद मैं इनकी कॉपी कराकर आपको दे दूंगा।

फिर दोनों एक साथ मुस्कुरा दिए।

कायरा ने कहा- आई थिंक अब हमें चलना चाहिए। हमें काफी देर भी हो गई है।

मानव ने भी कायरा की बात पर सहमति जताई और दोनों फिर से टेंट की ओर चल पड़े। इस दौरान मानव कई फोटो लेता हुआ चल रहा था और कायरा मानव को फोटो लेते हुए देख रही थी। हालांकि इस दौरान दोनों के बीच कोई बात नहीं हुई। कुछ ही देर में वे दोनों टेंट तक पहुंच गए थे। अपने टेंट में जाकर मानव ने अपना कैमरा बैग में रखा। फिर बाहर आ गया। कायरा अब भी अपने दोस्तों के साथ बाहर खड़े होकर बात कर रही थी। मानव की नजरें कायरा पर ही टिकी हुई थी, वहीं कायरा भी बात करते हुए बार-बार मानव को देख रही थी।

कुछ ही देर में खाना बनकर गया था। सभी स्टूडेंट्स ने एक साथ खाना खाया और फिर कुछ देर आराम करने के लिए अपने-अपने टेंट में चले गए। मानव भी अपने टेंट में आ गया था और लेटकर कायरा के बारे में ही सोच रहा था। उसके दिमाग में जो दृश्य था वो था कि कायरा डर के कारण उसके सीने से लिपटी हुई थी। वो उसके बारे में सोचकर मन ही मन काफी खुश हो रहा था। वहीं कायरा भी अपने टेंट में लेटी हुई थी और उसे भी वहीं दृश्य याद आ रहा था फिर वो उन फोटोज के बारे में सोचने लग जाती, जो मानव ने खींची थी।

करीब दो घंटे बीत गए थे और दोनों अब भी एक-दूसरे के ख्यालों में ही थे। शाम हो गई थी तो सभी दोस्तों ने जंगल में आग लगाकर कुछ गेम खेलने का प्लान बनाया। सभी स्टूडेंट बाहर आ गए थे। कायरा और मानव भी अपने दोस्तों के साथ आग के आसपास बैठ गए थे। सभी ने अंताक्षरी खेलना तय किया और लड़कियों और लड़कों की दो टीम बन गई और फिर अंताक्षरी शुरू हो गई। मानव और कायरा भी उस खेल में भाग ले रहे थे। हालांकि काफी देर तक अंताक्षरी जारी रहने के बाद भी कोई भी टीम हार मानने के लिए तैयार नहीं थी। ऐसे में खेल को बंद कर दिया गया।

उसके बाद पकड़म-पकड़ाई का खेल शुरू हो गया। लड़कियों में कायरा और लड़कों में मानव ही विजेता बने, क्योंकि अंत तक कोई भी इन दोनों को पकड़ नहीं पाया था। मानव और कायरा को बाकि स्टूडेंट ने जंगल के फूलों से एक ताज बनाकर स्वागत किया। दोनों अपने विजेता होने पर काफी खुश नजर आ रहे थे। करीब नौ बज गए थे, फिर एक बार सभी ने साथ में डिनर किया और फिर कुछ लोग आसपास टहलने के लिए निकल गए और कुछ लोग ग्रुप बनाकर बातें करने लगे। वहीं कुछ लोग उस आग के आसपास बैठे हुए थे। आग के आसपास बैठने वालों में कायरा और मानव भी शामिल थे। वे अपने दोस्तों से बातें कर रहे थे परंतु उनकी नजरें बार-बार एक-दूसरे पर जा रही थी। नजर मिलने पर वे कभी-कभी मुस्कुरा भी दिया करते थे।