changing room and hidden camera in Hindi Women Focused by pravin Rajput Kanhai books and stories PDF | चेंजिंग रूम और हिडेन केमेरा

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चेंजिंग रूम और हिडेन केमेरा

नोट= कहानी अश्लील नहीं है, सम्पूर्ण कहानी पढ़कर ही अपना निर्णय बनाए....🙏



'माँ, मैं अनीता के साथ कपड़े लेने जा रही हूँ।' मोनिकाने अपनी मां से कहा।

'ठीक है, लेकिन जल्दी वापस आ जाना।' मोनिका की मां ने जाने की इजाजत देते हुए कहा।

'ठीक है माँ।' यह कहकर मोनिका अनीता के साथ कपड़े लेने निकली।

शाम सात बजे मोनिका कपड़े लेकर घर वापस आई। उसने एक एक करके अपने सारे कपड़े पहनकर अपनी माँ को दिखाना शुरू कर दिया।

'अरे.. यह ड्रेस फटी हुई है, बिना देखे ही उठा ले आई, इसे कहाँ से लाई थी?'

'माँ मैं ये मानसी शो रूम से लाई हूँ। यह बदलवा लाऊंगी, दुकानदार ने कहा कि अगर कोई दिक्कत होगी तो वह रिप्लेसमेंट देंगे।' मोनिका ने जवाब दिया।

'ठीक है, कल इस ड्रेस को बदलवा के लाना।'

'ठीक है माँ।' मोनिका ने अपने सारे कपड़े वापस पैक करते हुए कहा।

अगले दिन मोनिका अनीता को वापस मानसी के शो रूम में ले गई।

उसने फटी ड्रेस दुकानदार को दिखाते हुए कहा। 'इसे देखो, आपने मुझे फटी हुई ड्रेस दी है, अब इसे बदलके दो।'

'छोटू!' अपने नौकर को बुलाकर दुकानदार ने कहा, 'मेडम को दूसरा पीस दिखाओ।'

मोनिका ने उनमें से लाल रंग की ड्रेस चुनी और उस ड्रेस को पैक करने को कहा।

'एक काम करो तुम चेंजिंग रूम में जाओ और एक बार पहेर कर छोटी बड़ी चेक कर लो, फिर ड्रेस पास करो।' दुकानदार बोला।

'ठीक है। चेंजिंग रूम कहाँ है?' मोनिका ने पूछा।

'वहां।' दुकानदार ने चेंजिंग रूम की ओर ऊंगली से इशारे करते हुए कहा।

मोनिका ने चेंजिंग रूम में जाकर ड्रेस चेक की। 'सही है।' मोनिका ने कपड़े बदले और बाहर आ गई।

'ठीक है, इसे पैक करो।' मोनिका ने कहा।

दुकानदार ने वह ड्रेस पैक कर दी।

ड्रेस लेकर मोनिका और अनीता शोरूम से बाहर आ रहे थे तभी दुकानदार ने उन्हें रोका। 'मैडम, अगर आपको कोई समस्या नहीं है, तो क्या आप हमें अपना व्हाट्सएप नंबर दे सकती हैं?'

'क्यों?' मोनिका ने पूछा।

मैडम हमारे शोरूम के नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप है, जिसमें हम शोरूम में नए माल की तस्वीरें, सेल की जानकारी , और विभिन्न ऑफ़र पोस्ट करते हैं। अगर आपको भी यह जानकारी पहले चाहिए तो आप शोरूम के हमारे इस ग्रुप से जुड़ सकते हैं।'

'अच्छा तो मेरा नंबर लिखो...' कहकर मोनिका ने अपना नंबर दिया और फिर मोनिका घर वापस आ गई।

उसने घर आकर अपनी माँ को कपड़े पहनकर दिखाया।

'हां ये वाला सही है।' उसकी माँ ने कहा।



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(दो दिन बाद)

रात के दस बजे थे। मोनिका अपना मोबाइल चला रही थी। उसके व्हाट्सएप पर एक अनजान व्यक्ति का मैसेज आया। उन्होंने एक वीडियो भेजा था। मोनिका ने वह वीडियो चलाया। वीडियो देखकर वह दंग रह गई। वीडियो देखकर वह रोने लगी। ये वीडियो उसी शो रूम के चेंजिंग रूम का था जिसमें मोनिका ने अपने कपड़े बदले थे।

करीब एक मिनट के बाद मोनिका के पास उस नंबर से कॉल आया, मोनिका ने आंखों में आंसू के साथ फोन उठाया।

'अगर तुम चाहती हो कि मैं तुम्हारा ये वीडियो सोशीयल मीडिया पर वायरल ना करूं, तो कल पांच बजे बनास होटल में आकर मुझसे मिलो।' इससे पहले कि मोनिका कुछ कहती, कॉल कट गई।

मोनिका ये बात अनीता को बताती है। अनीता मोनिका को होटल जाने के लिए कहती है, और फिर उसने इससे बचने के लिए एक आइडिया दिया।

अगले दिन शाम पांच बजे मोनिका बनास होटल जाने के लिए घर से निकल रही थी।

'कहाँ जा रही हो?' मोनिका की माँ ने पूछा।

'मैं अनीता के साथ जा रही हूँ, थोड़ा काम है...' कहकर मोनिका लड़खड़ाती हुई होटल के लिए निकल गई।

मोनिका होटल के बाहर उस शख्स का इंतजार करने लगी। कुछ देर खड़े रहने के बाद 'मानसी शोरूम' का मालिक वहां पहुंच गया। मोनिका को अपने पास बुलाकर वह मोनिका को होटल के कमरे में ले गया।

'अंकल प्लीज, वो वीडियो डिलीट कर दो...' मोनिका ने रोते हुए कहा।

'हा कर दूंगा डिलीट, इतनी जल्दी क्या है? इतना कहकर उसने मोनिका को अपनी ओर खींचा। उसने मोनिका की जाँघों पर हाथ रखा, वो मोनिका की जाँघों पर कपड़े उतारने ही वाला था कि तभी कुछ पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया।'

पुलिस को देखकर वो डर गया। उसने अपना हाथ मोनिका की जांघों से हटा लिया। पुलिस ने उस दुकानदार को पकड़ लिया।

'मोनिका तुम अब सुरक्षित हो।' आवाज अनीता की थी।

'थैंक यू अनीता। तुम्हारे आइडिया की वजह से ही आज मैं बच पाई।' इतना कहकर मोनिका अनीता के गले से लिपट गई।
'अच्छा हुआ की मेने तुम्हे ये बात बताई, वरना डर के मारे अगर में ने कोई गलत निर्णय ले लिया होता तो...'

'लेकिन अनीता, मेरा कपड़े बदलते हुए का वीडियो अपलोड तो नहीं होगा ना?' मोनिका ने अनिता से पूछा।

'नहीं, अब पुलिस इसे सुलझाएगी। वीडियो पूरी तरह से हटा दिया जाएगा और दुकानदार को इस हरकत के बदले में लगभग तीन साल तक की जेल भी होगी।'

'अनीता, मेरे मामले में तो मैं बच गई, लेकिन और कितनी लड़कियां हैं जो इस तरह चेंजिंग रूम में कपड़े बदलती हैं तो क्या उन्हें ऐसे चेंजिंग रूम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?' मोनिका ने पूछा।

'मोनिका, अगर एक दुकानदार ऐसा निकला, तो हम सभी दुकानदारों को बुरा नहीं घोषित कर सकते। लेकिन हम सतर्कता रख सकते हैं।'

'कैसी सतर्कता?' मोनिका ने सवाल किया।

'मोनिका जैसा कि तुम जानती हो कि ऐसे कैमरे साइज में बहुत छोटे होते हैं जिन्हें हम देख नहीं सकते। ऐसे कैमरे अक्सर बॉलपेन के अंदर, पंखे के अंदर घड़ी के अंदर या मिरर (दर्पण/आईने) के पीछे लगाए जाते हैं। चेंजिंग रूम के मामले में ऐसे कैमरे ज्यादातर शीशे(मिरर) के पीछे होते हैं। ऐसे कैमरे के अंदर एक लाल या हरी बत्ती चमकती है। यह लाल या हरी बत्ती रौशनी में दिखाई नहीं देती, इस लाइट को देखने के लिए हमे चेंजिंग रूम की सारी लाइटे बंद करने के बाद अपने मोबाइल की टॉर्च को चालू करके शीशे को स्कैन करना पड़ता है, अगर आईने के पीछे केमेरा होगा तो उसकी लाल या हरी लाइट हमे मोबाइल की टॉर्च की वजह से दिख जाएगी।'

'कई बार ऐसे हरामी लोग दो तरफा शीशे का प्रयोग करते हैं। जिसमें एक शख्स को आईने के पीछे से कपड़े बदलते देखा जा सकता है। यह शीशा देखने में साधारण शीशे जैसा ही दिखता है, लेकिन वास्तव में इस शीशे के पीछे से कपड़े बदलते हुए व्यक्ति को देखा जा सकता है।'

'तो अनीता ऐसे आईने से कैसे बच सकते है?' मोनिका ने सवाल किया।

'इस का एक तरीका है। हम शीशे पर उंगली रखकर ऐसे शीशे को पहेचान सकते है। अगर उंगली रखने के बाद शीशे में उंगली और उंगली के प्रतिबिंब के बीच एक अंतर दिखे, तो ये एक नॉर्मल शीशा है, हम ऐसे दर्पण पर भरोसा कर सकते हैं। लेकिन अगर प्रतिबिंब और उंगली के बीच थोड़ी सी भी दूरी नहीं है, तो ये शीशा विश्वसनीय नहीं है।'

'थैंक यू अनीता, मुझे इतनी जानकारी देने के लिए...' अब मैं इन बातों को हमेशा ध्यान में रखूंगी और मुझे लगता है कि मेरे साथी वांचक मित्र भी इन बातों को हमेशा ध्यान में रखेंगे। क्या आप सभी वांचक मित्र भी इस बात का ध्यान रखेंगे???'



- प्रविण राजपूत 'कन्हई'


(आपकी बहुमूल्य समीक्षा का हमेशा स्वागत है।❤️❤️☘️)