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प्यासा कुवा - भाग 3

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।
मा कर्मफलहेतुर्भुर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि ॥

 

जो  तुमने  किया  उसका  भुगतान  तुम्हें  करना  ही  पड़ता  है । 

जितना  बड़ा  पाप  उतनी  बड़ी  सजा  । 

सायद  इंशान  माफ  करदे  । 

पर  भगवान  हर  गलती  की  सजा  देता है । 

 

एक  लड़की  रात को  बारा  बजे  पोलिस थाने  आती  है । 

ओर  हवलदार  बबलू  यादव  से  कहेति  है  । 

सुनिए  साहब  जल्दी  चलिए  मेरे  साथ  । 

कुछ  लोग  मेरे  घर  पर  आके  मेरे  मम्मी - पप्पा  को  हेरान  कर  रहे  है  । 

दरअसल  वो  मुजे  ले  जाने  के  लिए  आए  है । 

मे  जैसे  तैसे  वहा से  निकल  गई  ओर  आपके  पास  आ  गई  । 

चलिए  बबलू  यादव  को  लगा  की  मौका  पाकर  उसके  साथ  रात  रंगीन  कर  लूँगा । 

ये  सोचकर  वो  उसके  साथ  गया । 

वो  लड़की  उसे  उसी  सड़क  पर  ले  गई । 

ओर फिर  उसी  कमरे  तक  लाई  जहा  शीला  के साथ  बलात्कार  हुआ  था । 

अंदर  जाते  ही  पॉलिसवाले  ने  कहा  तुम्हारे  मम्मी - पापा कहा  है । 

ओर  वो  लोग  भी  कहा  है । 

तब  उस  लड़की  ने  एक  लोखंड  का  पाइप  उठाकर  उसके  माथे  पर  मारा  । 

फिर  वही  पाइप  उसके  मुह मे  घुसेड़  दिया  । 

ओर  चिल्लाने लगी  न्याय  कहा  है  न्याय  । 

फिर  बोली  मे  करूंगी  न्याय  । 

उसने  उसे  इतनी बार पाइप  से  मारा  की  उसका  मुह  तक  पहेचान  पाना  मुस्किल  ही  नहीं  नामुनकीं  था  । 

फिर  वो  हस्ते  हुए  उसकी  लास  को  घसीटते  हुए  कुवे  तक  ले  आई  । 

ओर  उसकी  लास  को  कुवे  मे डाल  दिया  । 

 

 

दो  - तीन  दिन  बित  गए  पर  किसिको  बबलू  का  पता  न  चला । 

फिर  एक दिन  वही  चरवाहा  वहा  से  गुजरा  ओर  उसे  उसी  कुवे  मे  बबलू  की  लास दिखी । 

उसने  गाव वालों को बुलाया  । 

ओर  लास  को  बाहर  निकाला । 

चहेरा  कोई  पहेचान  नहीं  पा  रहा  था  । 

पर वर्दी  पे  लगे  नाम की  वजह  से  सबको  यकीन  हो गया  की । 

वो  बबलू  ही है । 

किसी ने  उसे  बे रहेमी  से  मारकर  उसकी  लास  को  कुवे  मे डाल  दिया । 

इतना  सुनते  ही  साहिल  , रोमिल ओर  उसके  दोस्त  डर  के  मारे  धृजने  लगे । 

उनके  हाथ - पैर  कांपने  लगे  । 

ओर  मानो की उनके  तोते  ही  उड  गए । 

वो  डरकर  वहा से  भाग  गए  । 

 

अगले  दिन  रोमिल  साहिल  से  कहेता  है । 

वो  वापस  आ  गई  है । 

वो  हम  सबको  जिंदा  नहीं  छोड़ेगी  । 

एक - एक कर  हम  सब को  वो  ऐसे ही  मौत  के  घाट  उतार  देगी  । 

तूने  आज  सुबह  सुबह  पी  ली  है  क्या  वो  वापस  नहीं  आ  सकती  । 

हमने  खुद  उसे  मारकर  कुवे  मे  फेका  था  । 

भूल  गया  क्या । 

ये  किसी  ओर  का  काम है । 

वैसे भी  बबलू  ना  जाने  कितनी  लड़कियों को  अपनी  हवस  का  शिकार  बना  चुका है । 

उन्मे  से  ही  किसी ने  ये  किया होगा । 

 

क्या  आपको भी  लगता  ये बबलू  के  किसी  दुश्मन  का  काम  है  । 

या   फिर  शरू  हो  चुका  है  मौत  का  तांडव  । 

 

 

जानने  के  लिए  पढे  । 

प्यासा कुवा - भाग - ४