(हेलिकॉप्टर के पंखों के घूमने की तेज़ और भयंकर आवाज़। हवा का शोर इतना है कि आर्यन को अपनी खुद की आवाज़ भी सुनाई नहीं दे रही। लोहे की चीखती हुई आवाज़ें जैसे हेलिकॉप्टर का ढांचा टूट रहा हो।)आर्यन ने हेलिकॉप्टर के केबिन के भीतर खुद को संभाला। उसे समझ आ गया था कि यह उसका अंत नहीं, बल्कि उसके पिता का अंतिम 'कठपुतली तमाशा' है। वह हेलिकॉप्टर अचानक नीचे नहीं गिर रहा था, उसे नियंत्रित तरीके से नीचे गिराया जा रहा था। नीचे, वह खंडहर हवेली एक बहुत बड़े 'डेड ट्रैप' (मृत्यु जाल) की तरह दिख रही थी।
सीन 1: हेलिकॉप्टर का मलबे में तब्दील होना
आर्यन ने देखा कि पायलट वाली सीट खाली थी। वहां एक ऑटो-पायलट लगा था, जो किसी पुराने रेडियो फ्रीक्वेंसी से जुड़ा था। आर्यन ने वह रेडियो तोड़ दिया। हेलिकॉप्टर का संतुलन बिगड़ गया। उसे अपनी बेटी आयशा को बचाने के लिए उस हॉस्पिटल तक पहुँचना था, लेकिन वह अभी मीलों दूर था।
तभी उसे याद आया—'समीर' (उसके अंदर का दूसरा हिस्सा) ने कहा था, "आयशा किसी कोमा वाले हॉस्पिटल में नहीं, बल्कि इसी हवेली के नीचे के उस सीक्रेट बंकर में है जिसे तुमने कभी नहीं खोला।"
आर्यन ने हेलिकॉप्टर से कूदने का फैसला किया। उसने पास रखे पैराशूट को झपटा, लेकिन वह पहले ही कट चुका था। "धोखा!" उसने चिल्लाकर कहा। उसने हेलिकॉप्टर के एक टूटे हुए दरवाज़े को पकड़ा और उसे एक 'ग्लाइडर' (glider) की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की।
सीन 2: 32वां दिन—हवेली के मलबे पर वापसी
वह हवेली के खंडहरों पर गिर पड़ा। उसकी हड्डियां दर्द से चटक रही थीं, लेकिन वह तुरंत उठा। उसके सामने वही हवेली थी, जिसका सच उसे आज से 20 दिन पहले 'पागलपन' लगा था। अब वह जानता था कि यही हवेली उसके अतीत की असली कब्र है।
उसने ज़मीन खोदी। उसे वह सीक्रेट बंकर मिल गया। वहां का दरवाजा लोहे का था और उस पर वही पुराना कोड लगा था जो उसे समीर (उसके अंतर्मन) ने दिया था—7-9-4-2।
टिक-टिक-टिक... खट!
दरवाजा खुला। अंदर की ठंडी हवा और दवाइयों की महक ने उसे झकझोर दिया। वहां आयशा थी—सचमुच कोमा में। उसके चारों तरफ मशीनों का जाल था। और उसके पास एक स्क्रीन पर एक टाइमर चल रहा था—18 दिन शेष।
सीन 3: टाइमर का सच
आर्यन ने आयशा के पास बैठकर उसकी कलाई पकड़ी। वह जीवित थी, लेकिन उसकी धड़कनें बहुत धीमी थीं। स्क्रीन पर लिखा था—"यह 50 दिन का सन्नाटा सिर्फ तुम्हारी मानसिक शांति का नहीं, बल्कि आयशा की जान का टाइमर है। अगर तुम 50 दिन के अंदर अपने 'कातिल आर्यन' को पूरी तरह खत्म नहीं कर पाए, तो यह मशीन बंद हो जाएगी।"
आर्यन के रोंगटे खड़े हो गए। उसके पिता ने सिर्फ आर्यन को ही नहीं, बल्कि आयशा को भी इस खेल में फँसा रखा था। आर्यन ने उन मशीनों को हटाने की कोशिश की, लेकिन सायरन बजने लगा—"छेड़छाड़ न करें। केवल 18 दिन शेष।"
सीन 4: कातिल आर्यन का उभरना
तभी, बंकर के स्पीकर से उसके पिता की आवाज़ आई, "आर्यन, तुम अपनी बेटी को बचाने के लिए उस 'कातिल' को क्यों नहीं मारते जो तुम्हारे अंदर है? अपनी ही जान दे दो, और आयशा आज़ाद हो जाएगी। क्या एक बाप अपनी बेटी के लिए अपनी जान नहीं दे सकता?"
आर्यन ने रिवॉल्वर उठाई। उसके सामने उसका अपना अक्स (Reflection) फिर से एक कांच की दीवार पर उभरा। वह कातिल आर्यन हँस रहा था।
"अगर तुम मरोगे, तो आयशा को कौन बचाएगा?" कातिल आर्यन ने कहा। "तुम जानते हो कि अगर मैंने इस बंकर का कब्ज़ा ले लिया, तो मैं इन मशीनों को और भी तेज़ी से चला दूंगा।"
आर्यन दुविधा में था। एक तरफ आत्म-बलिदान और दूसरी तरफ खुद को बचाना ताकि वह आयशा की रक्षा कर सके। उसने अपनी नोटबुक निकाली—32 दिन शेष। उसने 32वां पन्ना लिखा: "मौत आसान है, जीना मुश्किल। मैं खुद को नहीं मारूँगा, मैं उस शैतान को मारूँगा जिसने हमें ये दिन दिखाए हैं।"
सीन 5: अंतिम 18 दिन का मास्टरप्लान
आर्यन को समझ आया कि वह बंकर ही उसके पिता का असली कंट्रोल सेंटर है। उसने बंकर की वायरिंग काटना शुरू किया। वह जानता था कि उसे यह काम बहुत सावधानी से करना होगा। उसने समीर (अंतर्मन) से बात की—"समीर, मुझे गाइड करो। ये तार मुझे कहाँ ले जाएंगे?"
उसे धीरे-धीरे महसूस हुआ कि उसकी अपनी आवाज़ बदल रही थी। समीर की आवाज़ उसके गले से निकल रही थी—"नीला तार, आर्यन! नीला तार काटो!"
उसने नीला तार काटा। बंकर की लाइटें लाल हो गईं। अचानक, बंकर के बाहर से गोलियों की आवाज़ आने लगी। उसके पिता के गुर्गे आ गए थे।
सीन 6: 32 दिन पूरे
आर्यन ने आयशा को गोद में उठाया और बंकर के पीछे के निकास द्वार से भागने लगा। वह अब अकेला नहीं था। उसके पास अब लक्ष्य था—अपनी बेटी को सुरक्षित करना। उसने पीछे मुड़कर देखा, बंकर में धमाका हुआ और उसके पिता का बनाया हुआ पूरा सेटअप जलकर राख हो गया।
अब आर्यन के पास 18 दिन बचे थे। वह एक अज्ञात जगह पर था, अपनी कोमा में पड़ी बेटी के साथ। उसने आसमान की ओर देखा—उसका प्रायश्चित अभी खत्म नहीं हुआ था।
नैरेटर: 32 दिन शेष हैं। आर्यन का पिता अभी भी कहीं न कहीं से उसे देख रहा है। आर्यन के पास अब एक लक्ष्य है—आयशा को होश में लाना और अपने अंदर के उस 'कातिल' को हमेशा के लिए शांत करना।
(सस्पेंस पॉइंट: भागते हुए आर्यन को एक अनजान नंबर से मैसेज आया—"आयशा को होश में लाने का तरीका उस जगह पर है, जहाँ सब कुछ शुरू हुआ था—उसकी माँ की कब्र पर।" क्या आर्यन को अपनी पहली पत्नी मीरा की कब्र ढूँढनी होगी? और क्या वहां उसका इंतज़ार कोई कर रहा है?)
लेखक: प्रिया
आर्यन अब अपनी बेटी के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। अगले एपिसोड में: मीरा की कब्र का रहस्य! सस्पेंस की आग अब बुझने वाली नहीं है...
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