Shri: Struggle and Love - Chapter 7 in Hindi Spiritual Stories by Janshi Saroha books and stories PDF | श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 7

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श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 7

श्री अंदर चली गई । हरि और श्री सोफे पर आ कर बैठ गए हरि ने लैपटॉप ओपन किया और श्री का रिजल्ट चेक करने लगा । श्री ने अपनी आंखें बंद की हुई थी और वो यही सोच रही थी कि जो होगा अच्छा ही होगा । हरि ने बोला श्री तुम्हारा रिजल्ट वो... हरि चुप हो गया श्री को डर लगने लगा श्री ने  कहा बताइए न क्या है रिजल्ट। 😳
हरि ने एक दम से हस्ते हुए कहा —अरे तुम डर क्यों रही हो टॉप 25 रैंक है तुम्हारी श्री ने जैसे ही ये सुना खुशी से हरि को गले लगा लिया । हरि एक दम चौक गया । फिर उसने भी श्री को गले लगा लिया श्री को एकदम जब आभास हुआ कि उसने खुशी में क्या कर दिया तो उसे अजीब लगा एक अजीब सा अहसास दोनों के मन में चल रहा था ।😌
श्री को उन अहसास का पता था लेकिन वो जान पूछ पर उन भावनाओं को अपने ऊपर नहीं आने देती थी। हरि को तो अपनी भावनाएं समझ ही नहीं आ रही थी । श्री झटके से उससे अलग हुई श्री ने हरि से कहा माफ कर दीजिए वो खुशी में पता नहीं कैसे ये I am sorry हरि ने कहा कोई बात नहीं मैं समझता हु और तुम्हारे लिए बहुत खुश हु अब तुम अपने mains एग्जाम की तैयारी करो मुझे तुम पर पूरा विश्वास है तुम्हारा mains भी बहुत अच्छा जाएगा । श्री ने हाँ में सर हिलाया । श्री ने तुरंत ही अपनी मम्मी और पापा को फोन कर के खबर पहुंचा दी श्री के मम्मी पापा भी बहुत खुश हुए और मैंस की तैयारी के लिए आशीर्वाद दिया । 
श्री ने भी अपनी मेहनत दो गुना बढ़ा दी mains की तैयारी में हरि ने भी श्री की पढ़ाई में मदद की रात में भी श्री ने पढ़ना शुरू कर दिया  हरि उसकी मदद करता रात में उसके लिए कॉफी बनाना खाने पीने के लिए कुछ न कुछ देके आता रहता ताकि पढ़ते वक्त श्री को नींद न आए ऐसा करते करते श्री और हरि भी एक दूसरे के अच्छे दोस्त बन गए। 😌

अब वो दिन आया जब श्री के mains एग्जाम start हो गए हरि श्री को एग्जाम दिलाने लेकर गया । श्री ने एग्जाम दिया बहार आ गई हरि बाहर ही उसका इंतजार कर रहा था । श्री ने कहा आप तब से यही खड़े थे । हरि ने कहा hmmm 
श्री ने कुछ नहीं बोला गाड़ी में आ कर बैठ गई हरि ड्राइविंग शीट पर आ कर बैठ गया । 
हरि ने कार एक रेस्टोरेंट की तरफ मोड़ दी श्री ने कहा घर तो उस तरफ है कहा जा रहे है हम ?
हरि ने मजाकिया लहजे में कहा डेट पर जा रहे है हम 😜
श्री ने हरि को घूरा और कहा चुप चाप घर पर चलिए हमे कही और नहीं जाना वैसे भी हम बहुत थक गए है कृपा कर के घर चलिए बस 🤨
हरि ने कहा नहीं अब तो तुम्हे वही जाना पड़ेगा जहां मैं तुम्हे लेकर जाउंगा और अभी हम डेट पर जा रहे है बस 🥰
श्री ने कहा ये क्या कहे रहे है आप देखिए हमें आपके साथ कही नहीं जाना कृपा कर घर चलिए । 🤨
हरि समझ गया कि अगर अब उसने और मजाक किया तो श्री नाराज हो जाएगी । 😐
हरि ने कहा अरे (या )सॉरी वो मेरा मतलब है  श्री तुम भी न मेरा मजाक नहीं समझती 😅 इतना सीरियस क्यूं हो जाती हो मैं तो ये कहे रहा था कि घर पर कोई भी नहीं है तुम और मैं ही है बस बाकी सब तो हरिद्वार गए है गंगा स्नान के लिए तुम और मैं घर पर बोर हो जाएंगे मैने सोचा कि हम दोनों रेस्टोरेंट में खाना खा लेते है 😋
श्री को अपनी गलती का अहसास हुआ उसने हरि को सॉरी बोला 😳
हरि ने कहा कोई बात नहीं और दोस्ती में नो सॉरी नो थैंक्यू समझी 🙂‍↕️
फिर हरि ने श्री से पूछना चाहा उसने श्री से पूछा श्री तुम ऐसी क्यूं हो तुम कभी अपनी खुशी के बारे में नहीं सोचती हमेशा तुम्हे दूसरों की पढ़ी रहती है 🙂अपनी सारी भावनाओं को मारती रहती हो हमेशा क्यूं श्री तुम क्यूं करती हो ऐसा । 🥲
श्री अभी इन सब के बारे में कोई बात नहीं करना चाहती थी उसने हरि से कहा देखिए हरि जी आप हमारे एक बहुत अच्छे दोस्त है हम आपको बहुत मानते है पर कृपा कर आप हमारे निजी जीवन के बारे में हमसे कुछ न पूछे हम आपको नहीं बता सकते कि हम ऐसे क्यूं है 😔। बस इतना समझ लीजिए कि हम बचपन से  ऐसे ही है । हरि ने कहा श्री श्री तुम समझ नहीं रही हो मैं जो तुमसे कहना चाहता हूं 😐
श्री चुप रही 😔
दोनों थोड़ी देर में रेस्टोरेंट पहुंच गए दोनों ने खाना खाया ।
खाना खाते हुए हरि ने कहा श्री मेरी बात सुनो देखो श्री अब तुम्हारे एग्जाम भी हो गए और मुझे पूरा विश्वास है कि तुम्हारा रिजल्ट बहुत अच्छा आयेगा ☺️। और अब मै तुम्हे कुछ बताना चाहता हु क्यूंकि अब तुम्हारे एग्जाम हो गए है और इंटरव्यू के बाद तुम अपने घर चली जाओगी  🥲। मैं नहीं चाहता कि और देर हो इसलिए तुम्हे कुछ बताना चाहता हु श्री देखो मैं नहीं जानता कि तुम क्या सोचती हो मेरे बारे में लेकिन मेरे मन में बहुत कुछ है जो में तुम्हे बताना चाहता हु इसे पहले की देर हो जाए श्री मैं तुमसे ...😶‍🌫️
हरि कहने ही वाला था कि श्री ने उसे हाथ के इशारे से आगे बोलने से मना कर दिया😐 श्री ने कहा देखिए हरि जी हम जानते है कि आपको क्या कहना है लेकिन हमारे जीवन में उन सब बातों का कोई मूल्य नहीं है कृपा कर के हमसे इस तरह की बाते मत कीजिए  घर पर कोई नहीं है हमें घर चलना चाहिए please ।🥲

श्री बात पलटकर चुप चाप कार में आ कर बैठ गई । हरि भी कार में आ गया दोनों में से किसी ने भी पूरे रस्ते बात नहीं करी दोनों चुप चाप वहां से घर आ गए 😐। हरि की अब हिम्मत नहीं थी कि वो श्री को अपने मन की बात बताए 😔श्री वो तो शुरू  से ही अपने मन की भावनाएं मारती हुई आ रही थी और अब किसी भी तरीके से अपने मन की बात को स्वीकार नहीं करना चाहती थी 😔।

उसके मन में अपने शरीर को लेकर एक हीन भावना रहती थी और डॉक्टर ने उसे बताया था कि अगर उसकी कभी शादी हुई तो आने वाली संतान भी उसी की तरह होगी (कुरूप )कह सकते है ।😔

श्री के मन में यही था कि वो किसी के भी आने वाले वंश को बर्बाद नहीं होने देगी जो उसके साथ हुआ वो आने वाली संतान के साथ नहीं होगा । जो अपमान उसने साहा वो कोई और नहीं सहेगा। ये रोग उसके साथ ही खत्म हो जाएगा। इसके लिए एक ही उपाय है कि श्री कभी शादी न करे और एक साध्वी का जीवन जिए ये सारी बाते श्री अपने आप को बचपन से समझाती रही 🥲
लेकिन जब उसकी मम्मी ने उसे हरि और उसके रिश्ते के बारे में बताया जो कि उसके जन्म लेने से पहले ही बन गया था । वो अपनी भावनाओं पर काबू नहीं कर पा रही थी पर उसे करना था अपने भगवान को पाने के लिए क्यूंकि अब उसकी भक्ति भी बहुत प्रबल हो गई थी और वो अपने प्रभु नारायण का मार्ग किसी किम्मत पे नहीं छोड़ना चाहती थी उसे अब एक साध्वी  का जीवन जीना था । 



धन्यवाद🙏
🙏🏻🙌🏻🕉️