Punishment.....without fault - 6 in Hindi Short Stories by Soni shakya books and stories PDF | सजा.....बिना कसूर की - 6

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सजा.....बिना कसूर की - 6

तभी भूमि आते हुए दिखाई देती है।

आकाश ऐसे खुश होता है मानो कोई खजाना मिल गया हो।

भूमि ने चारों ओर नजर फैला कर देखा, उसे कॉर्नर की टेबल पर बैठा हुआ आकाश दिखाई दिया।

आकाश ने भी भूमि को देख लिया था उसने हाथ उठा कर अपनी उपस्थिति जाहिर की। 

भूमि टेबल की और चल पड़ी जाते ही आकाश से बोली गुड इवनिंग !!

आकाश मैं भी गुड इवनिंग कहा और खड़े होकर भूमि के लिए कुर्सी खींची और भुमि को  बैठाया फिर खुद भी अपनी कुर्सी पर बैठ ‌गया।

कुर्सी पर बैठते ही बोला-बहुत खूबसूरत लग रही हो !

भूमि बोली --मैं इतनी सुंदर भी नहीं हुं।

साधारण सी लड़की  हुं और  साधारण सा  ही मेरा रहन सहन है।

आकाश बोला-- जो भी हो मेरे लिए तो बहुत खूबसूरत हो !

और वैसे भी जो जितना साधारण रहता है उतना ही ज्यादा  सुंदर होता है।

और मुझे आपकी शादगी ने अपना कायल बना लिया है।

भूमि बोली --अच्छा जी !!

आकाश बोला --हां जी !! अब बताइए क्या लोगे आप।

भूमि ने चाय के साथ एक सैंडविच आर्डर किया और आकाश ने सिर्फ चाय ।

और फिर बातो ही बातो में कब एक घंटा बीत गया पता ही नहीं चला ।

इस बीच भुमि भरसक प्रयास करती रही कि किस तरह अपने अतीत का पन्ना आकाश के सामने खोला जाए ।

और फिर..

आखिरकार भूमि ने आकाश से हिम्मत करके कह ही दिया कि.. आज से 13सल पहले मेरे साथ एक घटना हुई थी जो मैं आपको बताना चाहती हूं।

तो आकाश बोला --हां याद आया तुम उस दिन भी मुझसे कहना चाहती थी ।

13 साल पहले की बात मतलब जब तुम 13 साल की थी। 

भूमिन ने कहा--हां तब मैं 13 साल की थी।

फिर आकाश बोला --क्या यार भूमि, हम यहां बैठ कर अपना भविष्य संवारने की बात कर रहे हैं और आप अतीत लेकर बैठी हो।

और वह भी बचपन की बात। 

मैंने कहा ना मुझे आपके अतीत से कोई  लेना-देना नहीं है।

मैं बस इतना जानना चाहता था कि आपके जीवन में कोई और तो नहीं है जो मैंने जान लिया।

और आगे भी बस इतना ही चाहता हूं कि आप जीवन भर मेरे साथ रहे।

हम दोनो एक दूसरे का ताउम्र साथ निभाएं, बस इससेेे ज्यादा और कुछ नहीं चाहिए मुझे।

भूमि चुप थी।

फिर आकाश बोला--कहो ना भूमि मेरा साथ निभाओगी ना  ?

भूमि ने सहमति जताते हुए कहा--हां जरूर निभाऊंगी पर, आप एक बार सुन लेते तो अच्छा होता !

आकाश बोला --अब जाने भी दो भूमि बस इतना याद रखो कि हमने एक दूसरे को स्वीकार किया है।

आकाश फिर बोला--तुम खुश तो होना भूमि !!

भूमि ने कहा-- हां मैं बहुत खुश हूं।

आकाश खुशी से उछलते हुए बोला --ये हुई ना कोई बात !!

चलो फिर इसी बात पर थोड़ा लॉन्ग ड्राइव पर चलते हैं। 

भूमि ने कहा-- नहीं बहुत टाइम हो गया है अब हमें घर चलना चाहिए।

आकाश बोला --इतनी जल्दी !अभी तो बातें शुरू ही हुई है।

भूमि मुस्कुराते हुए बोली --बाकी बातें मोबाइल पर कर लीजिएगा हजूर !!

अच्छा जैसी आपकी इच्छा आकाश बोला।

तो चलो मैं आपको घर तक छोड़ देता हूं।

भूमि ने  में कहा --मेहरबानी के लिए शुक्रिया हुजुर पर मैं अपनी स्कूटी साथ लाई हूं।

आकाश बोला-आपने तो ये मौका भी छीन लिया ।

कोई बात नहीं शादी के बाद आपकी बाइक पर ही घूमेंगे  भूमि ने कहा 

आकाश बोला --बात तो आपकी सही है पर शादी से पहले घूमने का मजा ही अलग होता है।

भूमि प्रश्न वाले अंदाज में बोली --आपको बहुत पता है !!

आकाश बोला --क्यों नहीं मेरे दोस्त बताते हैं जो अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर घूमते रहते हैं ।

इस बात पर भूमि बोली --अपने गर्लफ्रेंड नहीं बनाई ,??

आकाश मुस्कुराते हुए बोला --हमारी कुंडली में तो एक ही लड़की लिखी है वही गर्लफ्रेंड होगी और पत्नी भी ‌वही होगी।

भूमि ने मुस्कुराते हुए अपनी नज़रें झुका ली । फिर बोली चलो अब  घर चलते हैं ।

दोनों स्टैंड से गाड़ी उठा कर इस्माइल के साथ एक दूसरे को बाय कहते हैं और अपने -अपने घर की ओर चल देते हैं।

भुमि के घर पहुंचते ही ...