कोमल की बात पर रुद्रा PK हैरान हो जाता है और अपने माथे पर हाथ रखकर धिरे से बुदबुदाता है --
PK :- जिसका डर था वही हूआ । अब हस सब गए काम से ।
तब रुद्रा Pk से धिरे से कहता है ।
रुद्रा :- मैं कल से यही सौच रहा था के इतने मॉडन लड़की और एरेंज मेरिज ? ये शादी तो ये नही करने वाली ।
पि के :- सही है यार पता नही कौन हराम खौर होगा । जिसके लिए ये सब हो रहा है । मुझे तो उसकी सक्ल दैखना है । कैसा होगा पता नही वो कुत्ता ।
कोमल के इतना कहने पर किशन कुमार समेत सभी दंग जाता है । कोमल किशन कुमार के पास जाकर कहती है ।
कोमल :- पापा । आप ही कहते हो ना के जो चिज बेकार हो उसे घर मे नही रखनी चाहिए । पर ये तो मेरे लाईफ की सबसे बड़ा डिसीजन है पापा ।
कोमल की बात की को सुनकर राजबीर गुस्से से कहता है ।
राजबीर: - ऐ , मैं कोई चिज हूँ जो तुम मेरे बारे मे ऐसा बोल रही हो ।
राजबीर का गुस्सा दैखकर किशन कुमार उसे सांत रहने का इशारा करता है और फिर कोमल से कहता है ।
किशन कुमार :- बेटी सारे मेहमान आ गए है । अगर ये सगाई नही हूई तो मैं क्या मुह दिखाउंगा । लोग क्या कहेगें । कम से कम मेरी इज्जत का तो ख्याल करो ।
पूरा मंडप फिर से सन्नाटे में डूब गया , मंत्री किशन कुमार धीरे से बोले--
किशन कुमार :- “बेटा… ये गुस्से का वक्त नहीं है। समाज है, इज़्ज़त है, लोग क्या कहेंगे?”
कोमल की आंखें भर आईं, पर अब भी उसकी आवाज़ मजबूत थी , कोमल अपने पापा से कहता है --
कोमल :- पापा, इज़्ज़त उससे नहीं बचती जो लड़कियों को गलत नज़र से देखे। अगर मेरी शगाई इससे हूई तो आप अपनी बेटी को खो दोगे पापा , मैने इसके नजरो मे मेरे लिए कुछ और ही है पापा ।
इतना सुनकर राजवीर का चेहरा लाल हो गया,पर अभी तक कुछ बोला नहीं…शिकार की तरह इंतज़ार कर रहा था।
उधर रुद्रा और P.K. को अब तक यही लग रहा था कि
लड़की राजवीर से मना कर रही है…उन्हें ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि अगला धमाका किस पर गिरने वाला है।
किशन कुमार :- पर बेटी , अगर शगाई नही हूई तो बहुत बदनामी होगी ।
तभी कोमल ने कहा—
कोमल :- सगाई होगी ना, पापा...
( सभी एक पल के लिए रुकी)
कोमल :- यहीं होगी… अभी होगी।
ये सुनकर P.K. की आँखें बाहर आ गईं—
PK :- हे भगवान…!
वो धीरे से बुदबुदाया,
Pk :- मुझे पता था… मुझे पूरा-पूरा पता था ऐसा ही कुछ होने वाला है!”
रुद्र ने पूछा—
रुद्रा :- क्या पता था?”
P.K. फट पड़ा—
PK :- ये देश, ये समाज, ये किस्मत…हमेशा गलत आदमी को ही पकड़ती है! अब पता नही वो लड़का कौन है ।
उसने चारों तरफ़ देखा और बोलना शुरू किया—
pk :- अब बताओ! लड़की बदनसीब है या लड़का? या फिर वो बेचारा राजवीर ,
जो शगाई करने आया था और खुद फंस गया!
रुद्र भी अब चुप नहीं रहा , रुद्रा Pk से कहता है —
रुद्रा :- सही कह रहा है P.K. आजकल सगाई नहीं, साज़िश होती है। पता नही कब क्या हो जाए , कोई नही कह सकता और आज बदनसीब वही होगा , जिसका नाम ये लड़की लेने वाली है ।
P.K. ने हाथ जोड़ लिए और रुद्रा से कहा —
PK :- हे प्रभु! अगर आज यहां सगाई हो गई ना, तो मैं सन्यास ले लूंगा…और फिर एक यूट्यूब चैनल खोलूंगा जिसका नाम होगा —
" अचानक हूआ हमला ।" मैं यकिन के साथ कह सकता हूँ के आज यहां पर कोई शगाई नही होगी ।
तब कोमल की मां रत्ना कोमल से कहती है --
रत्ना :- पर बेटी , कौन है वो और कहां पर है ?
किशन कुमार :- क्या बात है बेटी खुल के बताओ ।
कोमल :- पापा मैं किसी से प्यार करती हूँ ।
रत्ना के इतना पर रुद्रा धिरे से कहता है ।
रुद्रा :- मुझे तो पहले ही पता था के ये शगाई नही होगी ।
किशन कुमार: - पर बेटा कल तो मैने ...!
रत्ना बात को बिच मे काट कर कहती है ।
कोमल :- तो आज बता रही हूँ ना पापा । वैसे भी ये मुझे बहोत गंदे तरीके से दैखता है । मुझे ये लड़का पंसद नही । जब से आया है इसकी मुझे गंदे तरीके से घुरे जा रहा है ।
राजबीर: - हेय....!
राजबीर कुछ कहता इससे पहले अशोक उसे रौक लेता है ।
किशन कुमार: - तो फिर अब तुझे कौन पसंद आ गया ?
किशन कुमार के इतना कहने पर रुद्रा पि के की और दैखकर कहता है ।
रुद्रा :- बेचारा । जिसको ये चाहेगी कितना अभागा होगा ना । अब पता नही ये किसका नाम लेगी ।
किशन कुमार के इतना कहने पर कोमल रुद्रा की और हाथ बड़ाकर कहती है ।
कोमल:- इनसे । मैं इनसे शादी करना चाहती हूँ ।
कोमल के ये कहने पर रुद्रा PK की और दैखता है रुद्रा को ये पता नही होता है के कोमल उसकी और हाथ बड़ा दिया है , रुद्रा PK और धिरे से रहता है ।
रुद्रा :- कौन है वो अगाभा pk किसकी और इशारा किया है इसने ? Pk कोमल का इशारा समझ जाता है , Pk का गला डर के मारे सुखने लगा था , Pk जानता था के अब मंत्री और उसके लोग उन सभी को जान से मार देगें । क्योकी उसकी बेटी शगाई रुद्रा कारण टुट रहा था ।
pk रुद्रा से घबराते हूए कहता है --
पि के :- उ.....धर दैख भ.....भाई ।
पि के के कहने के बाद रुद्रा सबकी और दैखता है । सभी रुद्रा को ही दैख रहा था । ये दैखकर रुद्रा हैरान हो जाता है , ये सब दैखकर Pk से कहता है ।
रुद्रा :- परमानंद ... ये सब मुझे क्यों दैख रहे है । ये लोग मुझे ऐसै क्यों घुर रहे है ?
तभी किसन कुमार अपना कदम रुद्रा की बड़ाने लगता है , जैसे - जैसे किसन कुमार का कदम रुद्रा की बड़ रहा था , वैसे - वैसे रुद्रा ऐर Pk का दिल धड़कने लगा था । मंत्री किसन कुमार रुद्रा के पास आने लगता है । तो रुद्रा Pk से धिरे से कहता है ।
रुद्रा :- Pk ये मंत्री जी मेरे तरफ ही क्यों आ रहे है ?
रुद्रा अपने आगे पिछे औल आजु -बाजु दैखने लगता है , उसे लगा शायद कोई और हो जिसके पास किशन कुमार आ रहा हो । पर किशन कुमार रुद्रा के कंधे पर हाथ रखकर कहता है ।
किशन कुमार: - मेरी बेटी ने जो कहा क्या वह सच है ?
To be continue. ...