रुद्रा कहता है --
रुद्रा :- बहुत ज्ञान है तुझे परमानंद मधुमक्खी के बारे मे । लगता है मधुमक्खी से तेरा बहोत पुरानी दोस्ती रही होगी , तभी तुझे इतना पता है ।
रुद्रा की बात पर पि के चुप हो जाता है और फ्र रुद्रा शिव नारायण से कहता है --
रुद्रा :- क्या बाबा आप भी क्या इसके बातो को सुन रहे हो , ये तो कुछ भी बोलते रहता है , आप चलिए बहुत काम है ।
इतना बोलकर रुद्रा सबको बाहर कर देता है , और पिछे - पिछे जाने लगता है , तब पि के पिछे मुड़कर रुद्रा को दैखता है , रुद्रा कोमल के सामने से गुजर रहा था तो कोमल रुद्रा् को आंख मारती है और एक फ्लाईग किस रुद्रा को देती है , रुद्रा घबरा जाता है और ये दैखकर पि के हैरान हो जाता है और पि के फिर चिल्लाता है --
पि के :- मधुमक्खी. .. म....मधुमक्खी । मुझे पता चल गया मधुमक्खी कौन है ?
शिव नारायण पि के नाराज होकर कहता है --
शिव नारायण: - हट , चल यहां से , सांड जैसा हो गया हौ और तुझे अब पता चल रहा है के मधुमक्खी कौन है । जब काटा था तब नही दैखा , अब इसे मधुमक्खी दिख रहा है ।
कोमल रुद्रा को उससे डरते हूए दैखकर मुस्कुराने लगती है । और वहां से चली जाती है ।
इधर भीमा का एक आदमी भीमा के पास भागकर आता है भीमा अंधेरे मे सिगरेट का कस्त लगा रहा था । भीमा के आस पास धुंआ ही धुआ उड़ रहा था वो आदमी भीमा के पास आकर भीमा से कहता है ।
आदमी :- भाई । वो हमारा माल ....!
इतना सुनकर भीमा सिगरेट का कस्त लगाते हूए कहता है ।
भीमा :- क्या हूआ तुम इतने घबराये क्यों हो ?
वो आदमी घबराते हूए कहता है ।
आदमी :- भाई वो हमारा माल और लड़कीयों को किसीने अपने अड्डे से छुड़ाकर ले गया और ड्रग्स के ट्रक को पुलिस के हवाले कर दिया है ।
इतना कहते हूए वो आदमी रुक जाता है और भीमा कहता है --
भीमा :- क्या ये कैसे हो गया, किसने किया ये ?
आदमी :- पता नही भाई । पर भाई अगर दौ दिन मे माल मुर्शीद तक नही पहूँचा तो ...!
भीमा कहता है --
भीमा :- दौ दिन मे माल मुर्शीद तक जरुर पहूँचेगा । तुम जाओ लड़के को तैयार करो और गाड़ी निकालो । मैं भी तो देखु को किसने इतना हिम्मत हो गया के वो भीमा के माल को ले जा सके ।
आदमी :- जी भाई ।
भीमा के इतना कहने पर वो आदमी वहां से चला जाता है । तभी कुछ लड़के बंदूक लेकर भीमा के साथ बहोत से गाड़ीयो मे निकलता है । भीमा वहां पर बैठकर निकल जाता है । गाड़ी मे बैठने के बाद भीमा का कॉल आता है जिसमे मुर्शीद का कॉल था । भीमा फोन रिसिव करता है । उधर से मुर्शीद की आवाज आती है ।
मुर्शीद :- भीमा..! क्या रे , तुझे माल अभी तक नही मिला क्या । कोई तेरे माल को तेरे लोगो के सामने सो उठा ले गया और तुझे पता ही नही चला । तेरे से ये काम नही होगा तो बोल । तेरे से भी अच्छे और भी लोग है जो इस काम को कर सकता है ।
भीमा अकड़ के साथ कहता है --
भीमा :- आप बिल्कुल भी चिंता मत करो भाई , माल डिलिवर कल करना है ना । माल दौ दिन बाद डिलिवर हो जाएगा । मैं उसे कही से भी ढुंड कर ले आउगां ।
मुर्शीद फिर कहता है --
मुर्शीद :- मुझे तेरे पे भरोसा है भीमा । इसिलिए मैं तुझ पर भरोसा कर रहा हूँ , याद रहे कल माल मिल जाना चाहिए पर अगर तुम माल नही ला पाए तो ?
भीमा झट से कहता है --
भीमा :- तो भीमा का सर आपके पास होगा ।
मुर्शीद भीमा से कहता है --
मुर्शीद :- मुझे तेरे पे भरोसा है भीमा । पर अगर तुम माल नही ला पाए तो ?
भीमा :- तो भीमा का सर आपके पास होगा ।
सगाई वाली रात सभी पार्टी को इंज्वाई कर रहे थे । पार्टी मो शहर के बड़े - बड़े लोग , बिजनेसमैन, नेता , मिनिस्टर और प्रशासनिक लोग भी मौजुद थे ।
स्टेज पर कोमल और राजबीर दोनो ही एक दुसरे के पास खड़े थे , दोनो को दैखकर सभी बहुत खुश थे । सभी बहोत खुश नजर आ रहे थे । राजबीर कोमल को अभी भी गंदी नजरो से दैख रहा था ।
जो कोमल को बिल्कुल भी पंसद नही आ रहा था । कोमल मन ही मन सौचती है --
" पता नही पापा ने इस गंदे इसांन को कहां से पकड़कर ले आए है , मुझे तो इसकी और दैखने मे भी घिन्न आ रही है । कोमल कुछ कोमल , वरना तेरी शादी कही सच मे इससे ना हो जाए । "
कोमल इतना सोचती ही है के तभी उधर से रुद्रा माथे पर त्रिपूंड लगाकर अपने हाथ और बाहों पर भी भस्म का त्रिपूंड लगाकर आता है । गले मे रुद्राक्ष की माला पहने और रुद्रा एक सफेद गमछा औड़े आ रहा था । रुद्रा को दैखकर कोमल और वहीं पर बाकी लड़कियां भी दैखती रह जाती है । और आपस मे रुद्रा के बारे मे बात करनो लगती है ।
उन मे एक लड़की कहती है --
लड़की :- ये पंडित तो बहुत ही ज्यादा हेंडसम है , अगर मेरी शादी हो गई तो मैं इसे हमेशा खुश रखुगीं । हाय कितना हेंडसम है ।
तभी दुसरी लड़की जो थोड़ी मोटी है वो कहती है --
मोटी लड़की :- और अगर मेरी शादी इससे हो जाए तो मैं ... ( शर्माती हूई कहती है ) तो मैं उसे घर से बाहर ही जाने नही दूगीं ।
पि के ये सब सुनकर हैरान था , पि के को रुद्रा से जलन भी हो रहा था क्योकी वहां पर मौजुद सारी लड़किया रुद्रा को ही दैख रही थी ।
रुद्रा को दैखकर सारी लड़किया उसकी और दैखने लगती है ये पि के को पता चल जाती है ।
रुद्रा वहां पर आकर पि के के पास खड़ा हो जाता है तो पि के रुद्रा से कहता है --
पि के :- तुममे जरा सा भी अक्ल है के नही ।
रुद्रा :- ऐसा क्यों बोल रहा है परमानंद ?
पि के :- इतना स्टाईल मारकर आने की क्या जरुरत थी । तेरी वजह से सारी लड़कियों का सोच भ्रष्ट हो रहा है , तुझे पता है ।
रुद्रा ( मासुमियत से ) :- क्या ... सच मे ऐसा हूआ क्या ? मेरी वजह से इन कन्याओं का विचार भ्रष्ट हो रहा है ?
To be continue.....