The Last Promise - 8 in Hindi Crime Stories by CHIRANJIT TEWARY books and stories PDF | The Last Promise - 8

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The Last Promise - 8

रुद्रा कहता है --

रुद्रा :- बहुत ज्ञान है तुझे परमानंद मधुमक्खी के बारे मे । लगता है मधुमक्खी से तेरा बहोत पुरानी दोस्ती रही होगी , तभी तुझे इतना पता है ।

रुद्रा की बात पर पि के चुप हो जाता है और फ्र रुद्रा शिव नारायण से कहता है --

रुद्रा :- क्या बाबा आप भी क्या इसके बातो को सुन रहे हो , ये तो कुछ भी बोलते रहता है  , आप चलिए बहुत काम है ।

इतना बोलकर रुद्रा सबको बाहर कर देता है , और पिछे - पिछे जाने लगता है , तब पि के पिछे मुड़कर रुद्रा को दैखता है , रुद्रा कोमल के सामने से गुजर रहा था तो कोमल रुद्रा् को आंख मारती है और एक फ्लाईग किस रुद्रा को देती है , रुद्रा घबरा जाता है और ये दैखकर  पि के हैरान हो जाता है  और पि के फिर चिल्लाता है --

पि के :- मधुमक्खी. .. म....मधुमक्खी । मुझे पता चल गया मधुमक्खी कौन है ?

शिव नारायण पि के  नाराज होकर कहता है --

शिव नारायण: - हट , चल यहां से , सांड जैसा हो गया हौ और तुझे अब पता चल रहा है के मधुमक्खी कौन है । जब काटा था तब नही दैखा , अब इसे मधुमक्खी दिख रहा है ।

कोमल रुद्रा को उससे डरते हूए दैखकर मुस्कुराने लगती है । और वहां से चली जाती है ।


इधर भीमा का एक आदमी भीमा के पास भागकर आता है भीमा अंधेरे मे सिगरेट का कस्त लगा रहा था । भीमा के आस पास धुंआ ही धुआ उड़ रहा था वो आदमी भीमा के पास आकर  भीमा से कहता है । 

आदमी :- भाई । वो हमारा माल ....! 

इतना सुनकर भीमा सिगरेट का कस्त लगाते हूए कहता है । 
भीमा :- क्या  हूआ तुम इतने घबराये क्यों हो ?

वो आदमी घबराते हूए कहता है ।


आदमी :- भाई वो हमारा माल और लड़कीयों को किसीने अपने अड्डे से छुड़ाकर ले गया और ड्रग्स के ट्रक को पुलिस के हवाले  कर दिया है । 


इतना कहते हूए वो आदमी रुक जाता है और भीमा  कहता है --

भीमा :- क्या ये कैसे हो गया, किसने किया ये ?

आदमी :- पता नही भाई । पर भाई अगर दौ दिन मे माल मुर्शीद तक नही पहूँचा तो ...!

भीमा कहता है --

भीमा :-  दौ दिन मे माल मुर्शीद तक जरुर पहूँचेगा । तुम जाओ लड़के को तैयार करो और गाड़ी निकालो । मैं भी तो देखु को किसने इतना हिम्मत हो गया के वो भीमा के माल को ले जा सके ।

आदमी :- जी भाई ।

भीमा के इतना कहने पर वो आदमी वहां से चला जाता है । तभी कुछ लड़के बंदूक लेकर भीमा के साथ बहोत से गाड़ीयो मे निकलता  है । भीमा वहां पर बैठकर निकल जाता है । गाड़ी मे बैठने के बाद भीमा का कॉल आता है जिसमे मुर्शीद का कॉल था । भीमा फोन रिसिव करता है । उधर से मुर्शीद  की आवाज आती है । 

मुर्शीद :- भीमा..! क्या रे , तुझे माल अभी तक नही मिला क्या । कोई तेरे माल को तेरे लोगो के सामने सो उठा ले गया और तुझे पता ही नही चला । तेरे से ये काम नही होगा तो  बोल । तेरे से भी अच्छे और भी लोग है जो इस काम को कर सकता है ।

भीमा अकड़ के साथ कहता है --


भीमा :- आप बिल्कुल भी चिंता मत करो भाई , माल  डिलिवर कल करना है ना । माल दौ दिन बाद  डिलिवर हो जाएगा । मैं उसे कही से भी ढुंड कर ले आउगां ।

मुर्शीद फिर कहता है --

मुर्शीद :- मुझे तेरे पे भरोसा है भीमा । इसिलिए मैं तुझ पर भरोसा कर रहा हूँ , याद रहे कल माल मिल जाना चाहिए  पर अगर तुम माल नही ला पाए तो ?

भीमा झट से कहता है --

भीमा :- तो भीमा का सर आपके पास होगा ।


मुर्शीद भीमा से कहता है --

मुर्शीद :- मुझे तेरे पे भरोसा है भीमा । पर अगर तुम माल नही ला पाए तो ?

भीमा :- तो भीमा का सर  आपके पास होगा ।

सगाई वाली रात सभी पार्टी को इंज्वाई कर रहे थे । पार्टी मो शहर के बड़े - बड़े लोग , बिजनेसमैन,  नेता , मिनिस्टर और प्रशासनिक लोग भी मौजुद थे ।

स्टेज पर कोमल और राजबीर दोनो ही एक दुसरे के पास खड़े थे , दोनो को दैखकर सभी बहुत खुश थे । सभी बहोत खुश नजर आ रहे थे । राजबीर कोमल को अभी भी गंदी नजरो से दैख रहा था । 

जो कोमल को बिल्कुल भी पंसद नही आ रहा था । कोमल मन ही मन सौचती है --

" पता नही पापा ने इस गंदे इसांन को कहां से पकड़कर ले आए है , मुझे तो इसकी और दैखने मे भी घिन्न आ रही है । कोमल कुछ कोमल , वरना तेरी शादी कही सच मे इससे ना हो जाए । "

कोमल इतना सोचती ही है के तभी उधर से रुद्रा माथे पर त्रिपूंड लगाकर अपने हाथ और बाहों पर भी भस्म का त्रिपूंड लगाकर आता है । गले मे रुद्राक्ष की माला पहने और  रुद्रा एक सफेद गमछा औड़े आ रहा था । रुद्रा को दैखकर कोमल और वहीं पर बाकी लड़कियां भी दैखती रह जाती है । और आपस मे रुद्रा के बारे मे बात करनो लगती है ।

उन मे एक लड़की कहती है --

लड़की :- ये पंडित तो बहुत ही ज्यादा हेंडसम है , अगर मेरी शादी हो गई तो मैं इसे हमेशा खुश रखुगीं । हाय कितना हेंडसम है ।

तभी दुसरी लड़की जो थोड़ी मोटी है वो कहती है --

मोटी लड़की :- और अगर मेरी शादी इससे हो जाए तो मैं ... ( शर्माती हूई कहती है ) तो मैं उसे घर से बाहर ही जाने नही दूगीं ।

पि के ये सब सुनकर हैरान था , पि के को रुद्रा से जलन भी हो रहा था क्योकी वहां पर मौजुद सारी लड़किया रुद्रा को ही दैख रही थी । 

रुद्रा को दैखकर सारी लड़किया उसकी और दैखने लगती है ये पि के को पता चल जाती है ।

रुद्रा वहां पर आकर पि के  के पास खड़ा हो जाता है तो पि के रुद्रा से कहता है --

पि के :- तुममे जरा सा भी अक्ल है के नही ।

रुद्रा :- ऐसा क्यों बोल रहा है परमानंद ?

पि के :- इतना स्टाईल मारकर आने की क्या जरुरत थी । तेरी वजह से सारी लड़कियों का सोच भ्रष्ट हो रहा है , तुझे पता है ।

रुद्रा ( मासुमियत से ) :- क्या ... सच मे ऐसा हूआ क्या ? मेरी वजह से इन कन्याओं का विचार भ्रष्ट हो रहा है ?


To be continue.....