The Last Promise - 9 in Hindi Crime Stories by CHIRANJIT TEWARY books and stories PDF | The Last Promise - 9

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The Last Promise - 9

रुद्रा ( मासुमियत से ) :- क्या ... सच मे ऐसा हूआ क्या ? मेरी वजह से इन कन्याओं का विचार भ्रष्ट हो रहा है ?

पि के :- और नही तो क्या , और इन लड़कियो को दैखो , इन्हें तो बिल्कुल भी अक्ल नही है । मुझे दैखो मैं कैसे रहता हूँ , ऐसे रहना चाहिए मेरे जैसा  ताकी किसी की सोच मे विकार ना आए ।

पि के के इतना कहने पर वो मोटी लड़की कहती है --

मोटी लड़की :- तुझे दैखकर तो उल्टी भी ना आए , गलत बात तो दुर की बात है । और अगर कभी तुझे दैखकर गलत विचार आना चाहा भी तो मैं खुद अपना गला घोंट लुगीं ।

उस मोटी लड़की से इतना सुनने के बाद पि के चुप हो जाता है उसे बहुत बेइज्जती महसुस होता है ।

कोमल रुद्रा को दैखकर उसकी और दैखती रहती है , पि के को ये भी पता तल जाता है और मन ही मन पि के सोचता है --

" हे भगवान ये मंत्री की बेटी है , मुझे तो पता ही नही था , पर इसकी नजर रुद्रा पर क्यों है , कही इस रुद्रा के चक्कर मे हम सब फस ना जाए ।" 

रुद्रा की नजर कोमल पर जाता है तो कोमल रुद्रा को अपने होंट से किस का इशारा करती है , रुद्रा ये दैखकर चोंक जाता है और पि के ये दैखकर मन मे कहता है --

" ओ .. तो असली मधुमक्खी ये है , पता नही ये रुद्रा और क्या -  क्या करेगा और यो लड़की कैसी है , शादी किसी और से और इशारे बाजी किसी और से ।" 

रुद्रा जब भी कोमल की और दैखता कोमल कभी उसे आंख मारता तो कभी उसे किस का इशारा करती । 

तब शिव नारायण रुद्रा से कहता है --

शिव नारायण: - बेटा रुद्रा .. मुहूर्त का समय हो गया है । 

सफेद धोती, माथे पर चंदन, हाथ में रुद्राक्ष—रुद्र “पंडित रुद्रा” बना हुआ, अग्नि कुंड के सामने बैठा था।

बगल में उसके पिता शिव नारायण शांति से बैठे थे, जैसे उन्हें सब पता हो… और कुछ भी नहीं।

पीछे खड़ा था P.K., जो पंडित कम और यूट्यूब रिएक्शन चैनल ज्यादा लग रहा था।

रुद्र मंत्र पढ़ने लगा—

रुद्रा  :- “ॐ कात्यायनि महामाये…।”

तभी सामने बैठी कोमल ने धीरे से आंख मारी 😉

जिसे दैखकर रुद्र का मंत्र अटक गया—

रुद्रा :- “ॐ कात्या… कात्या… अरे ये कौन सा अध्याय था?”

ये दैखकर P.K. की आंखें फटी रह गईं 

रुद्रा की ये हालत दैखकर कोनल रुद्रा से धीरे से बुदबुदाया --

कोमल :- “पंडित जी, ये मंत्र है या टिक-टॉक?”

कोमल फिर से मुस्कुराई… इस बार थोड़ा ज़्यादा खतरनाक तरीके से।

रुद्र ने गला साफ किया और फिर दोबारा से मंत्र पढ़ना शुरू किया—


रुद्रा :- “ॐ वर कन्या संयोग—”

रुद्रा अतना बोला ही था के तभी रुद्रा के कान के पास कोमल फुसफुसाई --

कोमल :- “मैं आपसे प्यार करती हूँ… और आपसे ही शादी करूँगी।”

ये सुनकर रुद्रा घबराहट से कांपने लगता है , रुद्रा को ऐसे कांपते दैखकर सभी हैरान था 

शिव नारायण कहता है --

शिव नारायण: - क्या बात है रुद्रा , तु इतना कांप क्यो रहा है ?

P k  भगवान को प्रणाम करके कहता है --

PK :- हे भगवान , आज रुद्रा को बचा ले रे , क्योकी आज अगर इसको वजह से कुछ हूआ , तो हम सब मारे जाएगें । 

PK रुद्रा से कहता है -- 

pk :- तु हिम्मत मत हारना रुद्रा,  अपना लंगोट ढिला मत पढ़ने देना , तेरो हाथो मे हम सब की जान अटकी है ।


PK फिर दैखता है के कोमल को जब भी मौका मिलता वो रुद्रा को फ्लाईंग किस दे देती , PK  ये सब दैखकर कहता है --

pk :- लगता है आज ये लड़की रुद्रा और हम सबको मरवा कर ही दम लेगी । पता नही इसने कौन सा कसम खायी है के ये हमारे रुद्रा पर मोहित हो गई है ।



PK फिर दैखता है के कोमल को जब भी मौका मिलता वो रुद्रा को फ्लाईंग किस दे देती , PK  ये सब दैखकर कहता है --

pk :- लगता है आज ये लड़की रुद्रा और हम सबको मरवा कर ही दम लेगी । पता नही इसने कौन सा कसम खायी है के ये हमारे रुद्रा पर मोहित हो गई है ।

शिव नारायण रुद्रा को परेशान दैखकर कहता है --

शिव नारायण: - क्या बात है रुद्रा ? आगे का काम करो , इन्हें अंगूठी दो ।

रुद्रा वहां से इठता है और अंगूठी लेकर वहां कोमल के देता है । उसके बाद रुद्रा दोनो के उज्जवल भविष्य के भगवान से प्रार्थना करता है , और फिर कहता है ।  

रुद्रा :- अब दौनो एक दुसरे को अंगूठी पहनाए । 

रुद्रा के इतना कहने पर कोमल राजवीर को अंगूठी पहननाने लगती है और और रुद्रा की और दैखने लगती है ।

Pk बहुत घबराया था , वो चाहता था के कोमल जल्दी से राजवीर को अंगूठी पहना दे ।  PK  रुद्रा के गले मे गमछा को ठिक कर रहा था । कोमल रुद्रा को दैखती रहती है । जब रुद्रा कोमल की और दैखता है , तो रुद्रा मन ही मन सोचता है । 

रुद्रा :- ये मुझे ऐसे क्यों दैख रही है ।

रुद्रा ये सोचते हूए । वहां से थौड़ा घिसकता है के किशन कुमार के बॉडी गार्ड जिसके हाथ मे गन था रुद्रा गन के नोक से टकराता है । जिसे गन निचे गिर जाता है । टकराने के बाद रुद्रा कहता है ।

रुद्रा :-  सॉरी भाई साहब । 

रुद्रा गन को उठाता है । पर गन को छुते ही रुद्रा के हाथ कांपने लगता है । जिसे दैखकर सभी हंसने लगते है ।  Pk  कोमल के इस तरह से रुद्रा को दैखने से बहोत घबराया हूआ था । 
रुद्रा गन को सिक्योरिटी को दे देता है और कहता  है --

रुद्रा: - असली है ?


बॉडीगार्ड : - हम्म ।

रुद्रा :- लो भाई । संभलो इसे ।

इतना बोलकर रुद्रा गन को उस बॉडिगार्ड को दे देता है ।  अब जब राजबीर कोमल अंगूठी पहनाने जाता है तो कोमल सौच मे पड़ जाती है और अपना हाथ नही बड़ाती है । तब कोमल की मां रत्ना कहती है । 

रत्ना :- बेटी अपना हाथ आगे बड़ाओ ।

रत्ना के कहने पर भी कोमल ने अपना हाथ नही बड़ाया । और कोमल सगाई करने से मना करती हुई कहती है । 

कोमल :- माँ , मैं ये सगाई नही कर सकती ।

कोमल की बात पर रुद्रा PK हैरान हो जाता है और अपने माथे पर हाथ रखकर धिरे से बुदबुदाता है --

PK :- जिसका डर था वही हूआ । अब हस सब गए काम से ।


To be continue....