धनबाद शहर , जहां के सड़को पर अशोक और राजबीर एक building से बाहर भागते हूए दिखता है । दोनो बाप बेटा शहर मे लड़कियों की smuggling और ड्रग्स का धंधा करता है , पर रुद्रा और एंथोनी जो अंडरवर्ल्ड का बबोत बड़ा डॉन है , इन दोनो के रहते शहर मे ये लोग लड़की और ड्रग्स का सप्लाई नही कर पा रहा था ।
जिस कारण से ये लोग आज रुद्रा और एंथोनी को मारने के लिए इकठ्ठा हूआ था । पर इन दोनो को दैखकर ऐसा लग रहा था के जैसे दोनो जान बचाने के लिए भाग रहा है , भागते भागते दोनो की सांस फूली हूई थी । राजबीर और अशोक जैसे ही अपने कार के पास पहूँचता है ।
तभी बिलडीगं के अंदर से गोलियों की आवाजे आने लगता है । गोलियों की आवाज से दोनो बहोत जर जाता है और एक दुसरे की और घबराते हूए देखता है । राजबीर अशोक की और दैखता है , दोनो की डर के मारे हालत खराब हो चुकी थी , वो लोग ऐसे भागकर आए थे जैसे कोई अपने मौत से भाग रहा हो । दोनो ही पसीने से पूरी तरह से भिगं चुके थे और तब राजवीर अपने पापा अशोक से पूछता है ।
राजबीर: - पापा हमे ऐसे भागकर नही आना चाहिए था । हमने बबोत बड़ी गलती कर दी । आज बहोत दिन बाद वो हमारे जाल मे फंसा था । आज उसकी मौत तय थी पापा , हमने जल्दबाजी मे भागकर गलती कर दी और फिर हमारा माल ?
अशोक: - बेटा शेर से जितना हो सके दुर रहो । हमने कोई गलती नही की है , समय रहते हमने जो किया वो बबोत जरुरी था । वो इस जंगल का राजा है । अगर जान रही तो फिर से धंधा सुरु कर सकते है । हमे अपने माल के जाने का दुख नही है , बल्की मुझे खुशी है के हम वहां जिंदा वापस निकल सके ।
अशोक के बात पर उसका बेचा राजबीर हैरान था । राजवीर को समझ मे नही आता है के आखिर उसके पापा उस इंसान से इतना डर क्यों पहा था जबकि राजवीर के हिसाब से वो उसे आज ही मार देता ।
तभी अंदर से भीमा की चिखने की आवाज आती है । भीमा के आवाज मे बहोत दर्द था , दिसे सुनकर दोनो के रोंगटे खड़े हो गए । अशोक बहोत डर जाता है और अशोक का गला सुख जाता है और भीमा की आवाज को सुनकर अशोक कहता है ।
अशोक :- सुन लिया राजवीर , ये भीमा की आवाज थी । अगर अभी हमलोग बाहर ना होते तो ये चिख हमारी होती । उसे कोई नही मार सकता , कोई नही , अगर जान प्यारी है तो अब चलो यहां से ।
इतना बोलकर वो दोनो वहां से चला जाता है । तभी बिलडीगं के अंदर का दृश्य दिखता है । जहां पर मुर्शीद और भीमा खुन से लथपत थे अधमरे की हालत मे थे , दोनो हांफ रहे थे और दोनो के हाथ मे गन था ।
दोनो चेहरे पर मौत का डर साफ दिख रहा था । ऐसा लग रहा था जैसे उसके सामने मौत खड़ी है । तभी वो दोनो अपनी - अपनी गन उठाता है और वहां पर अधमरा पड़ा हूआ एक आदमी जो रुद्रा था , रुद्रा अपने घुटने के बल बैठा हूआ था और उन दोनो को गुस्से से दैख रहा था ।
मुर्शीद और भीमा दोनो ही रुद्रा पर दो दो गोलियां चलाता है । रुद्रा से शरिर पर पहले से ही बहोत सारे घांव थे । उन सबको दैखकर ऐसा लग रहा था जैसे वहां पर बहोत बड़ी लड़ाई हूआ हो । चारो और लासे पड़ी थी और रुद्रा भी खुन से सना था ।
गोली लगने से रुद्रा वही गिर जाता है । उन दोनो पर रुद्रा का इतना खोफ था के वो दोनो के पास तक नही आ पा रहा था । दोनो ही बहोत डरा हूआ था , रुद्रा को मारने के बाद दोनो ही बड़े डर से धिरे - धिरे रुद्रा के पास जाता है ।
भीमा धिरे से रुद्रा के पास जाकर बैठता है और रुद्रा को हिलाकर दैखता है । भिमा के हिलाने पर भी रुद्रा का कोई Reaction नही आता है । तब मुर्शीद भिमा से कहता है --
मुर्शीद: - मरा क्या ?
मुर्शीद घबराए हूए पूछता है , तब भिमा अपना पसीना पोछतें और रुद्रा के सांसो को चेक करते हूए कहता है --
भीमा :- हां .. लगता है मर गया ।
भीमा अपने चारो तरफ नजर घुमाता है तो दैखता है के वहां पर 50 आदमियों का लाश पड़ा था । जिसमे किसीका गर्दन कटा तो किसी का पैर तो किसीका हाथ । जिसे दैखकर उन दोनो का रुह कांप गया था । ऐसा भयानक मौत दैखकर दोनो की हालत खराब हो गई थी , ये विनाश दैखकर मुर्शीद कहता है ।
मुर्शीद: - ये आदमी था या राक्षस । साला अकेले ने इतने सारे को मार डाला, इसने अकेले ही हम सब की फाड़ के रख दी ।
तब भीमा एंथोनी के लाश के पास जाता है और उसके लाश को अपने पैरो से छुता है और कहता है ।
भीमा :- आज से ये पुरा शहर मेरा । मैं हूँ शहर का राजा ।
तब भीमा और मुर्शीद मिलकर एंथोनी और रुद्रा की लाश को एक हाईवा गाड़ी के पिछे रख देता है और उन दोनो की लाशों को ढक देता है और फिर भीमा और मुर्शीद दोनो मिलकर उन दोनो की लाश को ले जाने लगता है कुछ दुर जाकर उन दोनो को एक नदी दिखाई पड़ती है ।
भीमा मुर्शीद की और दैखता है तो मुर्शीद हां मे अपना सर हिलाकर जवाब दो देता है ।
तब भीमा उल नदी मे गाड़ी को गिरा देता है और दोनो ही गाड़ी से कुद जाता है , गाड़ी नदी मे धिरे- धिरे डूबने लगता है , दोनो कुछ दैर खड़ा होकर हाईवा को दैखता है और जब गाड़ी डुबने लगती है तो खुश होकर एक दुसरे से हाथ मिलाता है और तब मुर्शीद खुश होकर भीमा से कहता है --
मुर्शीद :- बहोत दिन बाद हमारा सबसे बड़ा दुश्मन रुद्रा और एंथोनी एक साथ हमारे रास्ते से हट गए ।
भीमा :- बहोत परेशान किया , इन दोनो ने । अब से ये सारा शहर हमारा और अब हम यहां के लड़कियों को दुसरे देश मे बेजेगें इस शहर के सभी नौ जवानो को नशे की आदी बना देगें ।
मुर्शीद :- और फिर होगा राज , हमारा गुजां राज ....!
इतना बोलकर दोनो जौर - जौर से हसने लगता है और वहां से चला जाता है ।
AFTER 5 YEARS
बनारस का गंगा घाट जहां पर बबोबहोतरे लोग थे , और घाट पर जल सांत था फिर अचानक से गंगा नदी मे हलचल होती है और पानी के अंदर से रुद्रा डुबकी लगाता है , जिस रुद्रा को भीमा और मुर्शीद मरा हूआ समझ कर नदी मे फेंक दिया था , वही रुद्रा आज गंगा जी मे स्नान कर रहा था। रुद्रा गंगा जी से स्नान करके बाहर आ रहा था , रुद्रा का बॉडी बहोत अच्छा लग रहा था ।
इधर स्सेट के मंत्री की बेटी की शादी का घर मे पंडित शिव नारायण परेशानी से इधर उधर टहलता है तभी वहां पर पंडित पि के आ जाता है , पि के देखता है शिव नारायण बहोत परेशान था तो पि के शिव नारायण के पास जाता है और हकला कर बोलता है । पि के का पुरा नाम परमानंद थाचुदाया कुमार है ।
इतनी लंबी नाम को उसने शॉट करके पि के रख दिया ।
पि के कहता है --
पि के :- च...च़ाचा , क्या ब....बात है , जो आप इ...इतना परेशान हो ?
पि के को दैखकर शिव नारायण शात्री इधर उधर दैखता जैसे किसी और को ढुंड रहा हो । और फिर गुस्से पूछता है ।
शिव नारायण :- क्या हूआ ... ये तुम पूछ रहे हो ? तुम अकेले क्यों आए हो ? अरे रुद्रा कहां है ?
पि के :- क्या व.व..व वो अभी तक न.. न ..नही पहूँचा । पर व व व वो तो मेरे से प.. प .. पहले ही निकला था ।
शिव नारायण कहता है --
शिव नारायण: - अरे मुर्ख मैने तुझसे कहा था के उसे साथ लेकर आना वर्ना वो भूल जाएगा के आज उसे यहां पर आना है । तुझे तो पता है ना के वो कितना भुलक्कड़ है ।
तभी पि के अपना सर खुदाते हूए कहता है --
पि के :- तो अ....अब क्या करू ?
शिव नारायण: - अरे पगले जल्दी जाओ और उसे लेकर आओ बहोत सारा काम पड़ा है उस की तैयारी करनी है । जाकर लेकर आओ उसे । वो गंगा घाट पर ही होगा जाओ जल्दी ।
पि के :- जी जी अभी ल...ल लेकर आता हूँ ।
इतना बोलकर पि के वहां से चला जाता है और पि के गंगा घाट पर पहूँच जाता है । और गंगा घाट पर रुद्रा का नाम लेकर पुकारता है ।
पि के :- रु....उ….द्रा .... ! अ. अ ओ रुद्रा ।
पि के रुद्रा को ढुडंते हूए उस जगह पर पहूँच जाता है
पि के के इतना कहने पर रुद्रा को दिखाया जाता है । जो गंगा मे डुबकी लगा रहा था । रुद्रा जनेऊ धारी का पिठ दिखता है । रुद्रा एक अच्छी बॉडी वाला लड़का है ,दैखने मे उसका बॉडी बहोत ही तगड़ा है । रुद्रा का चेहरा क्लिन सेव्ड है । रुद्रा हाथ जोड़कर गंगा से डुबकी लगाकर उठता है और शिव मंदिर कि और दैखता है । तो रुद्रा का चेहरा दिखता है । पि के भागते भागते गंगा नदी के पास आता है । रुद्रा शिव मंदिर की और हाथ जोड़कर कहता है --
रुद्रा :- हर हर... महादेव ।
To be continue....