The Last Promise - 5 in Hindi Crime Stories by CHIRANJIT TEWARY books and stories PDF | The Last Promise - 5

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The Last Promise - 5

इधर पि के रुद्रा को जवाब देते हूए कहता है । 

पि के :- ह..हां पर तुम्हें पि...ई... के कहने मे क्या दिक्क.....त है ए...ए ए ए ...( पि के के इतना कहते ही पि के दैखता है सामने फाउंटेन से स्कुटी टकराने वाला है और रुद्रा उपर की दैख रहा है । तो पि के घबराते हूए कहता है ) अ....अरे रुद्रा कि....धर दैख रहा है , स...सामने दैख । ( पि को चिल्लाकर कहता है ) रु.....उ....द्रा सामने दै....दैख ।

इतना बोलकर पि के दैखता है के रुद्रा कोमल की और दैख रहा था तो पि के कहता है --

पि के :- पंडित चला स्कूटी पे, ज्ञान भरा था माथ,
सामने आई चाँद-सी छोरी, फिसल गया सारा साथ।
पीछे बैठा पि के बोला, काँप रही है जान—
“हे पंडित जी, ब्रेक लगाओ, आगे खंभा है महान! ब्रेक रुद्रा. .. ब्रेक।

पि के इतना कहने पर रुद्रा की नजर भी फाउंटेन पर जाता है और रुद्रा ब्रेक लगाता है पर तब तक बहोत दैर हो जाती है । और स्कुटी फाउंटेन से टकरा जाती है । 

रुद्रा और पि के स्कूटी से गिर जाते है । रुद्रा गिरने के बाद ऊपर की दैखता है रुद्रा कोमल को दैखकर झट से उठ जाता है । रुद्रा को दर्द होता है पर रुद्रा कोमल को दैखकर ऐसा दिखाने की कोशिश करता है के जैसे उसे कुछ हूआ ही ना हो । 


तब रुद्रा कहता है --

रुद्रा :- पहिले बोले रहिते बेटा, त टूटत ना ई देह, अब गिरे के ज्ञान देताड़े, काहे बनताड़े तू सेठ , समय पे बोला कर ज्ञानी, गिरा के बाद चेतावनी, ई  त तोहार सबसे बड़ी नादानी! 

तब पि के कहता है --

पि के :- हम त बो...ले रहनी गुरुदेव, ग...ला फाड़ के ती...न बेर,
आप त निहोरत रहनी छोरी, भूल गइनी ब्रे....क अब गिरे में हम का दोष, न....ज़र गई थी चाँद पर, स्कूटी गई खंभा पर—कर्मे करे सब रोस! 

रुद्रा की हरकत को दैखकर कोमल खिल खिला कर हंस देती है । कोमल की हसी को दैखकर रुद्रा भी मुस्कुराने लगता है ।

रुद्रा कोमल को दैखकर मंद मंद दर्द भरी मुस्कान देता है । रुद्रा किसी तरह टेंड़ा होके होता है और अपनी बॉडी की और दैखता है ताकी कोमल को लगे के उसो कुछ भी नही हूआ है ।

तभी पि के अपनी कमर को पकड़ कर दर्द से कराहते हूए कहता है ।

पि के :-  ह... हे रा....म । पता न...नही किसका मु...ह दैखकर आज उ...उठा था । जो इ......इसके साथ आ....आना पड़ा ।

पि के रुद्रा की और दैखता है के रुद्रा टेंढ़ा होके खड़ा था क्योकी दर्द के कारण रुद्रा सिधा खड़ा नही हो पा रहा था इसिलिए ऐसा टेंड़ा होकर खड़ा था। और उपर की और दैखकर रहा था । रुद्रा को इस अजीबो गरिब तरिके से खड़ा होने से पि के रुद्रा से पूछता है ।

पि के :- ये कै....से खड़ा ह...है तु ? सिधा होके खड़ा होजा , त.....तु ठिक तो है ?

रुद्रा :-  क्या खाक ठिक हूँ शरिर के अंजर पंजर हिल गया है रे ...।  बहोत कष्ट फिलिंग हो रही है रे परमानंद ।

परमानंद कहने से पि के फिर से चिड़ जाता है । पि के रुद्रा की चेहरे की और दैखता है तो पि के दैखता है रुद्रा अजीब तरीके से मंद मंद मुस्कुरा रहा है । रुद्रा  की मुस्कान को दैखकर पि के कहता है ।

पि के :- तुझे दै.....खकर लगता नही के...ए तुझे द...दर्द हो रहा है ।

रुद्रा :- अरे पगलेट इसे एडजस्टमेंट कहते है परमानंद । तु नही समझेगा ।

रुद्रा अजीब तरीके से मंद मंद मुस्कुरा रहा है । रुद्रा  की मुस्कान को दैखकर पि के कहता है ।

पि के :- तुझे दै.....दैखकर लगता नही के...ए तुझे द...दर्द हो रहा है ।

रुद्र्  अपने कमर पर हाथ ऱकता है और Pk से कहता है --


रुद्रा :- अरे पगलेट इसे एडजस्टमेंट कहते है परमानंद । जो Situation दैखकर दर्द को भी सह ले उसे एडजस्टमेंट कहते है ।

रुद्रा की बात को सुनकर Pk कुछ समझ नही पा रहा था , PK अपना सर खुजाता है और कहता है --

pk :- ये तु क्या बो....बोल रहा है , मुझे तो कुछ स....समझ मे नही आ रहा है ?

रद्रा Pk के कंधे पर हाथ रखता है और कहता है --

रुद्रा: - जाने दे , ये बात तेरे बस की नही है ,   तु नही समझेगा ।

पि के हैरान होकर अपना सर खुजाते हूए ।

पि के :- ए....एडजस्टमेंट. .? पर दर्द को क... कैसे एडजस्ट कि...या जाता है ?

कोलम उन दोनो की बातो पर बहोत हंसने लगी , और रुद्रा से कहती है --

कोमल :- क्या हूआ पंडित जी , पुजा से पहले तो आप ही गिर गए , ध्यान रखना कही शादी कराते - कराते हालत और बुरी ना हो जाए । 

रुद्रा कोमल की और दैखकर कहता है --

रुद्रा :- नही .. नही ,  ऐसा कुछ भी नही होगा , आप चिंता  करो ।

कोमल :- वैसे कही आपको चोंट तो नही लगी ना ?


रुद्रा को दर्द तो हो रहा था पर वो दर्द वाली मुस्कान लिये कोमल की बात पर रुद्रा  कहता है --

रुद्रा :- नही जी .. मुझे दर्द नही होता ।  ये बस ऐसे ही था , कुछ भी तो नही हूआ है ।

Pk रुद्रा को हैरान था , क्योकी समझ रहा था के रुद्रा को दर्द तो हो रहा है , पर वो झुट बोल रहा है ।

कोमल उन दोनो को देखकर हंसती हूई वहां से चली जाती है । कोमल समझ जाती है के रुद्रा को दर्द तो हो रहा है पर वो जता नही रहा , कोमल मन ही मन कहती है ।

कोमल :- पता नही पापा इन दौ लंगूरो को कहां से लाया है । ये खुद को तो संभाल नही पा रहे है , शादी क्या खाक करवायेंगे ।

कोमल की बात पर रुद्रा कोमल की और दैखते हूए कहता है ।

रुद्रा :- हम लंगूर नही है जी ।

रुद्रा के इतना कहने पर कोमल हैरानी से धिरे से कहती है । 

कोमल :-  मैं तो धिरे से बोली थी । इसने सुन कैसे लिया । 

कोमल उन दोनो से पूछती है और कहती है --

कोमल :- तुम दोनो कौन हो ?

रुद्रा :- मैं हूँ पंडित रुद्रा और ये है पंडित परमानं.....!

रुद्रा की बात को बिच मे ही काटते हूए पि के झट से कहता है ।

पि के :- पंडित पि....ई..... के शात्री  है मेरा ना....आ..म । हम जो भी शा....दी कराते है , वो सात ज....न्मों तक चलती है ।


कोमल पि के की बात पर हल्की मुस्कान देती हूई वहां से चली जाती है । तब रुद्रा पि के से कहता है --

रुद्रा :- ऐ तु बिच मे क्यों बोला । मैं बात कर रहा था ना ?

पि के :-  नही बो...लता तो तु फिर से म....मेरा कचरा कर देता ।

रुद्रा  :-  क्या ?

पि के :- कुछ नही , तु चल ।

इतना बोलकर दोनो अंदर जाने लगता है , इधर कोमल रुद्रा को दैखकर कहती है --

कोमल :- हां ये सही रहेगा । 

कोमल रुद्रा से कहती है --

कोमल :- पंडित जी ...

कोमल के पुकारने पर पि के और रुद्रा कोमल की और दैखता है तो कोमल कहती है --

कोमल :- यहां आना जरा ..

कोमल की बात पर पि के रुद्रा की और दैखता है और खुश होकर स्टाईल से कोमल के पास जाने लगता है , पि के को लगता है के कोमल जैसे खुबसूरत लड़की  ने उसे बुलाया है तो इसिलिए पि के रुद्रा को जलाने का लिए साटईल से कोमल के पास जाने लगता है ।

कोमल पि के को रोकती है और कहती है --

कोमल: - तुम नही , तुम्हें क्यों बुलाउगीं मैं ।

कोमल के इतना कहने पर पि के रुक जाता है और उदास होकर रुद्रा की और दैखता है तो रुद्रा कहता है --

रुद्रा :- जा ना ..

पि के इशारे से ना कहता है , तो रुद्रा फिर कहता है --

रुद्रा :- अरे जा ना , तुझे ही बुला रही है ।

पि के रुद्रा के पास आ जाता है और कहता है --

पि के :- बस कर ना यार , मुझे पता चल गया के वो किसे बुला रही  है । वो पहले कभी मुझे इतनी संदर लड़की ने बुलाया नही है ना , तो इस बार मुझे लगा के वो मुझे ही बुला रही है । इसिलिए थोड़ा सा स्टाईल मारते हूए चला गया ।

तभी कोमल की आवाज आती है --

कोमल :- ओ हलो , तुम ...

रुद्रा अपनी और इशारा करके कहता है --

रुद्रा :- कौन मैं ?

कोमल :- हां तुम , जरा उपर आना ।

कोमल के बुलाने पर कुछ गैर तक रुद्रा वही पर खड़ा था , वो घबरा रहा था के पता नही वो लड़की उसो क्यों बुला रही है । तब पि के कहता है --

पि के :- जा ना ... तुझे बुला रही है ।

रुद्रा :- नही यार,  पता नही वो मुझे क्यों बुला रही है , मुझे लगता है , वहां पर जाना सेफ नही है ।

तब पि के कहता है --

पि के :- और मेरा प्रिडिक्सन कहता है के ये कन्या तेरे लिए बहोत लकी होगी,  तेरा किस्मत चमक जायेगा । 

रुद्रा :- ऐसा है क्या ?

पि के :- पि के का भविष्यवाणी कभी विफल नही होता ।

रुद्रा पि के की बात पर भरोसा कर लेता है पर फिर से कहता है --

रुद्रा :- पर तुने इससे पहले कौन सी भविष्यवाणी की थी जो सफल हूआ है ?

पि के रुद्रा के सवाल पर घबरा जाता है और कहता है --

पि के :- तु जा ना रे ।

तभी इन दोनो को खुसर - फुसर करता दैखकर कोमल कहती है --

कोमल :- क्या खुसर - फुसर चल रही है तुम दोनो की , मैने यहां उपर बुलाया है , एक दम उपर जाने को नही कहा । जल्दी आओ , मुझे और भी काम है ।

To be continue....