Mandir me Tum - 7 in Hindi Drama by Sonam Brijwasi books and stories PDF | मंदिर में तुम - 7

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मंदिर में तुम - 7

रात का समय था…कोरिया में लाइट्स चमक रही थीं…और सुनामी अपने केबिन में अकेली बैठी थी…आज उसका मन बहुत बेचैन था…उसने तुरंत फोन उठाया…और…कृतिक को वीडियो कॉल कर दिया… 📱 कुछ सेकंड…फिर स्क्रीन पर वही चेहरा आया…कृतिक… ❤️ थोड़ा थका हुआ… पर वही सुकून देने वाली मुस्कान…।

कृतिक (हल्की मुस्कान के साथ) बोला - 
अरे… इंजीनियर साहिबा…आज तो बड़े दिनों बाद वीडियो कॉल… 😏

सुनामी की आँखें चमक उठीं…

वो बोली - 
आज आपको कुछ दिखाना है…!

कृतिक बोला - 
अच्छा…? दिखाइए…

सुनामी तुरंत खड़ी हो गई…

वो फोन लेकर पूरे ऑफिस में घूमने लगी—
ये मेरा केबिन…
ये मीटिंग रूम…
ये balcony… यहाँ से पूरा शहर दिखता है…😍

उसकी आवाज़ में बचपन जैसी excitement थी…कृतिक बस उसे देख रहा था…हर चीज़ से ज्यादा…वो सुनामी को देख रहा था…उसकी खुशी…उसकी मुस्कान…कुछ देर बाद…

कृतिक (मुस्कुराते हुए) बोला - 
आप ना…किसी बच्चे की तरह excited हो जाती हो… 😄

सुनामी रुक गई…

वो बोली - 
तो… अच्छी नहीं लगती…?

कृतिक ने तुरंत जवाब दिया—
बहुत अच्छी लगती हो… ❤️

सुनामी हल्का सा शरमा गई…

फिर धीरे से बोली—
ये सब आपको दिखाना था…ताकि… लगे कि आप मेरे साथ हो… 🥺

कृतिक की आँखें एक पल के लिए गहरी हो गईं…

वो बोला - 
मैं हूँ…हमेशा… ❤️

कुछ सेकंड…दोनों बस एक-दूसरे को देखते रहे…दूरी थी…पर एहसास… बिल्कुल पास…तभी…

पीछे से आवाज़ आई—
Ma’am… meeting is ready…

सुनामी मुड़ी Si-woo खड़ा था…उसने फोन की तरफ देखा…
स्क्रीन पर कृतिक…एक पल के लिए…दोनों की नजरें मिलीं…

Si-woo ने हल्का सा सिर झुकाया और बोला—
I’ll wait…

और वो चला गया…कृतिक सब देख रहा था…

कृतिक (थोड़ा teasing tone में) बोला - 
अच्छा… तो ये हैं आपके personal assistant…😏

सुनामी तुरंत बोली—
बस assistant हैं…

कृतिक हल्का सा मुस्कुराया…

बोला - 
हम्म… पर care तो काफी करते हैं…

सुनामी ने थोड़ा serious होकर कहा—
कोई भी हो…आपकी जगह कोई नहीं ले सकता… ❤️

कृतिक की मुस्कान और गहरी हो गई…

वो बोला - 
ये बात… याद रखूँगा…

सुनामी ने हल्के से कहा—
मत भूलिएगा…

वो बोला - 
कभी नहीं…❤️

कॉल कट हुई…पर दोनों के चेहरे पर…एक सुकून था…दूरी कम नहीं हुई थी…पर…प्यार और मजबूत हो गया था… ❤️

रात गहरी हो चुकी थी…ऑफिस लगभग खाली था…बस कुछ लाइट्स जल रही थीं…सुनामी अपने केबिन में बैठी काम खत्म कर रही थी…तभी…दरवाज़े पर हल्की knock हुई…

सुनामी बोली - 
Come in…

दरवाज़ा खुला…Si-woo अंदर आया…आज उसका चेहरा थोड़ा अलग था…थोड़ा serious… थोड़ा nervous…

सुनामी (हल्का मुस्कुराते हुए) बोली - 
अभी तक गए नहीं…?

Si-woo बोला - 
I was waiting… for you…

सुनामी थोड़ा confused हुई…

वो बोली - 
क्यों…?

Si-woo कुछ सेकंड चुप रहा…फिर धीरे-धीरे आगे बढ़ा…

वो बोला - 
I need to say something…

कमरे का माहौल अचानक भारी हो गया…सुनामी का दिल हल्का-सा धड़कने लगा…

Si-woo (गहरी सांस लेकर) बोला - 
When I first saw you… I just respected you…
But now…

उसकी आवाज़ थोड़ी काँपी…

वो बोला - 
…I think I like you…

सुनामी एकदम शांत हो गई…


वो बोला - 
…No…I don’t think…

वो उसकी आँखों में देखता है—
I love you…❤️

कुछ सेकंड…पूरी खामोशी…सुनामी के लिए ये सब अचानक था…
उसने धीरे से सिर हिलाया…

वो बोली - 
Si-woo…आप बहुत अच्छे हैं…

उसकी आवाज़ नरम थी… पर साफ—
पर… मैं किसी और से प्यार करती हूँ…

Si-woo की आँखों में दर्द उतर आया…

वो बोला - 
I know…फिर भी… मैं खुद को रोक नहीं पाया…

सुनामी ने उसकी तरफ एक कदम बढ़ाया…

वो बोली - 
आपको hurt करना मेरा इरादा नहीं है…पर मैं… बदल नहीं सकती…❤️

Si-woo ने हल्की मुस्कान दी…

वो बोला - 
I don’t want you to change…I just wanted… you to know…

उसकी आँखों में अब भी दर्द था...पर respect भी…वो धीरे से मुड़ा…

वो बोला - 
Good night… ma’am…

और चला गया…सुनामी कुछ पल वहीं खड़ी रही…उसने गहरी सांस ली…फिर…उसने फोन उठाया…और…कृतिक को कॉल कर दिया… 📱 कॉल connect हुई…

कृतिक बोला - 
Hello… इतनी रात को… सब ठीक है ना…?

सुनामी की आवाज़ हल्की काँप रही थी बोली—
आज… किसी ने मुझे propose किया…

कुछ सेकंड…कृतिक चुप…

फिर उसकी आवाज़ बदली बोला—
कौन…?🔥

उसकी आवाज़ में पहली बार…possessiveness साफ महसूस हुई…

सुनामी बोली - 
Si-woo…

कुछ सेकंड और चुप्पी…फिर…

कृतिक (धीरे, दबे गुस्से में) बोला - 
और आपने… क्या कहा…?

सुनामी ने हल्के से कहा—
जो सच था…कि मैं सिर्फ आपसे प्यार करती हूँ…❤️

कृतिका की सांस थोड़ी धीमी हुई…पर…गुस्सा पूरी तरह गया नहीं था…

वो बोला - 
वो आपके आसपास ही रहता है ना…?

अब उसकी आवाज़ में हल्की जलन थी…

वो बोला - 
मुझे पसंद नहीं है ये…

सुनामी थोड़ा मुस्कुराई और बोली - 
जल रहे हो…?😏

कृतिक ने तुरंत जवाब दिया—
हाँ…🔥और हक भी है मुझे…

सुनामी की धड़कन तेज़ हो गई…

वो बोली - 
इतना हक कब से…?

कृतिक कुछ सेकंड चुप रहा…फिर…

धीरे से बोला—
जिस दिन से… मंदिर में आपके साथ खड़ा हुआ था… ❤️

सुनामी की आँखें भर आईं…

वो बोली - 
तो फिर…मुझे किसी और की तरफ देखने की इजाज़त नहीं है… 😌

कृतिक हल्का सा मुस्कुराया…

वो बोला - 
बिल्कुल नहीं… 😏🔥

दोनों हँस पड़े…पर…आज पहली बार…प्यार में हल्की-सी जलन भी घुल गई थी… ❤️🔥