Sirf Tumhara - 11 in Hindi Love Stories by InkImagination books and stories PDF | Sirf Tumhara - 11

Featured Books
Categories
Share

Sirf Tumhara - 11

Sirf Tumhara
Part 11

लीगल नोटिस का असर पूरे घर में फैल गया था। रुद्र के पिता का चेहरा गंभीर था। उन्होंने रुद्र को ऑफिस में बुलाया और कहा, “अब ये सिर्फ बिजनेस नहीं रह गया। ये व्यक्तिगत हो चुका है। अंश को सुरक्षित रखना सबसे ज़रूरी है।”
रुद्र ने सिर हिलाया। “पापा, मैं अंश को किसी भी कीमत पर नहीं खोने दूँगा।”
अंश उसी कमरे में खड़ा था। उसने रुद्र का हाथ थाम लिया। “मैं डर नहीं रहा। तुम हो ना मेरे साथ।”
रात को रुद्र ने अंश को अपने कमरे में ले जाकर दरवाज़ा बंद कर दिया। दोनों बेड पर बैठे थे। रुद्र ने अंश का चेहरा अपने हाथों में लिया।
“तुम मेरी सबसे बड़ी कमज़ोरी हो अंश… और सबसे बड़ी ताकत भी,” रुद्र ने धीरे से कहा। उसने अंश के होंठों को चूम लिया। किस गहरा और लंबा था। अंश की उँगलियाँ रुद्र के बालों में घूम गईं। दोनों एक-दूसरे में खो गए।
कुछ देर बाद रुद्र ने अंश को अपनी छाती से लगाया। “कल से मैं तुम्हें कॉलेज नहीं भेजूँगा। जब तक ये सब शांत नहीं होता।”
अंश ने विरोध किया, “रुद्र… मैं तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ। अकेला घर पर नहीं बैठ सकता।”
“मैं तुम्हें फार्महाउस ले चलूँगा। वहाँ सिक्योरिटी होगी,” रुद्र ने दृढ़ता से कहा।
दूसरे दिन सुबह ग्रुप चैट में धमाल मचा था।
कबीर: रुद्र, अंश कहाँ है? क्लास में नहीं आया।
विहान: जीजू ने किडनैप कर लिया होगा 😂
अयान: सावधानी से।
रेयांश: हम लोग मिल सकते हैं शाम को।
देव: मैं और अरमान भी आ सकते हैं।
रुद्र ने जवाब दिया: “अंश मेरे साथ फार्महाउस पर है। शाम को सब आ सकते हो।”
शाम को पूरा ग्रुप फार्महाउस पहुँच गया। कबीर और विहान सबसे पहले आए। दोनों फिर से बहस में लगे हुए थे।
“तुम रोज़ मेरे पीछे क्यों पड़े रहते हो?” विहान ने पूछा।
“क्योंकि तुम्हारा गुस्सा अच्छा लगता है,” कबीर ने मुस्कुराते हुए कहा। दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए। हवा में तनाव था, लेकिन आकर्षण भी।
अयान और रेयांश गार्डन में घूम रहे थे। रेयांश ने अयान का हाथ थामा। “सब ठीक हो जाएगा ना?”
“हो जाएगा। हम साथ हैं,” अयान ने प्यार से कहा। उनकी शांत केमिस्ट्री पूरे ग्रुप के लिए रिलीफ थी।
देव और अरमान भी आए। देव ने रुद्र से बात की। “सिंहानिया वाले लीगल नोटिस के साथ और भी कुछ प्लान कर रहे हैं। मेरे कनेक्शन से पता चला है कि वो अंश को टारगेट करना चाहते हैं।”
अरमान ने देव के कंधे पर हाथ रखा। “हम मदद करेंगे।”
रुद्र ने सिर हिलाया। “शुक्रिया।”
रात को सब डिनर कर रहे थे। रुद्र ने अंश को पास बिठाया और उसका हाथ थामे रखा। बीच-बीच में वो अंश के बालों में उँगलियाँ फिराता रहा।
डिनर के बाद रुद्र अंश को छत पर ले गया। चाँदनी फैली हुई थी। रुद्र ने अंश को गोद में बिठाया।
“तुम कितने प्यारे हो,” रुद्र ने कहा और अंश के माथे पर किस किया। फिर गालों पर, और अंत में होंठों पर। किस धीमा और भावुक था। अंश ने रुद्र की गर्दन में हाथ डाल दिए।
“मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता,” अंश ने फुसफुसाया।
“मैं भी नहीं,” रुद्र ने जवाब दिया। दोनों देर तक एक-दूसरे को गले लगाए रहे।
नीचे कबीर और विहान बालकनी में खड़े थे। विहान ने कहा, “ये लोग कितना प्यार करते हैं।”
कबीर ने विहान को देखा। “हम भी सीख सकते हैं।”
विहान शर्मा गया। “चुप कर।”
देव और अरमान एक कोने में बात कर रहे थे। अरमान ने देव से कहा, “तुम इन लोगों की मदद करके अच्छा कर रहे हो।”
देव ने अरमान का हाथ पकड़ा। “तुम हो तो सब अच्छा लगता है।”
रात काफी हो चुकी थी। सब चले गए। रुद्र और अंश अकेले रह गए। रुद्र ने अंश को बेड पर लिटाया और उसके पास लेट गया। उसने अंश को बाहों में भर लिया।
“सो जाओ। मैं हूँ ना,” रुद्र ने कहा।
अंश ने रुद्र की छाती पर सिर रखा। “लव यू।”
“लव यू टू… सिर्फ तुम्हारा हूँ,” रुद्र ने जवाब दिया।
लेकिन रात के तीन बजे रुद्र का फोन बजा। सिंहानिया ग्रुप से एक नया मैसेज आया था — “कल अंश कॉलेज नहीं आएगा तो हम खुद उसे ढूँढ लेंगे।”
रुद्र की आँखें खुल गईं। उसने अंश को और कसकर पकड़ लिया।
अब तूफान बहुत करीब आ चुका था।

To Be Continued...

Thankyou 🥰