Pyaar Ki Sazish in Hindi Short Stories by Bihari Lal Chouhan books and stories PDF | प्यार की साज़िश

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प्यार की साज़िश



🎬 प्यार की जोखिम

एक रोमांटिक-सस्पेंस फिल्म की कहानी

शैली: Romance | Suspense | Drama | Action | Emotion
अनुमानित अवधि: लगभग 60 मिनट
मुख्य पात्र:

आरव — 29 वर्ष, तेज-तर्रार, ईमानदार लेकिन जोखिम उठाने वाला युवा

नैना — 27 वर्ष, आत्मनिर्भर, समझदार और निडर युवती

विक्रम मल्होत्रा — 45 वर्ष, प्रभावशाली कारोबारी, कहानी का मुख्य विरोधी

राघव — आरव का सबसे करीबी दोस्त

शारदा — नैना की मां

देवेंद्र — आरव के पिता

इंस्पेक्टर कबीर — ईमानदार पुलिस अधिकारी



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🎞️ OPENING SCENE

EXT. पहाड़ी सड़क — रात

घना अंधेरा।

आसमान में बादल गरज रहे हैं।

तेज बारिश पहाड़ी सड़क को लगभग अदृश्य कर चुकी है।

एक काली SUV तेज रफ्तार से दौड़ रही है।

हेडलाइट्स बारिश की धारियों को चीरती हुई आगे बढ़ रही हैं।

अंदर ड्राइविंग सीट पर आरव है।

उसके चेहरे पर तनाव साफ दिखाई दे रहा है।

फोन लगातार बज रहा है।

आरव स्क्रीन देखता है।

CALLING — UNKNOWN NUMBER

वह कॉल काट देता है।

कुछ सेकंड बाद फिर फोन बजता है।

इस बार वह फोन उठा लेता है।

आरव

हैलो?

दूसरी तरफ कुछ सेकंड तक कोई आवाज नहीं आती।

फिर एक घबराई हुई महिला की आवाज सुनाई देती है।

नैना (फोन पर)

आरव... मुझे नहीं पता मैं तुम पर भरोसा करके सही कर रही हूं या नहीं।

आरव का चेहरा बदल जाता है।

आरव

नैना? तुम कहां हो?

नैना

अगर मैं तुम्हें बताऊंगी... तो शायद तुम्हारी जिंदगी भी खतरे में पड़ जाएगी।

आरव

मेरी जिंदगी की चिंता मत करो। तुम बस अपनी लोकेशन भेजो।

कुछ पल की खामोशी।

नैना

मैंने जो देखा है... वो अगर बाहर आ गया तो बहुत बड़े लोग जेल जाएंगे।

आरव की आंखों में चिंता बढ़ जाती है।

आरव

नैना, साफ-साफ बोलो।

नैना

मुझे लगता है... उन्होंने मुझे देख लिया है।

अचानक फोन पर तेज आवाज आती है।

नैना चीखती है।

नैना

आरव!

कॉल कट।

आरव ब्रेक लगाता है।

SUV सड़क पर फिसलती है।

आरव तुरंत गाड़ी मोड़ता है।

आरव

नैना!

वह फोन दोबारा मिलाता है।

फोन बंद।

आरव कुछ क्षण फोन को देखता रहता है।

फिर उसकी आंखों में दृढ़ता आती है।

आरव

अब चाहे जो हो... मैं तुम्हें ढूंढकर रहूंगा।

वह गाड़ी तेज कर देता है।

CUT TO BLACK.

स्क्रीन पर शब्द उभरते हैं—

“कुछ रिश्ते जिंदगी में प्यार बनकर आते हैं...

और कुछ प्यार जिंदगी को जोखिम में डाल देता है।”


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🎬 TITLE CARD

❤️ प्यार की जोखिम ❤️


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SCENE 2

EXT. शहर — सुबह

बारिश खत्म हो चुकी है।

सड़क पर जिंदगी सामान्य दिखाई देती है।

ऑफिस जाने वालों की भीड़।

चाय की दुकानें।

बसें।

ऑटो।

हॉर्न।

इसी भीड़ के बीच एक बाइक तेजी से निकलती है।

बाइक पर आरव।

उसकी जिंदगी बाहर से बिल्कुल सामान्य है।

लेकिन दर्शक जानते हैं कि पिछली रात कुछ ऐसा हुआ है जिसने उसकी जिंदगी बदल दी है।

बाइक एक आधुनिक मीडिया कंपनी के सामने रुकती है।

बोर्ड पर लिखा है—

“न्यू वेव मीडिया एंड डिजिटल”

आरव अंदर जाता है।


---

INT. न्यू वेव मीडिया — सुबह

कई लोग कंप्यूटर पर काम कर रहे हैं।

एक तरफ न्यूज एडिटिंग चल रही है।

दूसरी तरफ वीडियो एडिट हो रहे हैं।

आरव अपने केबिन में पहुंचता है।

उसका दोस्त राघव पहले से वहां बैठा है।

राघव

भाई... रात को कहां गायब हो गया था?

आरव चुप।

राघव

फोन भी बंद। मैसेज का जवाब नहीं। और आज सुबह ऐसा चेहरा लेकर आया है जैसे पूरी रात भूतों के साथ मीटिंग करके आया हो।

आरव कुर्सी पर बैठ जाता है।

आरव

नैना का फोन आया था।

राघव का चेहरा गंभीर हो जाता है।

राघव

नैना?

आरव सिर हिलाता है।

राघव

उससे तो तुम्हारी बात बंद थी ना?

आरव

थी।

राघव

फिर?

आरव कुछ कहने ही वाला होता है कि उसके फोन पर एक मैसेज आता है।

UNKNOWN NUMBER

> “उस लड़की से दूर रहो।”



आरव स्क्रीन राघव को दिखाता है।

राघव के चेहरे का रंग उड़ जाता है।

राघव

ये मजाक नहीं है।

आरव

मुझे भी पता है।

राघव

आरव... छोड़ दे।

आरव

नहीं।

राघव

क्यों?

आरव कुछ पल चुप रहता है।

फिर धीरे से कहता है—

आरव

क्योंकि मैं उससे प्यार करता हूं।

राघव उसे देखता रह जाता है।


---

SCENE 3 — तीन महीने पहले

EXT. शहर का कैफे — शाम

फिल्म अचानक तीन महीने पीछे चली जाती है।

हल्की बारिश।

कैफे के बाहर छाता लिए लोग।

एक लड़की तेजी से सड़क पार कर रही है।

वह है नैना।

हाथ में फाइलों का बैग।

फोन कान पर।

नैना

मां, मैं बस दस मिनट में पहुंच रही हूं।

वह सड़क पार करते समय एक कार से लगभग टकरा जाती है।

कार अचानक ब्रेक लगाती है।

नैना घबरा जाती है।

कार का दरवाजा खुलता है।

आरव बाहर आता है।

आरव

आप ठीक हैं?

नैना गुस्से से उसे देखती है।

नैना

आपको गाड़ी चलानी आती है?

आरव

जी।

नैना

तो फिर आज सड़क पर प्रयोग क्यों कर रहे थे?

आरव मुस्कुराता है।

आरव

मैंने ब्रेक लगाया था।

नैना

ब्रेक लगाने के बाद भी कोई किसी को डराता है?

आरव

माफ कीजिए।

नैना आगे बढ़ती है।

कुछ कदम बाद उसका बैग खुल जाता है।

सारी फाइलें सड़क पर गिर जाती हैं।

आरव तुरंत मदद करने लगता है।

दोनों एक साथ एक कागज उठाते हैं।

उनकी उंगलियां टकराती हैं।

दोनों एक पल के लिए एक-दूसरे को देखते हैं।

हल्का संगीत।

नैना नजरें हटा लेती है।

नैना

थैंक यू।

आरव

वेलकम।

नैना जाने लगती है।

आरव उसकी तरफ देखता रहता है।

राघव दूर खड़ा सब देख रहा है।

राघव

भाई...

आरव पीछे मुड़ता है।

राघव

गाड़ी तो बच गई... लेकिन तू गया।

आरव मुस्कुरा देता है।


---

SCENE 4 — पहली मुलाकात

INT. कैफे — शाम

नैना अकेली बैठी है।

लैपटॉप खुला है।

वह किसी रिपोर्ट पर काम कर रही है।

दरवाजा खुलता है।

आरव अंदर आता है।

नैना उसे देखती है।

पहले पहचान नहीं पाती।

फिर अचानक उसे पहचान जाती है।

आरव उसके पास आता है।

आरव

लगता है आज सड़क सुरक्षित है।

नैना मुस्कुराती है।

नैना

और आज ड्राइवर भी?

आरव

आज मैं पैदल आया हूं।

नैना हंस पड़ती है।

आरव सामने वाली कुर्सी की तरफ इशारा करता है।

आरव

बैठ सकता हूं?

नैना

क्यों?

आरव

कल आपकी फाइलें उठाईं थीं। आज शायद कॉफी उठाने का मौका मिल जाए।

नैना मुस्कुराती है।

नैना

आप हमेशा ऐसे ही बात करते हैं?

आरव

नहीं।

नैना

तो?

आरव

सिर्फ उन लोगों से जिन्हें दोबारा देखना अच्छा लगे।

नैना पहली बार गंभीर होकर उसे देखती है।

नैना

आपका नाम?

आरव

आरव।

नैना

नैना।

दोनों हाथ मिलाते हैं।

लेकिन यह साधारण हाथ मिलाना नहीं है।

यहीं से कहानी शुरू होती है।


---

SCENE 5 — प्यार धीरे-धीरे

अगले कई दिनों का एक मोंटाज।

— आरव और नैना कॉफी पी रहे हैं।

— दोनों सड़क किनारे गोलगप्पे खा रहे हैं।

— नैना आरव के ऑफिस आती है।

— आरव नैना को उसकी रिपोर्ट तैयार करने में मदद करता है।

— दोनों बारिश में एक ही छाते के नीचे चलते हैं।

— नैना आरव की बाइक पर बैठती है।

— आरव बाइक रोककर कहता है—

आरव

डर तो नहीं लग रहा?

नैना

तुम्हारे साथ?

आरव उसकी तरफ देखता है।

नैना

नहीं।

आरव मुस्कुराता है।


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SCENE 6

EXT. नदी किनारा — रात

शहर की रोशनी दूर दिखाई दे रही है।

नदी शांत है।

आरव और नैना किनारे बैठे हैं।

नैना

तुम्हें कभी डर नहीं लगता?

आरव

किससे?

नैना

भविष्य से।

आरव कुछ देर नदी को देखता है।

आरव

लगता है।

नैना

फिर?

आरव

फिर सोचता हूं... अगर डर की वजह से जिंदगी जीना छोड़ दूं तो डर जीत जाएगा।

नैना उसे देखती है।

नैना

और अगर प्यार की वजह से जिंदगी खतरे में पड़ जाए?

आरव मुस्कुराता है।

आरव

तो प्यार को बचाने के लिए जिंदगी जोखिम में डाल दूंगा।

नैना की आंखें नम हो जाती हैं।

नैना

ऐसी बातें मत किया करो।

आरव

क्यों?

नैना

क्योंकि कभी-कभी जिंदगी सुन लेती है।

आरव उसका हाथ पकड़ लेता है।

आरव

तो सुनने दो।

दोनों एक-दूसरे को देखते हैं।


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SCENE 7 — असली खतरा

INT. कॉर्पोरेट ऑफिस — रात

एक विशाल ऑफिस।

शीशे की दीवार।

महंगी कुर्सी पर बैठा है विक्रम मल्होत्रा।

उसके सामने एक आदमी फाइल रखता है।

आदमी

सर... वह लड़की उस दस्तावेज की कॉपी निकाल चुकी है।

विक्रम की आंखें सिकुड़ती हैं।

विक्रम

नाम?

आदमी

नैना शर्मा।

विक्रम

और?

आदमी

वह आरव के संपर्क में है।

विक्रम कुर्सी से उठता है।

विक्रम

आरव कौन है?

आदमी

एक मीडिया कंपनी में काम करता है।

विक्रम खिड़की से बाहर देखता है।

विक्रम

मीडिया...

कुछ पल चुप्पी।

विक्रम

सबसे खतरनाक हथियार बंदूक नहीं होती।

वह आदमी उसकी तरफ देखता है।

विक्रम

सच होता है।

विक्रम फाइल बंद कर देता है।

विक्रम

सच बाहर नहीं जाना चाहिए।


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SCENE 8 — नैना का राज

INT. नैना का कमरा — रात

नैना लैपटॉप खोलती है।

एक फाइल दिखाई देती है।

PROJECT BLACK

उसके अंदर कई दस्तावेज हैं।

सरकारी परियोजना।

फर्जी कंपनियां।

करोड़ों रुपये।

नकली हस्ताक्षर।

जमीनों के दस्तावेज।

और सबसे ऊपर—

VIKRAM MALHOTRA

नैना के चेहरे पर डर।

वह फाइल कॉपी करती है।

अचानक बाहर दरवाजे पर दस्तक होती है।

शारदा

नैना?

नैना तुरंत लैपटॉप बंद कर देती है।

नैना

हां मां।

शारदा

इतनी रात तक क्या कर रही हो?

नैना

काम।

शारदा कमरे में आती है।

शारदा

बेटा... आज दो आदमी तुम्हें पूछते हुए आए थे।

नैना चौंकती है।

नैना

कौन?

शारदा

पता नहीं।

नैना समझ जाती है।

खतरा घर तक पहुंच चुका है।


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SCENE 9 — प्यार या खतरा?

नैना आरव से मिलने जाती है।

EXT. सुनसान पार्किंग — रात

आरव वहां इंतजार कर रहा है।

नैना आते ही उसका हाथ पकड़ लेती है।

नैना

हमें बात करनी है।

आरव

क्या हुआ?

नैना

तुम मुझसे दूर हो जाओ।

आरव चौंकता है।

आरव

क्यों?

नैना

क्योंकि मेरे साथ रहने का मतलब है... तुम्हें खतरे में डालना।

आरव

तुम्हें किससे खतरा है?

नैना चुप।

आरव

नैना!

नैना

मैं तुम्हें खोना नहीं चाहती।

आरव उसके करीब आता है।

आरव

तो मुझे छोड़कर जाने की बात मत करो।

नैना

तुम समझ नहीं रहे।

आरव

नहीं। तुम समझ नहीं रही।

आरव उसका हाथ पकड़ता है।

आरव

प्यार सिर्फ खुशियों में साथ रहने का नाम नहीं है।

नैना

और अगर तुम्हारी जान चली गई तो?

आरव कुछ पल उसे देखता है।

आरव

तब भी आखिरी सांस तक मुझे यही अफसोस रहेगा कि मैंने तुम्हारा साथ डर की वजह से छोड़ दिया।

नैना रो पड़ती है।

वह आरव के सीने से लग जाती है।

आरव उसे कसकर पकड़ लेता है।

दूर एक कार खड़ी है।

कार के अंदर कोई उन्हें देख रहा है।


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SCENE 10 — हमला

अचानक कार का दरवाजा खुलता है।

दो आदमी बाहर निकलते हैं।

आरव कुछ समझ पाता, उससे पहले एक आदमी उस पर हमला कर देता है।

आरव नैना को पीछे करता है।

लड़ाई शुरू।

एक आदमी लोहे की रॉड से हमला करता है।

आरव बच जाता है।

नैना चीखती है।

नैना

आरव!

आरव एक आदमी को गिरा देता है।

दूसरा पीछे से हमला करता है।

आरव जमीन पर गिर जाता है।

नैना आसपास देखती है।

उसे पत्थर दिखाई देता है।

वह पत्थर उठाकर हमलावर के हाथ पर मारती है।

हमलावर पीछे हटता है।

दोनों भागते हैं।

कुछ सेकंड तक सन्नाटा।

आरव उठने की कोशिश करता है।

नैना उसके पास दौड़ती है।

नैना

तुम ठीक हो?

आरव मुस्कुराने की कोशिश करता है।

आरव

तुमने मुझे बचाया।

नैना

तुम्हें मरने नहीं दूंगी।

आरव उसकी आंखों में देखता है।

आरव

अब मुझे यकीन हो गया।

नैना

किस बात का?

आरव

तुम मुझसे ज्यादा बहादुर हो।


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SCENE 11 — इंटरवल से पहले बड़ा खुलासा

आरव और राघव दस्तावेजों की जांच करते हैं।

उन्हें पता चलता है कि Project Black केवल आर्थिक घोटाला नहीं है।

इसमें कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं।

और सबसे बड़ा झटका—

आरव के पिता देवेंद्र का नाम भी पुराने दस्तावेज में है।

आरव स्तब्ध।

आरव

ये नहीं हो सकता।

राघव

नाम साफ लिखा है।

आरव घर पहुंचता है।

INT. आरव का घर — रात

देवेंद्र बैठे हैं।

आरव फाइल उनके सामने फेंकता है।

आरव

ये क्या है?

देवेंद्र फाइल देखते हैं।

उनका चेहरा बदल जाता है।

देवेंद्र

तुम्हें ये कहां मिली?

आरव

सवाल मैं पूछ रहा हूं।

देवेंद्र चुप।

आरव

क्या आप विक्रम मल्होत्रा को जानते हैं?

देवेंद्र की आंखों में डर दिखाई देता है।

देवेंद्र

आरव... इस मामले से दूर रहो।

आरव

क्यों?

देवेंद्र

क्योंकि जिस आदमी के खिलाफ तुम खड़े हो... उसने कई लोगों को खत्म कर दिया है।

आरव ठिठक जाता है।

आरव

और आप?

देवेंद्र की आंखों में आंसू आ जाते हैं।

देवेंद्र

मैंने तुम्हारी मां को खोया है... तुम्हें नहीं खो सकता।

आरव चौंक जाता है।

आरव

पापा... मां की मौत हादसा नहीं थी?

देवेंद्र कोई जवाब नहीं देते।

कैमरा धीरे-धीरे उनके चेहरे पर जाता है।

CUT TO BLACK.


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🔥 INTERVAL

स्क्रीन पर शब्द—

“जिस सच की तलाश में आरव निकला था...

वह सच उसके अपने घर तक पहुंच चुका था।”


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🎬 प्यार की जोखिम

भाग–2 : सच, साजिश और आखिरी दांव


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SCENE 12

INT. आरव का घर — रात

कमरे में भारी सन्नाटा है।

टेबल पर Project Black की फाइल खुली पड़ी है।

आरव अपने पिता देवेंद्र के सामने खड़ा है।

उसकी आंखों में गुस्सा भी है और दर्द भी।

आरव

पापा... मां की मौत हादसा नहीं थी?

देवेंद्र सिर झुका लेते हैं।

कुछ सेकंड तक कोई जवाब नहीं।

आरव

आपने मेरी पूरी जिंदगी मुझसे झूठ बोला?

देवेंद्र धीरे से उठते हैं।

देवेंद्र

कुछ सच ऐसे होते हैं बेटा... जिन्हें बताने की हिम्मत इंसान में नहीं होती।

आरव

या फिर ऐसे सच... जिन्हें छिपाने की मजबूरी होती है?

देवेंद्र आरव की तरफ देखते हैं।

देवेंद्र

दोनों।

आरव कुछ क्षण उन्हें देखता रहता है।

आरव

बताइए।

देवेंद्र खिड़की के पास चले जाते हैं।

बाहर बारिश शुरू हो गई है।

देवेंद्र

तुम्हारी मां को विक्रम के बारे में पता चल गया था।

आरव के चेहरे पर हैरानी।

देवेंद्र

विक्रम उस समय इतना बड़ा आदमी नहीं था। उसने कुछ कंपनियां बनाई थीं। सरकारी जमीनों के सौदे करता था। कागजों में सब कुछ सही दिखता था... लेकिन असल में करोड़ों रुपये का खेल था।

आरव

और मां?

देवेंद्र

तुम्हारी मां ने उसके खिलाफ सबूत इकट्ठा किए थे।

आरव

फिर?

देवेंद्र की आंखें नम हो जाती हैं।

देवेंद्र

एक रात वह मेरे पास आई थी। उसने कहा था कि अगर उसके साथ कुछ हुआ तो सारे दस्तावेज पुलिस तक पहुंचा देना।

आरव सांस रोककर सुन रहा है।

देवेंद्र

अगले दिन...

देवेंद्र रुक जाते हैं।

आरव

क्या हुआ?

देवेंद्र

उसकी कार का एक्सीडेंट हुआ।

आरव की आंखें भर आती हैं।

आरव

आपने पुलिस को क्यों नहीं बताया?

देवेंद्र

क्योंकि उसी रात मुझे धमकी मिली थी।

आरव

किसने?

देवेंद्र कुछ नहीं बोलते।

आरव समझ जाता है।

आरव

विक्रम ने?

देवेंद्र धीरे से सिर हिला देते हैं।


---

SCENE 13

FLASHBACK — 18 साल पहले

रात।

देवेंद्र और उनकी पत्नी मीरा एक कमरे में दस्तावेज देख रहे हैं।

मीरा के हाथ में पेन ड्राइव है।

मीरा

देवेंद्र, अगर ये बाहर आ गया तो बहुत लोगों के चेहरे सामने आ जाएंगे।

देवेंद्र

तो आने दो।

मीरा

तुम नहीं जानते ये लोग कितने खतरनाक हैं।

देवेंद्र

हम चुप रहेंगे तो ये कभी नहीं रुकेंगे।

मीरा अपने पति का हाथ पकड़ती है।

मीरा

अगर मुझे कुछ हुआ...

देवेंद्र

ऐसा मत बोलो।

मीरा

मेरी बात सुनो।

वह पेन ड्राइव देवेंद्र को देती है।

मीरा

इसे ऐसी जगह रखना जहां कोई सोच भी न सके।


---

अचानक बाहर कार की आवाज।

मीरा खिड़की से देखती है।

एक काली कार घर के बाहर रुकती है।

मीरा घबरा जाती है।

मीरा

वे लोग आ गए।


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SCENE 14

EXT. सड़क — रात

मीरा कार चलाती हुई तेजी से निकलती है।

उसके पीछे एक काली SUV।

मीरा फोन मिलाती है।

मीरा

देवेंद्र... अगर मेरा फोन बंद हो जाए तो...

आवाज कट जाती है।

पीछे से SUV उसकी कार को टक्कर मारती है।

कार नियंत्रण खो देती है।

पेड़ से टकराती है।

फ्लैश।

अंधेरा।


---

वापस वर्तमान में

INT. आरव का घर — रात

आरव की आंखों में आंसू हैं।

आरव

आपने इतने साल मुझे क्यों नहीं बताया?

देवेंद्र

क्योंकि मैं तुम्हें खोना नहीं चाहता था।

आरव

लेकिन अब?

देवेंद्र उसकी तरफ देखते हैं।

देवेंद्र

अब शायद समय आ गया है कि तुम अपनी मां का अधूरा काम पूरा करो।

आरव चुप।

देवेंद्र

लेकिन एक बात याद रखना।

आरव

क्या?

देवेंद्र

विक्रम से लड़ना आसान नहीं है।

आरव

मैं अकेला नहीं हूं।

देवेंद्र

कौन है तुम्हारे साथ?

आरव की आंखों के सामने नैना का चेहरा आता है।

आरव

नैना।

देवेंद्र गंभीर हो जाते हैं।

देवेंद्र

यही तो मेरी सबसे बड़ी चिंता है।


---

SCENE 15

INT. विक्रम का ऑफिस — उसी रात

विक्रम शीशे की दीवार के सामने खड़ा है।

उसका आदमी सामने खड़ा है।

आदमी

सर, आरव को Project Black के बारे में पता चल गया है।

विक्रम शांत रहता है।

विक्रम

उसे कितना पता है?

आदमी

अभी पूरा नहीं।

विक्रम

और लड़की?

आदमी

नैना के पास कॉपी है।

विक्रम मुड़ता है।

विक्रम

कॉपी नहीं चाहिए।

आदमी

सर?

विक्रम

मुझे लड़की चाहिए।

आदमी समझ जाता है।

विक्रम

आरव को तोड़ना है तो उसकी कमजोरी पर वार करो।

आदमी

और अगर वह नहीं टूटा?

विक्रम मुस्कुराता है।

विक्रम

प्यार करने वाले आदमी को तोड़ना सबसे आसान होता है।


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SCENE 16

EXT. सड़क किनारे चाय की दुकान — सुबह

आरव और राघव बैठे हैं।

राघव

तू पुलिस के पास क्यों नहीं जाता?

आरव

जाऊंगा।

राघव

तो अभी क्यों नहीं?

आरव

क्योंकि हमारे पास आधा सच है।

राघव

और आधा?

आरव

नैना के पास।

राघव चुप।

आरव

हमें वह पेन ड्राइव ढूंढनी है जो मेरे पिता ने इतने साल छिपाकर रखी।

राघव

कहां?

आरव

पता नहीं।

तभी आरव के फोन पर मैसेज आता है।

“पुरानी रेलवे कॉलोनी। प्लेटफॉर्म नंबर 4 के पीछे। शाम 7 बजे। अकेले आना।”

राघव मैसेज पढ़ता है।

राघव

अकेले मत जाना।

आरव

क्यों?

राघव

क्योंकि जो आदमी सच में मदद करना चाहता है, वह मिलने की जगह भीड़ वाली रखता।

आरव उसकी तरफ देखता है।

आरव

तू मेरे साथ चलेगा।

राघव

तूने कहा अकेले जाना है।

आरव

मैसेज में लिखा है। मैंने नहीं कहा।

दोनों मुस्कुरा देते हैं।


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SCENE 17

INT. नैना का घर — दिन

नैना अपनी मां के साथ बैठी है।

शारदा

बेटा, आरव से शादी करना चाहती हो?

नैना चौंक जाती है।

नैना

मां!

शारदा

मैं मां हूं। आंखों से पढ़ना आता है।

नैना हल्का मुस्कुराती है।

शारदा

लेकिन एक बात कहूं?

नैना

हां।

शारदा

प्यार में सिर्फ दिल नहीं लगाया जाता। जिंदगी भी लगानी पड़ती है।

नैना चुप।

शारदा

अगर वह लड़का तुम्हारे साथ मुसीबत में खड़ा है तो उसे सिर्फ खुशी में मत छोड़ना।

नैना की आंखें भर आती हैं।

नैना

मां... अगर उसे कुछ हो गया तो?

शारदा उसका हाथ पकड़ती है।

शारदा

तब तुम्हें मजबूत रहना होगा।

अचानक बाहर दरवाजा जोर से बजता है।

दोनों चौंकती हैं।


---

SCENE 18

EXT. नैना का घर — दिन

दरवाजा खुलता है।

बाहर कोई नहीं।

नीचे एक लिफाफा पड़ा है।

नैना लिफाफा उठाती है।

अंदर एक फोटो है।

फोटो में आरव है।

नीचे लिखा है—

“अगली तस्वीर उसकी आखिरी तस्वीर होगी।”

नैना के हाथ कांपने लगते हैं।


---

SCENE 19

INT. रेलवे कॉलोनी — शाम

पुरानी सुनसान इमारत।

टूटी दीवारें।

आरव और राघव धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं।

राघव

मुझे ये जगह बिल्कुल पसंद नहीं।

आरव

मुझे भी नहीं।

राघव

तो चल वापस चलते हैं।

आरव

नहीं।

पीछे अचानक आवाज आती है।

दोनों मुड़ते हैं।

एक बूढ़ा आदमी खड़ा है।

बूढ़ा

तुम देवेंद्र के बेटे हो?

आरव

हां।

बूढ़ा उसे एक छोटी चाबी देता है।

बूढ़ा

तुम्हारी मां ने इसे मुझे दिया था।

आरव चौंक जाता है।

आरव

आप कौन हैं?

बूढ़ा

जिसे तुम्हारी मां ने मरने से पहले आखिरी बार देखा था।

आरव उसकी ओर बढ़ता है।

आरव

मेरी मां की मौत कैसे हुई?

बूढ़ा चारों तरफ देखता है।

बूढ़ा

यहां नहीं।

आरव

फिर कहां?

बूढ़ा

पुराने स्टेशन के गोदाम में।

अचानक गोली चलने की आवाज।

बूढ़ा जमीन पर गिर जाता है।

राघव

आरव!

दोनों नीचे झुकते हैं।

दूर से एक बाइक तेजी से निकलती है।

आरव पीछा करने दौड़ता है।

लेकिन बाइक गायब हो जाती है।

राघव बूढ़े के पास जाता है।

राघव

वह जिंदा है।

आरव वापस आता है।

बूढ़ा मुश्किल से बोलता है।

बूढ़ा

पेन... ड्राइव...

आरव

कहां?

बूढ़ा

जहां... पहली बार... तुम्हारी मां ने तुम्हें स्कूल छोड़ा था...

वह बेहोश हो जाता है।

आरव और राघव एक-दूसरे को देखते हैं।


---

SCENE 20

INT. नैना का घर — रात

नैना अकेली बैठी है।

फोन बजता है।

आरव

नैना, तुम ठीक हो?

नैना

तुम कहां हो?

आरव

मैं ठीक हूं।

नैना

मुझे तुम्हारे बारे में धमकी मिली है।

आरव चुप।

नैना

तुमने कुछ छिपाया है मुझसे?

आरव

नहीं।

नैना

झूठ मत बोलो।

आरव गहरी सांस लेता है।

आरव

मुझे मेरे पिता के बारे में कुछ पता चला है।

नैना

क्या?

आरव

मेरी मां की मौत हादसा नहीं थी।

नैना चुप हो जाती है।

आरव

और इसके पीछे वही लोग हैं जिनके खिलाफ तुमने सबूत जुटाए हैं।

नैना

आरव...

आरव

हां।

नैना

अब हमें साथ रहना होगा।

आरव

तुम डर नहीं रही?

नैना

डर रही हूं।

आरव

फिर?

नैना

तुम्हें खोने से ज्यादा डरती हूं।

आरव की आंखें भर आती हैं।


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SCENE 21 — प्यार का इजहार

EXT. नदी किनारा — रात

दोनों आमने-सामने खड़े हैं।

हल्की हवा।

दूर शहर की रोशनी।

नैना आरव के पास आती है।

नैना

मैंने बहुत सोचा।

आरव

क्या?

नैना

अगर मैं तुम्हारे साथ रहूंगी तो खतरा है।

आरव चुप।

नैना

अगर तुमसे दूर जाऊंगी... तब भी जिंदगी खतरे में रहेगी।

आरव उसे देखता है।

नैना

तो मैंने फैसला किया है।

आरव

क्या?

नैना

जो होगा साथ होगा।

आरव मुस्कुराता है।

नैना धीरे से उसका हाथ पकड़ती है।

नैना

आई लव यू।

आरव की आंखों में खुशी।

आरव

एक बार फिर बोलो।

नैना

नहीं।

आरव

क्यों?

नैना

पहली बार दिल से कहा है। दूसरी बार कहूंगी तो शायद तुम ज्यादा उड़ने लगोगे।

आरव हंसता है।

आरव

मैं तो पहले से उड़ रहा हूं।

दोनों एक-दूसरे को गले लगाते हैं।

कैमरा धीरे-धीरे पीछे जाता है।


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SCENE 22 — अचानक अपहरण

अगली सुबह।

नैना ऑफिस के लिए निकलती है।

एक कार उसके सामने रुकती है।

दो लोग उतरते हैं।

नैना पीछे हटती है।

नैना

कौन हो तुम?

एक आदमी उसका मुंह दबा देता है।

कुछ सेकंड में उसे कार में डाल दिया जाता है।

कार तेजी से निकल जाती है।


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SCENE 23

INT. आरव का ऑफिस — सुबह

आरव को नैना का मैसेज आता है।

> “मुझे तुमसे जरूरी बात करनी है। पुराने वेयरहाउस में आओ।”



राघव फोन देखता है।

राघव

ये मैसेज नैना ने भेजा?

आरव

हां।

राघव

तुझे यकीन है?

आरव कॉल करता है।

फोन बंद।

आरव तुरंत समझ जाता है।

आरव

ये जाल है।

राघव

अब?

आरव अपनी जैकेट उठाता है।

राघव

कहां जा रहा है?

आरव

उसे लेने।

राघव

अकेला?

आरव

नहीं।

राघव

कौन साथ है?

आरव पुलिस अधिकारी कबीर को फोन करता है।

आरव

सर... अब समय आ गया है।


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लेखक बिहारी चौहान 
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