Devil ki Daastaan in Hindi Love Stories by Sonam Brijwasi books and stories PDF | भस्म

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भस्म

(डॉक्टर के क्लिनिक में सन्नाटा छा गया था। मशीन की स्क्रीन पर जो छवि दिख रही थी, वह किसी सामान्य गर्भ की नहीं लग रही थी।)

(डॉक्टर अंजलि, जो पिछले दस सालों से प्रसूति विशेषज्ञ थीं, अपनी चश्मे को ठीक करते हुए स्क्रीन को घूर रही थीं। उनके माथे पर पसीने की बूंदें थीं। सिमरन बिस्तर पर लेटी हुई थी, उसका चेहरा शांत था, लेकिन उसके हाथ कांप रहे थे।)

डॉक्टर अंजलि (हैरानी और थोड़े डर के मिश्रित स्वर में) बोली - 
सिमरन... यह... यह बहुत असामान्य है।

सिमरन (चिंतित होकर) बोली - 
क्या हुआ डॉक्टर साहिबा? क्या बच्चा ठीक है?

डॉक्टर अंजलि ने माउस को हिलाया। स्क्रीन पर भ्रूण (fetus) की छवि स्पष्ट थी। लेकिन वह छवि किसी नवजात शिशु जैसी नहीं थी। उसकी हड्डियां सामान्य से ज्यादा सघन और मजबूत दिख रही थीं। उसकी मुट्ठियां बंधी हुई थीं, जैसे वह लड़ने के लिए तैयार हो। और सबसे अजीब बात—उसकी रीढ़ की हड्डी के पास एक अजीब सी ऊर्जा का हल्का सा आवरण दिखाई दे रहा था, जैसे कोई अदृश्य ढाल हो।

डॉक्टर अंजलि (धीरे से) बोली - 
बच्चा... स्वस्थ तो है। बहुत ज्यादा स्वस्थ।
इसकी धड़कन... सुनिए।

(डॉक्टर ने स्टेटस्कोप को सिमरन के पेट पर रखा और आवाज़ को एम्पलीफाई किया।)

(कमरे में 'धक-धक' की आवाज़ के बजाय, एक गहरी, भारी और खुरदरी आवाज़ गूंजी।)

*गुर्र्र्र... गुर्र्र्र...*

(यह दिल की धड़कन नहीं लग रही थी। यह किसी शेर या भेड़िये के गुर्राने जैसी आवाज़ थी। एक ऐसी आवाज़ जिसमें ताकत थी, चेतावनी थी, और एक प्राचीन क्रूरता थी।)

सिमरन की आँखें फैल गईं। उसका चेहरा पीला पड़ गया।

सिमरन (कांपती आवाज़ में) बोली - 
ये... ये क्या आवाज़ है डॉक्टर साहिबा?
ये मेरे बच्चे की धड़कन है?

डॉक्टर अंजलि ने स्टेटस्कोप हटा लिया। उनकी आँखों में अब हैरानी के साथ-साथ गहरा संदेह था।

डॉक्टर अंजलि (गंभीरता से) बोली - 
सिमरन, मैंने ऐसे कई मामले देखे हैं, लेकिन...
यह धड़कन इंसानी नहीं लग रही।
और इस बच्चे की विकास दर... यह सामान्य से तीन गुना तेज है।
छह सप्ताह के भ्रूण में इतनी मांसपेशियों का विकास? इतनी हड्डियों की मजबूती?
यह असंभव है।

(सिमरन उठकर बैठ जाती है। उसे करन की बात याद आती है—*"एक इंसान और एक वैंपायर का बच्चा... शायद तबाही।"*

सिमरन (मन ही मन) सोचती है - 
*तो यह सच है।*
*मेरा बच्चा... आधा वैंपायर है।*

डॉक्टर अंजलि (सिमरन के हाथ पर हाथ रखते हुए) बोली - 
सिमरन, मुझे सच बताओ।
बच्चे के पिता... वे कौन हैं?
क्या उनका कोई पारिवारिक इतिहास है? कोई आनुवंशिक बीमारी?

सिमरन झूठ नहीं बोल सकती थी। लेकिन सच भी नहीं कह सकती थी।

सिमरन (धीमे स्वर में) बोली - 
वे... वे अलग हैं, डॉक्टर साहिबा।
उनका वंश... सामान्य नहीं है।

डॉक्टर अंजलि ने गहरी सांस ली।

डॉक्टर अंजलि बोली - 
मुझे नहीं पता कि यह बच्चा क्या है।
लेकिन मैं आपको एक चेतावनी देना चाहती हूँ।
यह गर्भावस्था सामान्य नहीं होगी।
बच्चा बहुत ताकतवर है। वह आपसे ज्यादा ऊर्जा लेगा।
और अगर यह आवाज़... यह 'गुर्राना'... बढ़ता गया, तो हमें विशेषज्ञों की टीम की जरूरत पड़ेगी।

सिमरन उठती है। अपने कपड़े ठीक करती है। उसके चेहरे पर अब डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी गर्व और जिम्मेदारी है।

सिमरन (दृढ़ता से) बोली - 
कोई विशेषज्ञ नहीं, डॉक्टर साहिबा।
यह मेरा बच्चा है।
और मैं इसे संभाल लूंगी।

(वह क्लिनिक से बाहर निकलती है। बाहर सूरज चमक रहा था, लेकिन सिमरन को ठंडक महसूस हो रही थी।)

(उसने अपना हाथ पेट पर रखा।)

सिमरन (फुसफुसाते हुए) बोली - 
तुम ताकतवर हो, छोटे से।
तुम्हारे पापा का खून तुममें है।
लेकिन याद रखना... तुम्हारी माँ का दिल भी तुममें है।
और मैं तुम्हें इंसान बनाऊंगी। चाहे तुम्हारी धड़कन शेर जैसी क्यों न हो।

(तभी, उसकी जेब में रखा फोन वाइब्रेट होता है।
एक अनजान नंबर से मैसेज आया है।)

*"मत डरो। वह सुरक्षित है।"*

(सिमरन फोन को देखती है। नंबर ब्लॉक था। लेकिन उसे पता था—यह करन का मैसेज है।
वह उसे जानती थी। वह उसे देख रहा था।)

सिमरन (मुस्कुराते हुए, आँखों में आंसू लिए) बोली - 
आप देख रहे हैं, करन जी?
आपका बेटा... या बेटी... अभी से शेर बन गया है।

"प्रकृति ने अपने नियम तोड़ दिए थे।
एक नया जीवन जन्म ले रहा था—न इंसान, न वैंपायर।
बल्कि कुछ ऐसा, जिसकी दुनिया ने कल्पना भी नहीं की थी।"


(गर्भावस्था के तीसरे महीने में सिमरन की हालत और भी खराब हो गई थी। उसे सामान्य औरतों से कहीं ज्यादा कमजोरी महसूस होती थी। कभी-कभी तो उसे ऐसा लगता जैसे उसके शरीर का सारा खून, सारी ऊर्जा कोई पी रहा हो। शरीर में एक अजीब सा भारीपन रहता था, जैसे कोई अदृश्य बोझ उसके कंधों पर बैठा हो।)

(डॉक्टर ने कहा था—"बच्चा बहुत ताकतवर है, वह आपसे ज्यादा ऊर्जा ले रहा है।" लेकिन सिमरन जानती थी कि यह सिर्फ ऊर्जा नहीं है—यह उस वैंपायर खून का असर है, जो बच्चे के अंदर पल रहा था।)

(एक रात, सिमरन गहरी नींद में सो रही थी। बाहर तेज हवाएं चल रही थीं। हवेली का हर कोना अंधेरे में डूबा हुआ था।)

(अचानक, नीचे की खिड़की का कांच टूटने की आवाज़ आई।)

*छनन्न...*

(तीन-चार साये हवेली के अंदर दाखिल हुए। उनके हाथों में चमकते हुए चाकू थे। वे चोर थे—बेदर्द, लालची, और मौत के सौदागर।)

चोर 1 (फुसफुसाते हुए) बोला - 
सुना है इस हवेली में बहुत सोना-चांदी है।
जल्दी करो, कोई नहीं है यहाँ।

चोर 2 बोला - 
ऊपर एक औरत सो रही है। Pregnent है।
पहले उसे खत्म करेंगे, फिर सामान ले जाएंगे।

(वे सीढ़ियों से ऊपर चढ़े। उनके कदमों की हल्की सी आवाज़ भी सिमरन की नींद नहीं तोड़ पाई—वह इतनी गहरी नींद में थी, शायद थकान के कारण।)

(वे बेडरूम में दाखिल हुए। सिमरन बिस्तर पर लेटी थी, उसका हाथ पेट पर रखा हुआ था। उसका चेहरा शांत था, लेकिन मासूम।)

चोर 3 (मुस्कुराते हुए) बोला - 
देखो, कितनी बेचारी है।
पेट में बच्चा है, और हम इसे मारने आए हैं।

(वह चाकू उठाता है और सिमरन के पेट की ओर बढ़ाता है।)

(लेकिन जैसे ही चाकू की नोक सिमरन के पेट से एक फुट दूर पहुँचती है—)

*अचानक, कमरे में एक अजीब सी हलचल होती है।*

(सिमरन के पेट से एक हल्की सी नीली रोशनी निकलती है। यह रोशनी तेज होती जाती है, और एक अदृश्य शक्ति का आवरण बन जाती है।)

(चाकू हवा में ही रुक जाता है। चोर के हाथ कांपने लगते हैं।)

चोर 3 (घबराकर) बोला - 
ये... ये क्या है?

(तभी, सिमरन के पेट से वही गहरी, गुर्राती हुई आवाज़ आती है—जो अल्ट्रासाउंड में सुनाई दी थी।)

*गुर्र्र्र्र... गुर्र्र्र्र...*

(लेकिन इस बार यह आवाज़ सिर्फ ध्वनि नहीं थी—यह एक ताकत थी। एक लहर।)

(तीनों चोरों के शरीर अचानक कांपने लगते हैं। उनके चेहरे पर खौफ है। वे पीछे हटने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनके पैर जमीन से चिपक गए हैं।)

चोर 1 (चीखते हुए) बोला - 
बचाओ! कुछ हो रहा है!

(उनके शरीर से धुआं निकलने लगता है। पहले उनके हाथ, फिर पैर, फिर पूरा शरीर—राख बनने लगता है।)

(कुछ ही पलों में, तीनों चोर हवा में राख बनकर बिखर जाते हैं। चाकू भी पिघलकर राख हो जाता है।)

(कमरे में फिर से सन्नाटा छा जाता है। सिमरन की नींद खुलती है। वह चौंककर उठती है, चारों तरफ देखती है।)

(फर्श पर राख बिखरी हुई है। खिड़की टूटी हुई है। लेकिन कोई नहीं है।)

सिमरन (घबराकर, अपने पेट पर हाथ रखते हुए) बोली - 
क्या... क्या हुआ?
ये राख... ये चोर थे?

(वह उठती है, कांपते कदमों से खिड़की के पास जाती है। बाहर कोई नहीं है। बस हवाएं चल रही हैं।)

(वह वापस आती है, फर्श पर पड़ी राख को देखती है। और तभी उसे एहसास होता है—)

(उसका बच्चा।)

(वह धीरे से बिस्तर पर बैठ जाती है। अपने पेट पर दोनों हाथ रखती है। उसकी आँखों में आंसू आ जाते हैं, लेकिन यह डर के नहीं, आश्चर्य और गर्व के आंसू हैं।)

सिमरन (रोते हुए, फुसफुसाते हुए) बोली - 
तुम... तुमने मुझे बचाया?
तुम अभी इतने छोटे हो... और तुमने मुझे बचा लिया?

(उसे करन की बात याद आती है—*"एक वैंपायर और एक इंसान का बच्चा... शायद तबाही।"*

(लेकिन यह तबाही नहीं थी। यह... सुरक्षा थी। यह प्यार था।)

सिमरन (मुस्कुराते हुए, आंसू पोंछते हुए) बोली - 
तुम्हारे पापा कहते थे कि तुम राक्षस बनोगे।
लेकिन तुम तो... तुम तो मेरे रक्षक हो।
तुमने मुझे बचाया, छोटे से।

(वह अपने पेट को चूमती है। और तभी, उसे पेट में हल्की सी हरकत महसूस होती है—जैसे बच्चा जवाब दे रहा हो।)

(सिमरन हंसती है। पहली बार कई हफ्तों बाद, उसके चेहरे पर सच्ची मुस्कान है।)

सिमरन (गर्व से) बोली - 
कोई भी आए, कोई भी मुझे चोट पहुँचाने की कोशिश करे...
तुम उसे बर्बाद कर दोगे।
क्योंकि तुम सिर्फ मेरे बेटे नहीं हो...
तुम मेरे हो, और मैं तुम्हारी।

(बाहर हवाएं शांत हो गई हैं। चाँदनी कमरे में फैली है। और सिमरन अपने पेट पर हाथ रखे, एक अजीब सी शांति महसूस कर रही है।)

(तभी, उसका फोन बजता है। वही अनजान नंबर।)

*"मैंने देखा। तुम सुरक्षित हो।"*

(सिमरन मुस्कुराती है। वह जवाब देती है—)

*"हाँ, करन जी। मैं सुरक्षित हूँ।*
*क्योंकि आपका बेटा... या बेटी... मेरी रक्षा कर रहा है।"*

(दूसरी तरफ, कहीं दूर एक अंधेरे कमरे में, करन फोन को देखता है। उसकी आँखों में आंसू हैं।)

करन (फुसफुसाते हुए) बोला - 
मेरा बच्चा...
वह ताकतवर है।
और वह सिमरन की रक्षा कर रहा है।

(वह फोन रखता है। और पहली बार, उसे अपने फैसले पर शक होने लगता है—क्या उसने सच में सही किया? क्या उसे वापस जाना चाहिए?)

"एक माँ का प्यार और एक बच्चे की ताकत—
दोनों मिलकर एक अजेय ढाल बन गए थे।
और कहीं दूर, एक पिता... अपनी गलती पर पछताने लगा था।"