(सुबह की नरम धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। सिमरन की आँखें खुलीं, लेकिन वह तुरंत उठी नहीं। उसने पहले अपने पेट पर हाथ रखा, जैसे बच्चे का हालचाल पूछ रही हो। रात की घटना अभी भी उसके दिमाग में ताज़ा थी—वह राख, वह गुर्राहट, और वह अदृश्य सुरक्षा कवच।)
(वह धीरे से बिस्तर से उठी। उसके शरीर में वही भारीपन और कमजोरी थी, लेकिन चेहरे पर एक अलग ही चमक थी। वह अब डरी हुई नहीं, बल्कि सशक्त महसूस कर रही थी।)
(वह बाथरूम गई, अपना चेहरा धोया और सादे लेकिन आरामदायक कपड़े पहने। जब वह कमरे से बाहर निकली, तो लंबी सीढ़ियों से नीचे उतरते हुए उसे पैरों में हल्का कंपन महसूस हुआ। गर्भावस्था की यह कमजोरी अब उसे भारी लग रही थी, क्योंकि उसे पता था कि इसके पीछे का कारण सामान्य नहीं है।)
(नीचे डाइनिंग रूम में, नौकरानी रमा देवी नाश्ते की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने सिमरन को देखा और मुस्कुराईं।)
रमा देवी (आदर से) बोली -
मालकिन... नाश्ता बना दूँ?
आज आप थोड़ी देर से उठी हैं। शायद आपको अच्छी नींद आई होगी।
(सिमरन ने एक पल के लिए रुककर सोचा। क्या उसे रात की बात बताए? नहीं। अगर उसने बताया, तो घर में डर फैल जाएगा। और सबसे ज़रूरी, उसे इस रहस्य को अपने तक ही रखना था, ताकि दुनिया उसके बच्चे को 'राक्षस' न समझे।)
सिमरन (शांत स्वर में, मुस्कुराते हुए) बोली -
हाँ, रमा दीदी। नाश्ता बना दीजिए।
लेकिन आज कुछ हल्का बनाइएगा। दालिया या खिचड़ी।
मुझे भूख तो बहुत है, लेकिन पेट भारी लग रहा है।
रमा देरी (चिंता से) बोली -
जी मालकिन। मैं अभी बनाती हूँ।
आप बैठिए, मैं चाय भी लाती हूँ।
(सिमरन टेबल पर बैठ जाती है। वह खिड़की से बाहर देखती है। बाहर बगीचे में पक्षी चहचहा रहे हैं। सब कुछ सामान्य लग रहा है, लेकिन सिमरन जानती है कि उसके अंदर एक तूफान पल रहा है—एक ऐसा तूफान जो उसे बचा सकता है, या दुनिया को बदल सकता है।)
(तभी, उसका फोन वाइब्रेट होता है। वही अनजान नंबर।)
*"क्या तुम ठीक हो?"*
सिमरन फोन को देखती है। उसके होठों पर एक हल्की सी मुस्कान आ जाती है। वह टाइप करती है:
*"हाँ, करन जी। मैं ठीक हूँ।*
*और हम दोनों सुरक्षित हैं।"*
(वह फोन रख देती है। रमा देवी नाश्ता लेकर आती हैं। सिमरन धीरे-धीरे खाने लगती है। हर निगल के साथ, उसे एहसास होता है कि बच्चा शांत है। जैसे रात के बाद, वह भी थक गया हो।)
सिमरन (मन ही मन) सोचती है -
*अगर चोरों को बर्बाद कर सकते हो, तो क्या तुम अपने पापा को भी वापस ला सकते हो?*
*क्या तुम्हारी ताकत सिर्फ रक्षा के लिए है, या मिलन के लिए भी?*
(वह अपने पेट को सहलाती है।)
सिमरन (फुसफुसाते हुए) बोली -
आज हम डॉक्टर के पास जाएंगे, छोटे से।
देखते हैं, डॉक्टर क्या कहते हैं।
और फिर... हमें एक योजना बनानी होगी।
क्योंकि अब छिपकर रहने का समय खत्म हो चुका है।
"सिमरन अब इंतज़ार नहीं कर रही थी।
वह तैयारी कर रही थी।
एक माँ की तैयारी, जो अपने बच्चे के भविष्य के लिए किसी भी हद तक जा सकती थी।"
(डॉक्टर अंजलि के क्लिनिक में फिर से वही सन्नाटा था, लेकिन इस बार हैरानी की जगह गहरा भय छाया हुआ था।)
सिमरन अब 21 वर्ष की थी। उसका चेहरा अभी भी मासूमियत से भरा था—बड़ी-बड़ी आँखें, कोमल त्वचा—लेकिन उसकी आँखों में अब वह बचकाना डर नहीं था। पिछले कुछ महीनों की घटनाओं ने उसे परिपक्व बना दिया था। वह एक युवा लड़की से एक जिम्मेदार महिला बन चुकी थी, जो अपने और अपने बच्चे के रहस्य को संभालने के लिए तैयार थी।
डॉक्टर अंजलि ने अल्ट्रासाउंड जेल लगाया और प्रोब सिमरन के पेट पर रखा। स्क्रीन चमक उठी।
जैसे ही छवि स्पष्ट हुई, डॉक्टर अंजलि की सांस रुक गई। उन्होंने चश्मा उतारा, आँखें मलीं, और फिर से देखा।
डॉक्टर अंजलि (हकलाते हुए) बोली -
ये... ये असंभव है, सिमरन।
तुम्हारी गर्भावस्था केवल तीन महीने की है।
तीन महीने के भ्रूण का आकार मुट्ठी भर होता है। अंग बनने शुरू होते हैं, लेकिन स्पष्ट नहीं होते।
(उन्होंने स्क्रीन की ओर इशारा किया।)
डॉक्टर अंजलि जारी रखी -
लेकिन यहाँ... यहाँ एक पूर्ण विकसित शरीर दिखाई दे रहा है।
देखो... इसके हाथ, पैर, उंगलियां... सब स्पष्ट हैं।
इसकी रीढ़ की हड्डियां पूरी तरह से बन चुकी हैं।
यह विकास... यह किसी 7 या 8 महीने के बच्चे जैसा है।
सिमरन शांत बैठी रही। उसके चेहरे पर कोई झटका नहीं था। उसे पहले से अनुमान था।
सिमरन (शांत स्वर में) बोली -
तो क्या बच्चा ठीक है, डॉक्टर साहिबा?
डॉक्टर अंजलि ने सिर हिलाया, लेकिन उनकी आवाज़ कांप रही थी।
डॉक्टर अंजलि बोली -
'ठीक' शब्द यहाँ लागू नहीं होता, सिमरन।
यह बच्चा... यह सामान्य मानव विकास के नियमों का पालन नहीं कर रहा।
इसकी हड्डियों का घनत्व (density) इस्पात जैसा है।
और देखो... इसके पीछे।
(डॉक्टर ने स्क्रीन को ज़ूम किया। बच्चे की पीठ की ओर, कंधों के पास, दो छोटे से गांठ जैसे उभार दिख रहे थे।)
डॉक्टर अंजलि (फुसफुसाते हुए) बोली -
ये क्या हैं?
क्या ये... पंखों के निशान हैं?
या कोई विकृति?
सिमरन का दिल ज़ोर से धड़का। *पंख।* करन के पंख।
उसे याद आया कि कैसे करन ने रात को पंख फैलाए थे। क्या यह जीन अगली पीढ़ी में भी जा रहा था?
सिमरन (तुरंत बहाना बनाते हुए) बोली -
शायद यह मशीन की गड़बड़ी है, डॉक्टर साहिबा।
या शायद यह सिर्फ मांसपेशियों का विकास है।
डॉक्टर अंजलि ने गहरी सांस ली। वे जानती थीं कि यह मशीन की गड़बड़ी नहीं थी।
डॉक्टर अंजलि (गंभीरता से) बोली -
सिमरन, मैं तुमसे ईमानदार रहूंगी।
यह बच्चा तेजी से बढ़ रहा है। बहुत तेजी से।
अगर यह गति बनी रही, तो हो सकता है कि यह बच्चा समय से पहले ही पैदा होने के लिए तैयार हो जाए।
शायद पांचवें या छठे महीने में ही।
और उसका आकार... उसका वजन... सामान्य नवजात शिशु से कहीं ज्यादा होगा।
सिमरन ने अपना हाथ पेट पर रखा। उसे अंदर से एक हल्की सी ठोकर महसूस हुई। जैसे बच्चा कह रहा हो—*"मैं तैयार हूँ।"*
सिमरन (दृढ़ता से) बोली -
मैं समझ गई, डॉक्टर साहिबा।
आप बस यह सुनिश्चित करें कि मेरी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर रहे।
बाकी... बाकी मैं संभाल लूंगी।
डॉक्टर अंजलि ने सिमरन को देखा। इस 21 साल की लड़की में जो दृढ़ता थी, वह किसी अनुभवी योद्धा जैसी थी।
डॉक्टर अंजलि बोली -
ठीक है। लेकिन अगर तुम्हें कोई असामान्य लक्षण दिखे—बुखार, अत्यधिक कमजोरी, या कोई अन्य परिवर्तन—तो तुरंत आना।
यह गर्भावस्था... यह इतिहास रच रही है, सिमरन।
(सिमरन उठी। उसने डॉक्टर को धन्यवाद दिया और बाहर निकल आई।)
(बाहर सूरज तेज चमक रहा था। सिमरन ने अपनी आँखों पर चश्मा लगाया। वह कार की ओर बढ़ी।)
सिमरन (मन ही मन) सोचती है -
*पांचवें महीने में?*
*मतलब, मेरे पास केवल दो महीने बचे हैं।*
*दो महीने में मुझे करन को वापस लाना होगा।*
*क्योंकि जब यह बच्चा पैदा होगा... तो दुनिया इसे स्वीकार नहीं कर पाएगी।*
*और सिर्फ एक वैंपायर पिता ही इसे समझ सकता है।*
(उसने कार स्टार्ट की। उसका चेहरा अब पूरी तरह से सख्त हो चुका था। मासूमियत गायब हो चुकी थी। अब केवल एक लक्ष्य था—करन को वापस लाना, चाहे कुछ भी हो जाए।)
"समय तेजी से बीत रहा था।
बच्चा बढ़ रहा था।
और सिमरन... सिमरन अब इंतजार नहीं कर रही थी।
वह शिकार पर निकल चुकी थी।"