इंटरनेट वाला लव - 14 in Hindi Love Stories by Mehul Pasaya books and stories Free | इंटरनेट वाला लव - 14

इंटरनेट वाला लव - 14

ओके बाबा आगे से ध्यान रखेंगे ओके हैप्पी

ओके ठीक है

लोकेशन चेंज...

तो भाई कुच तय किया आपने की कहा जाना है

नही समीर अभी तक कुच भी समझ नही आ रहा है

अच्छा सुनो ना भाई ये घुमने का प्लान रहने दो अभी घूम ने नही जायेंगे। अभी घर जायेंगे ठीक है

ठीक है समीर जैसी तुम्हारी मरज़ी

हा बस आगया भाई घर अपना

अरे वाह हमे तो पता ही नही चला घर इतनी जल्दी आ गया

वो भाई आप सोच रहे थे ना तो आप का ध्यान ना रहा इस लिये आपको याद नही शायद है ना

हा हो सक्ता है

ओके अब चलो अंदर

अरे हितेश बेटा आप आगये

हा मॉम आगया मे सो अब थोडी देर के बाद जायेंगे

ठीक है चले जाना पर अभी आओ कुच नाश्ता करलो

जी ठीक है मॉम

कमिंग सून न्यू पर्सन...

अरे समीर कोन है वो भाई हमे भी तो बता

हा भाई वो ना एक लड्की है नाम है। मिस्स आषथा  मेहता

ओह वोव ग्रेट ओके आने दो हमे भी तो पता चले आखिर कौन है वो

ओके आये तो देख लेना फिलहाल हमे लेने जाना पडेगा रेलवे स्टेशन

ओके सो खाना खाके जाते है तब तक वो आजायेगी ओके

हा ठीक है

इनकमिंग कॉल...

वेट भाई कॉल आये है। हा हेल्लॉ आषथा बोलिए कहा तक आगये आप

जी बस हम एक स्टेशन आगे है बस नेक्स्ट स्टेशन मे उतर जायेंगे

ओके ठीक है जब स्टेशन आजाये तो कॉल करना और हा डोंट वरि हम इसे पहले आजायेंगे ओके

हा जल्दी आना हम ज्यादा वैट नही कर सकते है

ओके डोंट वरि आ जायेंगे ओके

ओके कॉल रखती हू

जी जरूर

अच्छा समीर मेरा तो हो गया डिनर

जस्ट वेट भाई मेरा थोडा सा ही बाकी है फिर जायेंगे ओके

ओके श्योर भाई

हम्म डन इट ब्रो सो चले

हा चलो

लोकेशन चेंज...

वॉट ध रबिश ये लोग कहा रह गये अभी तक

हेय हेल्लॉ आषथा

ओह हेल्लॉ मिस्टर कब से यहा पे वेट कर रही हू पता है कुच

अच्छा बाबा सॉरी ना वो राश्ते मे लेट हो गये

ओके कोई बात नही और ये कोन है तुम्हारे साथ मे

ओह इनसे मिलाना तो रह गया बाई द वे आषथा ये मेरे भाई हितेश दरअसल ये मेरे बॉस है पर मे इन्हे भाई बुलाता हू और भाई ये आषथा मेरि दोस्त है

ओह हेल्लॉ आषथा जी होव आर यू

हेल्लॉ इ एएम फ़ाइन ऐण्ड यू

या मी टू

ओके गाइज़ सो चले अब घर

हा चलो

वैसे समीर तुम अभी कहा रहते हो

हा मे अभी भाई के घर पे रहता हू क्यू की दिन मे काम होता है तो भाई के घर रहता हू और शाम को अपने घर

हेय समीर क्या बोल रहा है मेरा घर तेरा घर वो मेरा घर फिर ये उसका और अपना कहा से आगया हा

ओह सॉरी भाई वैसे तो हम दोनो जानते है की हम कैसे रहते है बाकियों को नही पता है ना इस लिये अब नही बोलेंगे ओके

हा बोलना भी मत ओके

ओके भाई

ओके गाइज़ तुम दोनो बहुत अलग हो पर फिर भी लग नही रहे हो की अलग हो

अरे हम दोनो बहुत टाईम से साथ मे है सो ऐसा कभी मेहसूश ही नही होगा है ना समीर

हा भाई आपने बिल्कुल सही कहा

                  

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                               पर इसके लिये इन्तज़ारि है जरूरी...