My words my identity - 2 in Hindi Poems by Shruti Sharma books and stories PDF | मेरे शब्द मेरी पहचान - 2

मेरे शब्द मेरी पहचान - 2

मेरी पहली कविता जो माँ पे थी

---- माँ ----

एक माँ दोस्त का , बहन का सबका फर्ज
निभाती है,
फिर भी क्यो दुखी रह जाती है।
अपना दुख भुला के अपने बच्चों के साथ घुल मिल
जाती है,
कभी माँ बनकर डाटती है तो
कभी बहन बनकर हँसाती है।
अपने बच्चों को सब कुछ देकर उनका पेट भरती है,
मगर खुद कुछ खाए बिना ही
उनकी खुशी से अपना पेट भर लेती है।
कभी अपना दुख भूल के अपने बच्चों के साथ
खुश होती है,
तो कभी अपनी खुशी भुला के अपने बच्चों के साथ
दुखी होती है,
तभी तो हर पल, हर क्षण, हर जगह
माँ ही याद आती है।।
माँ ही याद आती है।।

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---- माँ ----

अंगुली पकडकर चलना सीखा हूँ,
माँ से जीना सीखा हूँ,
माँ के ही साथ रहता हूँ,
माँ पे ही जान चिडकता हूँ,
जाने कब बच्चे से बड़ा बन गया हूँ ,
अपनी माँ की शान बन गया हूँ,
दुनिया का मैं भला करुँ,
धारती माँ का मैं सम्मान करुँ,
भारत देश की मैं रक्षा करुँ,
दुश्मनों से मैं ना डरु,
लोग कहते हैं की मै अभी कच्चा हूँ,
पर मैं कहता हूँ की चाहे कितना भी हो जाउं बड़ा
माँ मै आज भी तेरा बच्चा हूँ ।
मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ।।

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---- सच्चा यार ----

सच्चे दोस्त के दिल में कुछ जुबान पे कुछ और
होता है,
वो खुद तो नही जतलाता पर हर समय जुबान पे दोस्त का ही नाम रहता है,
ये समय का किस्सा भी बड़ा अजीब होता है,
दोस्त के साथ समय का पता ही नही चलता और
दोस्त के बिना समय गुजरता ही नही है।
बिन दोस्त के दिल खूब रुलाता है पर
दोस्त के साथ रहने का मज़ा ही कुछ और आता है।
दोस्त के लिये तो ये जान भी कुर्बान जाये,
दोस्ती तो एक एसा रिश्ता है
जिसके लिये जिया जए तो जिन्दगी भी कम पड जाये।
बिन दोस्त के जिन्दगी जीने की नही रहती कोई आशा है,
अब तो बस ये दिल दोस्त का साथ ही पाने को चहता है।।
दोस्त के साथ को पाने को चहता है।।

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---- दोस्ती ----

ए मेरे दोस्त तुम जिन्दगी की दौड़ में चाहे
कितनी आगे निकल जाओगे,
पर फिर वापिस मुडके इस दोस्त को ना
पाओगे।
कभी कभी इस दोस्त को भी पुकार लो,
कुछ समय इस दोस्त के साथ भी गुजार लो।
जिन्दगी कई मौके नही देती है अच्छी
दोस्ती को,
हर पल खुश रखे रब मेरी इस दोस्त को।
आप जैसा दोस्त मुझे ना कभी मिल पायेगा,
आपके बिना ये दोस्त कहां जी पायेगा।
रब करे हमरी दोस्ती सदा सलामत रहे,
हर जनम मुझे दोस्त के रूप में आप ही मिले।
जिन्दगी के हर मोड़ पर तुम याद आओगी,
अपनी हर मुश्किल में सदा मुझे अपने साथ पाओगी।
ये दोस्ती का अटूट बंधन कभी नही टूटेगा,
फिर तो चाहे जान भी जाये,
ये दोस्ती का हाथ कभी नही छूटेगा।।
कभी नही छूटेगा।।

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---- जय जवान ----

सलाम है उन नौजवानों को
जिन्होंने देश को आज़द करवाया,
अमर रहें वो जवान जिन्होने देश के लिये
अपने प्राणों को है गवाया।
भारत देश के गौरव हैं वो जवान
जो बॉर्डर पर तैनात हैं,
हमें क्या दर है उन दुश्मनों का
जब हमारे नौजवान हमरे साथ हैं।
भारत देश की रक्षा के लिये वो हर पल
सजग रहते हैं,
अपने देश की तरफ आँख उठाने वालों को
वे जड़ से खत्म कर देते हैं।
उन जवानों की वजह से आज हम आजाद हैं,
हम भारतवासियों का उनको कोटि कोटि प्रणाम है।
भारत देश का तिरंगा🇮🇳 हवा से नही है
लहराया,
लहराया है तो उन जवानों की आखरी साँसों से
जिन्होनें देश के लिये अपने प्राणों को है गवाया।
हर जवान को अपना देश बेहद प्यारा है,
चाहे छाती चीर के देख लो यारो
सीने में बसता तिरंगा🇮🇳 हमारा है।।

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✍🏻✍🏻✍🏻✍🏻-- श्रुति शर्मा

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“माँ” बच्चों के पहला दोस्त

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