unbearable pain of a woman in Hindi Motivational Stories by shama parveen books and stories PDF | एक स्त्री का बेजुबा दर्द

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एक स्त्री का बेजुबा दर्द

एक स्त्री जिसे त्याग की मूर्ति समझा जाता है, लोग सोचते है कि एक स्त्री का जीवन सिर्फ त्याग करने के लिए ही होता है चाहे वो त्याग मां पापा के लिए हो या पति के लिए या फिर बच्चो के लिए , स्त्री बस त्याग ही करती रहे उसका खुद का कोई वजूद नही होता है। वह बस इन सब में पिस के रह जाती हैं। उसकी खुद की कोई जिंदगी नही होती ,खुद की कोई पहचान नही होती खुद की कोई खुशी नही होती बस होती है तो बस दूसरो के लिए त्याग की इच्छा। लोग यह सोचते है की एक स्त्री का काम सिर्फ झाड, पोछा, खाना बनाना, घर संभालना पति को संभालना, बच्चे संभालना बस। बस यही एक स्त्री का जीवन है। इसके सिवा एक स्त्री कुछ नही कर सकती है। इस के साथ में आपको एक स्त्री की बेजुबा दर्द की कहानी बताती हु।
एक बार एक घर में एक लड़की का जन्म हुआ वो अपने मां पापा की पहली औलाद है लड़की होने पे खुशी तो हुई मगर इस बात का दुख भी था की काश लड़का होता तो कितना अच्छाा होता । इसी के साथ साथ वो लड़की बड़ी होती गई
उसकेे मां पापा गरीब थे इस लिए उसकी जिन्दगी इतनी अच्छी नही गुजरी उसके और भी भाई बहन थे, जिसकी वजह से उसके घर वाले उन्हे अच्छे से खिला पिला नही पाते थे।
फिर धीरे धीरे दिन बीतते गए वो लड़की बडी हो गई उसके घर वालो को इस बात की। चिंता होती थी की अब हम इसकी शादी केसे करेंगे क्योंकि हमारे पास तो इतने पैसे भी नही हैं कि हम इसकी शादी करे। मगर ये बात भी सच है कि जिनके घर में लड़की रहती हैं उन्हें इतनी टैंशन नही होती जितनी की बाहर वालो को । अब बाहर वालो ने उसके लिए रिश्ते लाना शुरू कर दिया। उस लड़की के मां पापा गतीब तो थे मगर उसके साथ साथ वो बहुत ही सीधे साधे थे। वो लोगो के चालाकी को नही समझ पाते थे। वो हर किसी को अपनी तरह ही समझते थे। मगर उनकी यही गलती उन पे बहुत ही भारी पड़ गई। जवान लड़की देख कर के लोग अब उनके घर रिश्ते लाने लगे। और इसी के बीच मे उनके किसी पड़ोसी ने एक रिश्ता दिखाया कि हमारे यहां एक लड़का हैं बहुत ही सुंदर और संस्कारी और अच्छा कमाता भी हैं ये देख कर लड़की के मां पापा खुश हो गए की हमे एक अच्छा लड़का मिल गया है। और उन लोगो ने कहा कि हम कोई दहेज भी नही लेंगे ।
इससे वो लोग भी खुश हो गए और उन्होंने शादी के लिए हा भी कर दि। और फिर आखिरकार उनकी शादी हो गई। और अब उस लड़की कि शादी हो गई और वो बहुत ही खुश थी कि अब मेरी शादी हो गई हैं मेरे पति के पास पैसे हैं वो अच्छा हैं अब मैं अच्छे से रहूंगी बिना किसी दुःख के । जैसे ही वो लड़की अपने ससुराल पहुंची तो देखती हैं की वहा पे पांच बच्चे हैं और वो खेल रहे है । वो लड़की वहा बैठ गई फिर क्या देखती हैं कि वो बच्चे उसके पति को पापा बुला रहे हैं उसे अजीब सा लगता हैं। फिर उसे पता चलता हैं कि वो आदमी पहले ही शादी शुदा था और उसके पांच बच्चे भी थे , उसे कुछ भी समझ नही आता है कि उसके साथ ये क्या हो रहा है।
फिर ये बात उसके घर वालो को भी पता चल जाती है मगर अब उसके घर वाले भी कुछ नही कर पाते है। वो अपनी बेटी से बोलते हैं की बेटी अपनी किस्मत समझ के यही रह ले क्यूकी हम अब क्या कर सकते हैं हमारी और भी बेटी हैं अगर हम अभी किसी को कुछ बोलेंगे तो हमारी ही बदनामी होगी। वो अपनी बेटी को ही चुप करा देते हैं फिर वो लड़की चुप चाप वहा रहने लगती हैं । मगर उसकी जिन्दगी इतनी आसान भी नही थी। क्युकी उसका पति शराब पीकर उसे रोज मारता था, और तो और उसके बच्चे भी उसे पिटवाते थे । रोज झूठ बोल कर के। मगर इन सब मे अच्छी बात यह थी कि उसकी एक छोटी बहन थी जिससे कि वो बचपन मे बहुत लड़ती थी। ने उसका साथ नही छोड़ा उसने उसका पूरा साथ दिया वो अपने बहन के पति को डांट ती थी , और अपनी बहन का पूरा साथ देती थी। इसी के साथ साथ दिन बीतते गए। उनके घर मे एक लड़का हुआ । मगर उसके पति की हरकते नही बदली। इसी के साथ साथ दिन बीतते गए अब उनके पांच बच्चे हो गए, मगर उसके पति की शराब पीने की आदत नही गई। मगर इन सब के बीच उसके मां पापा ने उसका साथ नही छोड़ा वो हर तरह से उसकी मदद करते थे। ज्यादा शराब पीने की वजह से एक दिन उसके पति की तबियत खराब हो गई और uska पति इस दुनिया को छोड़ के चला गया। वो बेचारी अब बिल्कुल अकेली पड़ गई ऊपर से पांच बच्चे। मगर उसके मम्मा पापा ने उसको अकेला नही छोड़ा और उसकी छोटी बहन जो हर वक्त उसके साथ थी । उसके मां पापा ने उसको और उसके बच्चे को संभाल लिया। अब धीरे धीरे उसके बच्चे भी बड़े होने लगे उसकी बेटियो ने शादी कर ली और अपनी मां से अलग हो गई।। और अब वो औरत बीमार रहने लगी लोगो ने बोला कि अब बेटे की शादी कर दो बहु देख भाल भाल करेगी। तो उसने अपने बेटे की भी शादी कर दी घर मे बहु आ गई । अब लगा कि उसकी जिन्दगी सवर जायेगी मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था । बेटे की शादी तो गई मगर बहु कुछ दिन मे ही सास से लड़ के अलग हो गई। और उल्टा सास को ही बदनाम कर दिया कि सास ने ही भगा दिया । और अब बेटा भी अलग हो गया उसने बीवी के लिए अपनी मां को ही अलग कर दिया फिर एक बार वो औरत अकेली हो गई । और अब वो अपने दूसरे बेटे के साथ अकेली ही रहती हैं खुद ही सारा काम करती है और बीमार पड़ी रहती है।।