Vividha - 37 in Hindi Anything by Yashvant Kothari books and stories PDF | विविधा - 37

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विविधा - 37

37-दस जमा दो के बाद क्या करें ?

 सर्व प्रथम मैं आपको बधाई देता हूं कि आपने दस जमा दो की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। अब आप अपने जीवन के अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं और विज्ञान, शिक्षा, तकनोलोजी, चिकित्सा, कम्प्यूटर, कृपि, गृहविज्ञान, मौसम विज्ञान, वास्तुशिल्प, इंजीनियरिंग, कला व वाणिज्य वर्ग के सैकड़ों क्षेत्र में प्रवेश के हकदार बन गये हैं। यही समय है जब आप अपने व्यक्तित्व, अपनी क्षमताओं तथा अपनी योग्यताओं के आधार पर एक सुखी समृद्ध और संतोपप्रद भविप्य के लिए योजना बना कर काम कर सकते हैं। इस वक्त लिया गया निर्णय आगे जाकर बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होगा। एक सही निर्णय आपके लिए खुसहाली ला सकता है। जब कि गलत निर्णय से आपको परेशानी हो सकती है। हर व्यक्ति अपनी रुचि, व्यक्तित्व, क्षमता तथा योग्यता के आधार पर सही व्यवस्था चुनना चाहता है। वह यह भी चाहता है कि वह अपने व्यवसाय में शिखर पर पहुंचे और शिखर पर पहुंचने के लिए चाहिए-लगन, निप्ठा, संघर्प की क्षमता और सही तरीके से व्यक्तित्व का विकास। युवा वर्ग को रोजगार उपलब्ध करना केवल सरकार के बस का नहीं है और मानव विकास के संसाधनों को विकसित करने की जिम्मेदारी पूरी समाज की है। 

 विज्ञान विपयों को लेकर जो छात्र दस जमा दो परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं उनमें सामान्यतया जीव विज्ञान तथा गणित के छात्र होते हैं। जीव विज्ञान तथा गणित के अलावा इन छात्रों के पास रसायन विज्ञान तथा भौतिक विज्ञान भी होते हैं। विज्ञान के छात्रों को कैरीयर की दृप्टि से निम्न भागों में बांटा जा सकता है-

1. जीव विज्ञान ‘पी.सी.बी.’ समूह 

2. गणित ‘पी.सी.बी.’समूह 

3. सामान्य श्रेणी।

जीव विज्ञान समूह में छात्र चिकित्सा, कृपि विज्ञान, पशु चिकित्सा विज्ञान तथा डेयरी विज्ञान में प्रवेश ले सकते हैं। चिकित्सस क्षेत्र के अन्तर्गत एम.बी.बी.एस. आयुर्वेद ‘बी.ए.एम.एस.,’ बी.डी.एस., होम्योपैथी, दन्त चिकित्सा आदि में प्रवेश के योग्य होते हैं। चिकित्सा के अलावा जीव विज्ञान के छात्र पैरामैडिकल क्षेत्रों तथा -फिजियोथैरेपी, ओक्यूपेशनल थैरेपी, स्पीच थैरेपी, लेब, टैक्नोलाजी, नर्सींग आदि में क्षेत्रों में भी प्रवेश ले सकते हैं। 

 जीव विज्ञान के छात्र गृह विज्ञान, बी. फार्मा, पोपण विज्ञान, गृह अर्थ शास्त्र जैसे विपयों में भी प्रवेश ले सकते है। 

 गणित विपय के साथ उत्तीर्ण छात्र इंजीनियरिंग, बी. फार्मा, वास्तुशिल्प शास्त्र, आदि में प्रवेश ले सकते हैं। जो छात्र कम अंक पाते हैं वे पौलीटेक्नीकल महाविद्यालय में प्रवेश लेकर इंजीनियरिंग विपयों का अध्ययन कर सकते हैं।बाद में वे ए.एम.आई. तथा ओ.ए.बी.सी. आदि प्रमाण पत्र परीक्षा पास कर सकते हैं। 

 आजकल इंजीनियरिंग विपयों में प्रमुख हैं-कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, इलैक्टोनिक इंजीनियरिंग, सिविल, मैकेनिकल, इलैक्टिक, माइन, मेरीन, व नागरिक उड्यन आदि। 

 विज्ञान छात्रों हेतु कुछ अन्य पाठ्यक्रम भी है जैसे मरचेंट नेवी पाठ्यक्रम नैश्नल डिफैन्सी एकेडेमी, नेशनल इंस्टीट्यूट आफ डिजाईन, नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टैक्नोलोजी, फैशन डिजाइनिंग आदि पाठ्यक्रम। 

 उपरोक्त लगभग सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश योग्यता सूची या प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होते हैं। 

प्रदेशों में पी.एम.टी. तथा पी.ई.टी. परीक्षाएं प्रति वर्प आयोजित की जाती हैं। प्री. फार्मा टेस्ट भी अब आयोजित होने लग गये हैं। पौलीटैक्नीक कालेजों में प्रवेश योग्यता के आधार पर दिया जाता हे। महिला पोलीटैक्नीक कालेज भी अलग से हेैं बिरला इंस्टीट्यूट आफ साइंस व टेक्नोलोजी पिलानी में प्रवेश योग्यता से दिया जाता है। 

 स्नातक के बाद स्नातकोत्तर अध्ययन हेतु भी प्रवेश लिया जा सकता है। स्नातक करने के बाद विज्ञान के छात्र निम्न क्षेत्रों में अपना भाग्य अजमा सकते हैं- 

1. सिविल सेवाएं, भारतीय इंजीनियरिंग सेवाएं, रक्षा सेवाएं, मौसम विज्ञान वन सेवा, बैंक नागरिक उड्डयन आदि।

2. रोजगार के लिए स्नातक छात्र-विक्रय अधिकारी, प्रयोगशाला सहायक, विज्ञान,कृपि, स्वास्थ्य पत्रकारिता, आदि क्षेत्रों में जा सकते हैं। विक्रय तथा चिकित्सा प्रतिनिधियों के रुप में भी काफी मांग है। 

3. फिल्म, टेलीविजन, मास कम्यूनिकेशन, सी.ए. आदि क्षेत्रों में भी प्रवेश संभव है। 

4. स्नातक के बाद विज्ञान के छात्र एम. एससी. कर सकते हैं। एम. एससी. के बाद एम. फिल, या पीएच.डी. कर सकते हैं। बी.एड. आदि भी संभव है। यदि आपने कला वर्ग लेकर दस जमा दो परीक्षा उत्तीर्ण की हैं तो आपके सामने निम्न क्षेत्र खुले है-

1. स्नातक

2. व्यावसायिक शिक्षा 

3. ल्लित कला वर्ग 

4. होटल प्रबन्धन, सी.ए. फैशन टैक्नोलोजी, आई.सी.डब्लयू. आदि कोर्स।

5. व्ययवसायिक डिप्लोमा निम्न विपयों में संभव है-

1. भारतीय व विदेशी भापाएं

2. फैशन डिजाइनिंग

3. डद्योग डिजाइनिंग

4. म्यूजियम विज्ञान

5. पत्रकारिता

6. विज्ञापन

7. एस.टी.सी.,बी.एड. आदि

स्नातक बनने के बाद कला वर्ग के छात्र प्रतियोगी परिक्षाओं, बैंक परिक्षाओं, रक्षा सेवाओं, विज्ञापन आदि में काम कर सकते हैं। 

स्नातक बनने के बाद लगभग सभी विपयों में स्नातकोत्तर, पीएच.डी.,एम.फिल आदि किया जा सकता है। 

यदि आप वाणिज्य विपयों में हैं तो आपके सामने निम्न विकल्प हैं-

 

1. स्नातक बनना।

2. प्रतियोगिता परिक्षा ‘स्कूल के बाद’ निम्न विपयों में प्रवेश संभव है-

1.भापा

2.होटल प्रबन्धक

3.राप्टीय रक्षा एकेडैमी

4.सी.ए.

5.सी.एस.

 स्नातक बनने के बाद स्नातकोत्तर डिग्री ली जा सकती है वाणिज्य के छात्रों के लिए व्यापार,व्यवसाय, उद्योग, बैंक, बीमा आदि के क्षेत्रों में नौकरी के अवसर हैं। उम.बी.ए. आदि पाठ्यक्रमों में भी जा सकते हैं।

 सभी प्रकार के राजगार हेतु रोजगार कार्यालय में पंजीकरण कराना उचित होता है। प्रतियोगी परीक्षाओं व अन्य जानकारियों हेतु रोजगार समाचार, रोजगार संदेश आदि पत्रों को नियमित देखें। जिन छात्रों के दस जमा दो में प्रथम श्रेणी से कम अंक आते हैं, उन छात्रों को मुख्य पाठ्यक्रमों के स्थान पर डिप्लोमा पाठ्यक्रमों हेतु प्रयत्न करना चाहिए। वहां प्रवेश भी आसान है, सामान्यतया प्रवेश परीक्षा नहीं होती है। कोर्स पर व्यय भी कम कम आता है तथा नौकरी के अवसर भी ज्यादा हैं। 

 आशा है आप अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिए सही पाठ्यक्रम का चुनाव करेंगे। 

 

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