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गुड़िया... - 6

डिटेक्टिव अबीर...रोहित गिरीश और ईशान मर चुके और करन का अपहरण हो चुका है अब बचा केवल गौतम विजय...सी एम और गौतम से बात करो और गौतम की सुरक्षा कडी कर वा दो
इन्फेक्टर विजय...जी सर...डिटेक्टिव अबीर..उन लडकीयो का नाम क्या था कांस्टेबल..उन लडकीयो का नाम गुडिया था......हा गुड़िया था...डिटेक्टिव अबीर तीनो का नाम बताओ
कांस्टेबल सर तीनो का नाम गुडिया था...डिटेक्टिव अबीर और इन्फेक्टर विजय दो साल पूरानी सभी मिसिंग रिपोर्ट देखते है
और आखिर मे उन्हे उन तीनो लडकीयो की मिसिंग रिपोर्ट मील जाती है जब वह विक्टिम के एड्रेस देखते है तो इन्फेक्टर विजय
एक लड़की का एड्रेस देख चौक जाते है इंस्पेक्टर विजय यह पता..डिटेक्टिव अबीर क्या हुआ तुम जानते हो इस पते को इन्फेक्टर विजय..हा सर..इन्फेक्टर विजय ये मेरे ससुराल का पता है मेरी बीवी का मायका..डिटेक्टिव अबीर क्या..इन्फेक्टर विजय मेरी बीवी काव्या की छोटी बहन का नाम गुडिया था लेकिन शादी के वक्त उन लोगो ने कहा था उसकी मौत एक हादसे मे हु ई थी डिटेक्टिव अबीर हो सकता हे शादी के लिए झुठ बोला हो..डिटेक्टिव अबीर और इन्फेक्टर विजय पहले लिखे पते पर जाते है और घर की घंटी बजाते है घर का दरवाजा एक लड़की खोलती है लड़की की उम्र लगभग 27 साल की है
और उसका नाम चांदनी है इंस्पेक्टर विजय मिस्टर राजेश वर्मा घर पर है चांदनी आप लोग कोन है इंस्पेक्टर विजय हम पुलिस है चांदनी अपना आई कार्ड दिखाए आई डी कार्ड देखने के बाद चांदनी ऊनहे घर के अंदर ले जाती है और सोफे पर बिठाकर पानी लेने चली जाती है ऊसके जाने के बाद डिटेक्टिव अबीर पुरे घर को चेक करने लग जाते है जब चादनी पानी लेकर आती है इंस्पेक्टर विजय आप चांदनी मै चांदनी वर्मा मिस्टर राजेश वर्मा की बेटी डिटेक्टिव अबीर राजेश वर्मा घर पर नही है
चांदनी नही सर अब वो इस दूनिया मे नही है डिटेक्टिव अबीर आई एम साॅरी..चांदनी कोई बात नही अब आदत हो गई है
डिटेक्टिव अबीर अगर कोई आ पत्ती ना हो तो क्या आप बता सकती हो उनकी मौत कैसे हुई थी चांदनी दो साल पहले मेरी बहन गुडिया की मौत हो गई थी मेरे माता पिता उसकी मौत बर्दाश्त नही कर पाए और खुदखुशी कर ली डिटेक्टिव अबीर आपकी बहन की मौत कैसे हुई थी चांदनी जब मेरी बहन की मौत हुई थी तब मे मुम्बई मे नही थी इसलिए मूझे ज्यादा कुछ पता नही है पर मरने से पहले मेरे पीता ने एक चिठ्ठी लीखी थी
कि गुडीया का कीसी ने रेप कर ऊसे मार दीया है और सबूत मिलने पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की सबूत खुद इन्फेक्टर इंचार्ज ने अपने हाथो से डिलिट कर दिए डिटेक्टिव अबीर क्या वो चिठ्ठी अभी आपके पास है चांदनी जी हा पर आप लोग मेरी बहन के बारे मे पूछताछ क्यो कर रहे हो क्या ऊसके गुनेगारो का पता चल गया है
डिटेक्टिव अबीर हम ईस केश की जांच कर रहे थे
उसी सिलसिले मे आपकी बहन
चांदनी कीसी और के कैश मे मैरी बहन का क्या लेना देना
इन्फेक्टर विजय वो हम आपको नही बता सकते
डिटेक्टिव अबीर आपकी फैमिली मे और कोन कौन है
चांदनी कोई नही हम चार थे अब मे ही बची हू
डिटेक्टिव अबीर आपकी बहन के करीब और कोई था
चांदनी उसकी एक दोस्त थी पर वो भी ऊसके साथ ही मर गई
डिटेक्टिव अबीर और इन्फेक्टर विजय चांदनी से पूछताछ करने के बाद दूसरी लडकी के यहा जाते है जो पता एक अनाथ आश्रम का पता था...

जानने के लिए हमारे साथ बने रहिए क्या डिटेक्टिव अबीर को अनाथ आश्रम से कुछ पता चलेगा...भाग 7 मे