Gudiya - 10 in Hindi Short Stories by Lotus books and stories PDF | गुड़िया... - 10

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गुड़िया... - 10

सना जब उस घर के बेसमेंट मे जाती है तो एक आवाज आती है...बहुत जल्दी आ गई
सना .. शुक्र करो आ गई वरना तुम्हारे पति परमेश्वर ने तो गली से निकलना भी मुश्किल कर दिया है चारो तरफ पुलिस तैनात कर रखी है
तो दूसरी तरफ से जवाब आता है बात तो सही कह रही है
सना चांदनी कैसे पुलिस को चखमा देकर आई है वो तो चांदनी को ही पता है सना के अलावा उस घर मे जो था वो चांदनी और काव्या थी उन दोनो का उस घर मे सना के साथ होना इस बात का सबूत था कि शहर मे हो रही हत्या ओ को अंजाम सना के साथ मिलकर वो दोनो ही दे रही है और वजह
वो तो पानी की तरह साफ थी उनकी बहने
काव्या .इसमे मेरी कोई गलती नही है चांदनी की है इसी ने कहा था एक पुलिस से शादी करने के लिए और वो भी कोई ऐसा वैसा नही बल्की एक इमानदार पुलिस वाले से
चांदनी हा तो उसका फायदा तो मील ही रहा है ना सना वैसे काव्या हत्या ओ का तो छोडो अगर तुम्हारे पति को ये पता चला कि तूम उसका फोन हेक कर उनके हर एक कदम की जानकारी मालूम कर रही हो तो काव्या. तो मे फिर जान से गई
चांदनी अच्छा ये सब छोडो सना की तो बेगम साहिबा ने मददत की होगी और आगे भी सब संभाल लेगी काव्या तुम बताओ
तूम कैसे पुलिस से बचकर आई काव्या. पापा और विजय को बोला नेहा की बर्थ डे पार्टी मे जा रही हू और नेहा के घर से भेस बदल कर यहा और तुम. चांदनी मे सब्जी मंडी गई और वहा सना की भेजी हुई लड़की के साथ कपड़ बदल कर उसे चांदनी बनाकर घर भेज दीया और जब पुलिस ऊस लड़की को चांदनी समझकर पुलिस उसके पीछे चली गई और मे वहा से यहा आ गई..
सना अपनी बहादुरी के किस्से सुनाना बंद करो ये बताओ कल गौतम को कैसे किडनेप करेगे
काव्या हा मैने सी एम के घर और आस पास मे लगे केमरे को हेक किया था घर तो छोडो पुरी सोसायटी पुलिस और सी एम के आपने गार्ड तैनात है गौतम की किडनैपिंग करना बहुत मुश्किल होगा चांदनी..तो कुछ दिनो के लिए उसकी मौत टाल दे क्योकि मे पकडी गई तो कोई दिक्कत नही सना भी पकड़ गई तो कोई मसला नही पर काव्या तूम पकड़ी गई तो तुम्हरा बसा बसाया घर उजड जाएगा और तुम दो महिने की गर्भवती भी हो
काव्या..पर हमने इतनी मेहनत की है पकडे जाने के डर से मे अपनी बहन के हत्यारो को नही छोड सकती हू सना तुम दोनो की बात सही है इसलिए कुछ सोचते है ऐसा की गौतम भी किडनेप हो जाए और हम पकडे भी ना जाए और किडनैपिंग मे एक दो दिन का फर्क भी पढ जाए तो कोई मसला नही लेकिन कल के लिए कोशिश करेंगें ठीक है
काव्या हा चांदनी सना काव्या कुछ देर सोचते है और उसके बाद चांदनी सना काव्या को गौतम के अपहरण के बारे मे कोई प्लान बताती है कुछ देर बाद रात के करीब 10 बजे काव्या का फोन बजने लगता है फोन इन्फेक्टर विजय का होता है पहली बार फोन बजकर कट जाता है पर कोई नही उठाता है और जब दूसरी बार बजता है तो एक लड़की फोन उठाती है जो काव्या की दोस्त नेहा होती है
नेहा हा जीजू
इन्फेक्टर विजय आप नेहा मे काव्या की दोस्त नेहा काव्या ने बताया नही पर मुझसे तो उसने बताया था उसने आपको और अपने पिता को बताकर आई है इंस्पेक्टर विजय हा बताया था पर आपने काव्या का फोन क्यो उठाया और काव्या कहा है नेहा वो थक गई इसलिए आराम करने चली गई और अपना फोन हाॅल मे छोड दिया आप कहे तो उसे उठा दू
इन्फेक्टर विजय नही रहने दिजिए
इन्फेक्टर विजय फोन कट कर देते है और नेहा राहत की सांस लेती है लेकिन फिर काव्या का फोन बजने लगता है और जब नेहा फोन ऊठाती है तो इन्फेक्टर विजय काव्या से मेरी बात करवा ही दे नेहा जी
जानने के लिए हमारे साथ बने रहे इन्फेक्टर विजय को पता चल जाएगा कि काव्या नेहा के घर नही है और क्या सना चांदनी काव्या अपनी योजना मे सफल हो जायेगी