Hold Me Close - 6 in Hindi Love Stories by Harshu books and stories PDF | Hold Me Close - 6 - मुझ पर प्यार आ रहा है

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Hold Me Close - 6 - मुझ पर प्यार आ रहा है






कुछ देर बाद जब रेवा और अर्जुन नीचे ब्रेकफास्ट करने के लिए आए तब उन्होंने देखा सविता जी और तुषार दोनो भी हस हस कर बाते कर रहे थे।

"क्या हुआ किस बात पर हस रहे हो दोनो ?", अर्जुन ने पूछा।
"में बता रहा था आंटी को की फाइनली आपके साथ कोई है जो अर्जुन को कंट्रोल करेगा ! सही कहा न ?", तुषार ने रेवा की ओर देखते हुए कहा ।

"हां हां बिलकुल सही कहा !", रेवा ने भी तुषार के हा मैं हा भरते हुए कहा।

"वैसे अब नई नई शादी हुई है ! कोर्ट मैरेज ही क्यों ना हुई हो लेकिन शादी तो हुई है ना ! तो तुम दोनो हमारे कुलदेवी मैं मंदिर मैं जा कर आशीर्वाद ले लो ! It's ritual! Ok ? ", सविता जी ने कहा ।

"लेकिन मां इस सबकी क्या जरूरत है ! ऑलरेडी बहुत काम पेंडिंग हैं! इस सब मैं टाइम वेस्ट हो जायेगा ", अर्जुन ने मना करते हुए कहा।

"इस मैं टाइम वेस्ट होने वाली क्या बात है ? मां को अच्छा लगेगा ! अगर हम जाएंगे तो ! और वैसे भी सिर्फ दर्शन लेकर तो आना है एक दिन मैं हो जाएगा ! है ना मां ?? ", रेवा ने सविता जी से कहा ।

"Hold on hold on .. तुम मेरी मां को मां क्यों बोल रही हो ? तुम्हारी मां नहीं है वो ! मुझे नही पसंद अगर कोई मेरी मां को मां बोले ! ",अर्जुन ने चिड़ते हुए कहा ।

"आप हर बार अपना हुकुम क्यूं चलाते रहते है ? मैं उन्हे मां ही कहूंगी ! और अगर आपको कोई प्रोब्लम है तो आप अपने कान बंद कर लीजिए ", रेवा ने भी बोल दिया।

अर्जुन : "तुम्हारी बातोंमैं दूर दूर तक कोई सेंस नही है ! कुछ भी बोलती रहती हो तुम ! तुम्हे सिर्फ अपनी जुबान चलानी है बस ! "

"अरे बस करो अब ! कितना झगड़ रहे हो तुम दोनो ! ऐसा लग ही नही रहा की तुम्हारा लव मैरेज हुआ है ।", सविता जी की इस बात पर दोनो भी एक दूसरे की ओर देखने लगे ।

"तुम दोनो रेडी हो जाओ ! अभी निकलो दर्शन के लिए । और ऑफिस में तुषार सब संभाल लेगा । में कुछ बनाती हूं तुम दोनो के लिए जाते वक्त लेके जाना ", सविता जी ने कहा और वहा से चली गई

"आपकी वजह से डाउट आया उन्हें ! प्यार से बात करने का नाटक नही कर सकते आप ? हमेशा ये अपनी कड़वी जबान से जहर बाहर निकालते रहते है ! ", रेवा ने कहा।

"तो तुम जैसे शहद की बरसात करती हो न मीठी मीठी बाते बोलकर !! तुम्हे हर वक्त मुझे नीचा दिखाना होता है ! मुझे ज्यादा गुस्सा दिलाया ना तो तुम्हे छोड़ आऊंगा वापस !! ", अर्जुन ने फिर से रेवा को धमकी देते हुए कहा।

"आप ऐसा कुछ नही कर सकते ! धमकी मत दीजिए मुझे ! अब तो ये हमारी झूट मूट की शादी आपके मां को सच लगती है ना ! तो आप मुझे अब छोड़ नही सकते ! और रही बात की आप मुझे उस आदमी के पास फिर से छोड़ कर आएंगे तो याद रखना ज्यादा इसके बारे मैं मुझे धमकाया न तो मैं बता दूंगी आपकी मां को की कैसे कल रात यहां एक आदमी को जान से मार डाला था ! ", रेवा ने एक ही सांस में सब कुछ बोल दिया। लेकिन अर्जुन ने ऐसे रिएक्ट किया मानो उसने कुछ सुना ही नही। और रेवा की बातों को इग्नोर करके वहा से चला गया ।

"अरे रेवा चील ! अर्जुन ना ऐसा ही है । अब तुमने उसका इगो हर्ट किया ना इसलिए चला गया बिना कुछ बोले । वरना ४–५ बाते और सुनाता तुम्हे ! तुम खाओ चील करो ", तुषार ने रेवा को शांत करते हुए कहा ।

कुछ देर बाद :

जब रेवा कमरे में वापस आ रही थी तब कमरे से बाहर निकलते हुए अर्जुन से टकरा जाती है ।
Sorry वो मैने...इसके पहले की रेवा आगे बोलती अर्जुन ने कहा –"तुम आंखे बंद करके चलती हो क्या ? "

"अरे हद है अब तो...में सॉरी बोल रही हूं ना आपको फिर भी मुझ पर चिल्लाने है आपको !! और यही बात मैं भी आपसे पूछ सकती हूं ! आप भी आंखे बंद करके चलते है क्या ! खैर मुझे अब आपसे argument नही करनी । और आप बाहर जाइए मुझे चेंज करना है ! ",रेवा ने अर्जुन को ऑर्डर देते हुए कहा ।

"रिक्वेस्ट करो ! फिर सोचूंगा ! ", अर्जुन ने इतराते हुए कहा।

"अर्जुन सर क्या आप प्लीज बाहर जानेकी क्रिपा करेंगे ? मुझे चेंज करना है ! ", रेवा ने अपना गुस्सा अंदर दबाते हुए कहा ।

"Hmmm...sounds better !", अर्जुन ने कहा और वहा से चला गया ।

"थक जाती हूं मैं इनसे argumnet करते करते ", रेवा बड़बड़ाई।

करीबन १० मिनट बाद अर्जुन ने नॉक करते हुए पूछा – " तुम सो गई क्या ? "

"दरवाजा खुला है ", रेवा ने जवाब दिया ।

"और तुम मुझे ये कब.......अर्जुन बोलते बोलते ही रुक गया ।
रेवा : क्या ?? आगे क्या ?? सेंटेस तो पूरा कीजिए

जैसे ही अर्जुन ने रेवा को देखा उसकी आंखे खुली की खुली रहे गई। रॉयल ब्लू कलर की साड़ी में रेवा सच मैं बहुत ज्यादा प्यारी लग रही थी । उसके खुले बाल उसके कंधे से होते हुए कमर तक लहरा रहे थे और कुछ लटे उसके गालों को चूम रही थी । लाइट पिंक कलर की लिपस्टिक ... झुमके.. उस पर बहुत सूट कर रहे थे । अर्जुन अभी भी रेवा को एक टक निहारे जा रहा था ।

रेवा ने अपने कदम अर्जुन की ओर बढ़ाए और कहा – "क्या आपको मुझ पर प्यार आ रहा है ? अगर ऐसा कुछ उल्टा सीधा आपके दिमाग मैं आ रहा है ना तो वो निकाल दीजिए ! हमरा सिर्फ कॉन्ट्रेक्ट मैरेज है ! हां मतलब मैं आज बहुत beautiful दिख रही हूं ! कही आपकी नियत तो नही बिगड़ रही ? "

रेवा की इस बात को सुनकर अर्जुन अपने होश मैं आया ।

अर्जुन : में...में..वो..तुम..

"देखिए आपकी तो बोलती भी बंद हो गई ", रेवा की इस बात को सुनकर अर्जुन ने अपने होश संभाले और कहा –" क्या मैंने कहा कि तुम खुबसूरत दिख रही हो ? नही न? खुद ही खुद की तारीफ करने की आदत है तुम्हे ! नॉर्मल ही दिख रही हो तुम ! और ये साड़ी तुम्हारे पास ? "

"मां ने दी ! ", रेवा ने कहा और रूम से बाहर चली गई ।

"अजीब बात है ! इस बार मेरे साथ जबान नही लड़ाई इसने !!खैर .. ", अर्जुन ने मन मैं ही सोचा ।