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Hold Me Close - 10 - बारिश






कुछ ही देर में दोनों भी मंदिर पहुंच गए। दर्शन होने के बाद रेवा ने पूछा – " क्या अब हम घर जा रहे हैं ?"

अर्जुन ने बस "हम्मम" इतना ही जवाब दिया।

"घूमते है ना थोड़ी देर और प्लीज ! नई जगह है", रेवा ने मासूमियत से कहा।

" एक बार कहा ना नहीं मतलब नहीं, हमें घर जाना है कंपनी में बहुत सारा काम पेंडिंग है" अर्जुन ने सख्त आवाज में कहा।
अर्जुन की ये बात सुनकर रेवा का खुला हुआ चेहरा मुरझा गया।

अर्जुन अब वहा रुकने की रिस्क नहीं ले सकता था । वो नही चाहता था कि उसके अतीत का साया रेवा पर पड़े । वो नहीं चाहता था की रेवा को उसकी वजह से जरासी भी चोट आए।
अर्जुन की ये बात सुनकर रेवा बिना कुछ कहे चुपचाप कार मैं बैठ गई । गाड़ी हवा से बाते करते हुए जा रही थी। इस सबके बीच रेवा की कब आंख लगी उसे भी पता नहीं चला । कुछ देर बाद जब उसकी आंख खुली तब उसने देखा बहुत जोरो से बारिश हो रही थी ।

"हो गई आपकी मॉर्निंग ? कितना सोती हो तुम? Lazyness ठूस ठूस कर भरा है तुम्हारे अंदर.. आंखे बंद करते ही सो जाती हो", अर्जुन ने रेवा को ताना मारते हुए कहा ।

"बारिश में भीगने का मन कर रहा है! लेकिन ये आदमी ...इसे कैसे मनाऊं!!! ", रेवा ने मन मैं ही सोचा ।

"बारिश हो रही है !! अच्छा लग रहा है ना ?", रेवा ने खुश होते हुए कहा ।

"बिलकुल नही.. बारिश मुझे बिलकुल पंसद नही है। पता नही लोगो को romentic क्या लगता है इस बारिश में ! मैं तो कभी भीगा भी नही हूं बारिश मैं...बीमार पड़ जाता हूं मैं । और अगर तुम कुछ ऐसा सोच रही हो की तुम मुझे कन्विंस करोगी बाहर भीगने के लिए तो तुम बिल्कुल गलत सोच रही हो..", अर्जुन ने बिना रेवा की ओर देखे ऐसे कहा जैसे ही उसके रेवा की मन की बात पढ़ ली हो ।

"ये कितने बोरिंग है ! खुद तो बोरिंग है ही अब मुझे भी शामिल कर रहे है ...अब बस बहुत हुआ देखते हूं कैसे कार नही रोकते ",रेवा बड़बड़ाई और रेवा ने अर्जुन के आंखो पर हाथ रख दिया ।

"पागल लड़की क्या कर रही हो ... कंट्रोल छूट रहा है मेरा कार पर से...मरना है क्या इतनी जल्दी? अर्जुन ने रेवा के हाथ अपने आंखो के सामने से दूर करते हुए कहा । लेकिन रेवा ने फिर से अर्जुन की आंखे बंद करते हुए कहा –"गाड़ी रोकिए मैं बोल रही हूं .. वरना एक्सीडेंट हो जायेगा "

अर्जुन ने मजबूरी मैं गाड़ी को ब्रेक लगा दिया । तुम....
इससे पहले की अर्जुन कुछ बोल पाता रेवा ने कार का दरवाजा खोला और नीचे उतर गई ।

रेवा..अंदर आओ अभी के अभी... देखो लास्ट बार कहे रहा हूं अंदर आओ...अर्जुन ने चिल्लाते हुए कहा लेकिन रेवा ने ऐसे रिएक्ट किया मानो उसने अर्जुन की आवाज सुनी ही ना हो।

जोर दार बारिश हो रही थी । भीगने की वजह से रेवा और भी ज्यादा खूबसूरत दिख रही थी । एक पल के लिए अर्जुन भी सब कुछ भूल कर रेवा मैं ही खो गया । अर्जुन ने कार का दरवाजा खोला और कार के बाहर खड़ा होकर दूर से ही रेवा को देखने लगा । आज पहली बार बारिश से अर्जुन इरिटेड नही हो रहा था । वो बस रेवा को अपने आंखों मैं कैद करना चाहता था । हालांकि अर्जुन खुद इस फीलिंग से बेखबर था । तभी अर्जुन ने देखा की एक कार तेज रफ्तार से रेवा की ओर बढ़ रही थी । अर्जुन ने जब ये देखा तब उसने रेवा की कमर को पकड़कर उसे अपनी ओर खींच लिया । रेवा सीधे अर्जुन के सीने से जा टकराई। रेवा ने अपनी गर्दन ऊपर करते हुए अर्जुन को देखा जिसकी आंखों मैं वो बहुत कुछ देख पा रही थी ।

"आप ऐसे देखिए मत मुझे !! " रेवा ने धीमी आवाज मैं कहा ।

" तो तुम बताओ ! कैसे देखू?? ", अर्जुन ने रेवा के थोड़े और नजदीक जाकर कहा जिस वजह से रेवा के शरीर में एक सिरहन सी दौड़ गई।


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