First Love - 6 in Hindi Love Stories by Mr Rishi books and stories PDF | फर्स्ट लव - 6

Featured Books
Categories
Share

फर्स्ट लव - 6

तभी राज कहता है "हां तो तुम्हे उठने को बोल कौन रहा है?आराम से बिस्तर पर ही लेटी रहो समझी?"राज के इतना कहते ही अमीषा कहती है"यार ये कपड़ा ठंडा हो गया इसे गर्म करना है वरना मेरा पेट दर्द से दम घुट जाएगा।"

राज अमीषा के तरफ घूरते हुए देख कर कहता है"ऐसे बोल रही हो जैसे यहां मैं हू ही नही लाओ कपड़ा मैं गर्म कर के लता हू।"राज ये कहते हुए अमीषा के हाथ से वो कपड़ा ले लेता है तभी अमीषा कहती है"तुम रहने दो वैसे भी तुम मेरे लिए स्कूल से आए वही बहुत है अब मैं ठीक हू तुम जाओ।"

अमीषा जैसे ही ये कहती है राज मुंह बनाते हुए कहता है"ये लो आज कल तो भलाई का जमाना ही नही रहा यहां मैं तुम्हारे लिए स्कूल से भाग कर आया और तुम जाने को कह रही हो और वैसे भी अब तो मैं स्कूल जाने से रहा और न घर जाऊंगा तो जब तक स्कूल की छुट्टी नही हो जाती मैं यही तुम्हारे घर पर तुम्हारे साथ रहूंगा और तुम्हारा ख्याल रखूंगा अब ज्यादा झांसी की रानी मत बनना की मैं अपना ख्याल रख लूंगी क्युकी मुझे भी पता है ।जब पर दर्द होता है तो कैसा लगता है तो मैं तुम्हारा ख्याल रखूंगा बिलकुल जैसे मेरा पेट दर्द करता है और मेरी मां मेरा ख्याल रखती है।"

तभी अमीषा कहती है ये दर्द कल भी रहेगा तो क्या कल भी आओगे?"ये कहते ही राज सोचते हुए कहता है"हे?? वो तो आज ही ठीक हो जायेगा दावा खाने के बाद तो कल क्यों रहेगा??"अमीषा अपने माथे पर हाथ रखते हुए कहती है"ये मैं नही बता सकती अब तुम जल्दी से वो कपड़ा मुझे दो दर्द बढ़ रहा है।"ये कहते हुए अमीषा अपने पेट पर हाथ फेरने लगती है। राज ये देख कर जल्दी से बाहर जाता है और आग जला कर तवा गरम करता है और अंदर लेकर आता है।और हल्का हल्का कपड़ा गर्म करके अमीषा को देता है फिर अमीषा उसे अपने पेट पर रख कर आराम से बिस्तर पर लेट जाती है।

कपड़ा फिर से ठंडा हो जाता है अमीषा बार बार हिल डोल कर रही थी जिस वजह से उसे आराम नहीं मिल पा रहा था।ये देख कर राज उसे लेटे ही रहने को कहता है"रूको अगर तुम ऐसे ही करती रहोगी तो पेट दर्द कभी आराम नही होगा एक काम करो अपना शर्ट अप्पर करो।"ये सुन कर अमीषा को थोड़ा अजीब लगता है फिर भी वो कुछ नही कहती हैं राज वापस से कहता है"अरे तुम शर्ट पहले अप्पर तो करो।"


इस बार अमीषा थोड़ी हिम्मत करके अपना शर्ट पर कर से उपर कर लेती है। राज कपड़ा गर्म करके अमीषा के पेट पर रखता है और उससे कहता है "अब तुम आराम से अपनी आँखें बंद कर के सो जाओ।"

अमीषा राज के ये कहते ही उसे घूरने लगती है,तभी अभय कहता है"क्या हुआ मैं हू ना फिर ??"मैं जब यहां से जाऊंगा तो तुम्हें उठा दूंगा अब जल्दी से सो जाओ अमीषा राज के कहने पर धीरे धीरे अपनी आँखें मूंद लेती है।और मन में ही सोचती है"पता नही क्यों चाह कर भी राज को न नही कह पा रही हू?"

राज वापस से कपड़ा गर्म करता और अमीषा के पेट पर रख देता और हल्के हल्के से सहलाने लगता जिससे अब अमीषा को पेट दर्द से राहत मिलने लगा था और देखते ही देखते उसकी आँख लग जाती है।

राज ऐसे ही कपड़ा गर्म कर करके अमीषा के पेट शेद रहा होता है,फिर राज की नजर अमीषा के चेहरे पर गई अमीषा का मासूम सा चेहरा देख कर राज मन में ही कहता है"सोते हुए कितनी प्यारी लग रही हो दिल कर रहा है तुम्हारे माथे को चूम लूं।"तभी राज का नेगेटिव माइंड कहता है"ओह यार तो ये भी सोचने की बात है वैसे भी तू उसके माथे को सिर्फ चूमेगा मौका अच्छा है उसके होंठो को चूम उसे क्या ही पता चलेगा वो तो सो रही है।"



आगे पढ़े।।।👈