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  • काफ़ी है...

    कोई ऐसी शाम, जिसकी हर किसी को चाह होती है… जैसे रोज़ के तनाव भरे जीवन से कहीं दू...

  • એક સીટ

    આજે અમદાવાદ બસ સ્ટેન્ડ પર પગ મૂકવાની જગ્યા નહોતી. ચોમાસાની સાંજે અચાનક તૂટી પડેલ...

  • The Secret Millionaire - 1

    शहर की तेज रफ्तार जिंदगी, चमचमाती कारें और ऊंची-ऊंची इमारतें—इन सबके बीच 'ओर...

  • మనస్సులో నిశబ్దం

      మూసాపేటలోని ఆ అపార్ట్‌మెంట్ కారిడార్‌లో తెల్లవారుజామున ఐదు గంటల నలభై నిమిషాలకు...

  • Top 33 साइलेंट किलर

    किंग कोबराविश्व का सबसे विशाल, साम्राज्यवादी और प्राणघातक विषधरसरीसृप विज्ञान के...

  • पहला प्यार - 5

    Part 5 — अमन कौन है?पुराने घर के अंदर अचानक खामोशी छा गई।आरव और मीरा दरवाजे के प...

  • वेद्रान - एक इश्क़, एक श्राप - 3

    अध्याय 3दो दिन बीत गए। बिशम्बर को अब घर पर लाया गया था। वह बिस्तर पर ही था, पर म...

  • तीन ख़त

    (पहला ख़त - The first letter)प्रिय शालिनी,एक ही चाँद को निहारते हुए, क्या दो अजन...

  • THE GHOST BIKE - PART 3

    PROLOGUE — 2017It was a rainy night in 2017.In a small town in Kerala lived Anan...

  • હું એક અઘોરી - 2

    2. સૂઝે નહીં લગીર કોઈ દિશા જવાની.. હા મિત્રો, એ જિંદગી હું સાચેજ જીવ્યો છું.  કો...

पहला प्यार. By ashwin

शहर में उस दिन सुबह से ही बारिश हो रही थी।

आसमान बादलों से ढका था और कॉलेज की सड़क पर जगह-जगह पानी जमा था।

आरव हमेशा की तरह कॉलेज के बस स्टॉप पर अकेला खड़ा था।

हाथ में कित...

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શહેરની હવામાં ખોવાયેલું ગામ. By Anghad

રાતના સાડા અગિયાર વાગ્યા હતા.

અમદાવાદની ઊંઘતી ન હોય એવી સડક પર કારની હેડલાઇટ્સ સતત આગળ વધતી હતી. બહાર વરસાદ વરસી રહ્યો હતો અને કાચ પર પડતાં પાણીનાં ટીપાં જાણે કોઈ જૂની યાદને ધોઈ...

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ప్రణయ గీతిక By sreelu

ఉషోదయాన భానుడి లేలేత కిరణాలు పడుతూ ఉండగా పొగ మంచు మెల్లమెల్లగా తెరతీస్తూ ఉంటే చుట్టూ మొక్కలు, చెట్లు కనిపించగా బస్సులో కిటికీ అద్దాలను కాస్త వెనక్కి జరిపి ఆ చుట్టూ ఉన్న పచ్చదనాన్...

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1926 की अमावस की वो खौफनाक रात By RAAHULL SHARMA

भाग 1: देवपुर रियासत

सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था।

चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...

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આનંદનગર. By Rupen Patel

આનંદનગર એ માત્ર ઈંટ-સિમેન્ટથી બનેલી ચાર દીવાલો કે ફ્લેટોનું સરનામું નથી, પણ “મિની ભારત”નું જ્વલંત ઉદાહરણ છે. અહીં હિન્દુ, મુસ્લિમ, જૈન, શીખ, પારસી અને ખ્રિસ્તી પરિવારો છે. ગુજરાતી,...

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પાછા વળ્યા પાછલા દિવસો By Dhamak

૩૬ વર્ષની સિંગલ મધર જાનવી એકલા હાથે પોતાના ૪ વર્ષના દીકરાને સાચવવામાં ભાંગી પડે છે અને તેને પોતાની સ્વર્ગસ્થ મા ખૂબ યાદ આવે છે. એક અકસ્માતમાં તે અચાનક ૧૫ વર્ષ પાછળ ૨૧ વર્ષની ઉંમરમા...

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छठी मैया का आशीर्वाद. By Aloka Patel

गंगा के किनारे बसा वह छोटा-सा गाँव सूर्योदय के साथ ही जाग जाता था।

सुबह के पाँच बजे थे।

आसमान अभी अँधेरा था, लेकिन पूरब की दिशा में हल्की लालिमा दिखाई देने लगी थी। दूर मंदिर...

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गरीब के बहते आंसु. By prem chand hembram

उस समय की बात है, जब झारखंड बिहार से अलग नहीं हुआ था। गांवों में गरीबी और बेरोजगारी का ऐसा आलम था कि पेट की आग बुझाने के लिए लोग अपनी मिट्टी छोड़कर सैकड़ों मील दूर परदेस जाने को मज...

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Her Silent Secret By Sonam Brijwasi

विराट का आलीशान घर – सुबह

रसोईघर में

संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली -
अच्छा, आज विराट जी को जल्दी जाना है, तो चाय गर्म और नाश्ता तैयार। विवान, अपना खिलौना इध...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 By Sonam Brijwasi

रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके बालों में अब सफेदी की हल्की लकीरें आ चुकी थीं। चेहरे की चमक पहले जैसी नहीं रही थी।
उम्र लगभग चालीस...

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शहर में उस दिन सुबह से ही बारिश हो रही थी।

आसमान बादलों से ढका था और कॉलेज की सड़क पर जगह-जगह पानी जमा था।

आरव हमेशा की तरह कॉलेज के बस स्टॉप पर अकेला खड़ा था।

हाथ में कित...

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રાતના સાડા અગિયાર વાગ્યા હતા.

અમદાવાદની ઊંઘતી ન હોય એવી સડક પર કારની હેડલાઇટ્સ સતત આગળ વધતી હતી. બહાર વરસાદ વરસી રહ્યો હતો અને કાચ પર પડતાં પાણીનાં ટીપાં જાણે કોઈ જૂની યાદને ધોઈ...

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ఉషోదయాన భానుడి లేలేత కిరణాలు పడుతూ ఉండగా పొగ మంచు మెల్లమెల్లగా తెరతీస్తూ ఉంటే చుట్టూ మొక్కలు, చెట్లు కనిపించగా బస్సులో కిటికీ అద్దాలను కాస్త వెనక్కి జరిపి ఆ చుట్టూ ఉన్న పచ్చదనాన్...

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1926 की अमावस की वो खौफनाक रात By RAAHULL SHARMA

भाग 1: देवपुर रियासत

सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था।

चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...

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આનંદનગર એ માત્ર ઈંટ-સિમેન્ટથી બનેલી ચાર દીવાલો કે ફ્લેટોનું સરનામું નથી, પણ “મિની ભારત”નું જ્વલંત ઉદાહરણ છે. અહીં હિન્દુ, મુસ્લિમ, જૈન, શીખ, પારસી અને ખ્રિસ્તી પરિવારો છે. ગુજરાતી,...

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પાછા વળ્યા પાછલા દિવસો By Dhamak

૩૬ વર્ષની સિંગલ મધર જાનવી એકલા હાથે પોતાના ૪ વર્ષના દીકરાને સાચવવામાં ભાંગી પડે છે અને તેને પોતાની સ્વર્ગસ્થ મા ખૂબ યાદ આવે છે. એક અકસ્માતમાં તે અચાનક ૧૫ વર્ષ પાછળ ૨૧ વર્ષની ઉંમરમા...

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छठी मैया का आशीर्वाद. By Aloka Patel

गंगा के किनारे बसा वह छोटा-सा गाँव सूर्योदय के साथ ही जाग जाता था।

सुबह के पाँच बजे थे।

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उस समय की बात है, जब झारखंड बिहार से अलग नहीं हुआ था। गांवों में गरीबी और बेरोजगारी का ऐसा आलम था कि पेट की आग बुझाने के लिए लोग अपनी मिट्टी छोड़कर सैकड़ों मील दूर परदेस जाने को मज...

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अच्छा, आज विराट जी को जल्दी जाना है, तो चाय गर्म और नाश्ता तैयार। विवान, अपना खिलौना इध...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 By Sonam Brijwasi

रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके बालों में अब सफेदी की हल्की लकीरें आ चुकी थीं। चेहरे की चमक पहले जैसी नहीं रही थी।
उम्र लगभग चालीस...

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