Ishq Tera Mera - 6 in Hindi Love Stories by Bella books and stories PDF | इश्क़ तेरा मेरा - 6

The Author
Featured Books
Categories
Share

इश्क़ तेरा मेरा - 6

*शीर्षक: अधूरा ख्वाब और एक साजिश*  



आसमान से गिरती बारिश की बूंदें फिजा में एक अजीब सी खामोशी और रोमांस घोल रही थीं। टेरेस पर प्रज्ञा और अभि एक-दूसरे के बेहद करीब थे। सफेद नाइट सूट में भीगी हुई प्रज्ञा किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी। अभि ने अपनी बाहों के घेरे में उसे इतनी मजबूती से जकड़ा था कि प्रज्ञा को दुनिया की और किसी चीज की सुध नहीं थी। बारिश की बूंदे प्रज्ञा के बदन को छूती हुईं जा ही रही थी कि अभि के होंठ आने वाली हर बूंद को उसकी छाती के पास ही रोक रहे थे। प्रज्ञा अभि के होठों की मदहोशी में खो चुकी थी। जो उसके बदन के हर हिस्से को छू रहे थे।

अभि की सांसों की गर्माहट प्रज्ञा के चेहरे को छू रही थी। जैसे-जैसे बारिश तेज हो रही थी, दोनों की धड़कनें भी बढ़ती जा रही थीं। अभि की नजरें प्रज्ञा की आँखों में डूबी हुई थीं। प्रज्ञा ने धीरे से फुसफुसाते हुए कहा, "अभि... मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ।"

अभि ने उसे अपनी ओर मोड़ा और उसके बालों से खेलते हुए अपने होंठों को उसकी गर्दन तक ले गया। प्रज्ञा की आहें गहरी होती गईं। उसने पलटकर अभि को कसकर गले लगा लिया। दोनों के बीच की दूरियाँ मिटने लगी थीं। तभी अभि उसे गोद में उठाकर बेडरूम की तरफ ले आया।

कमरे की मद्दम रोशनी में प्रज्ञा की लज्जा और प्यार का संगम दिख रहा था। जब अभि ने प्यार से उसे सहलाया, तो प्रज्ञा शरमाते हुए बोली, "अभि... रहने दो न, मुझे बहुत शर्म आ रही है।" पर अभि ने मुस्कुराते हुए कहा, "अपने पति से कैसी शर्म?"

मदहोशी का आलम अभी परवान चढ़ ही रहा था कि अचानक एक मासूम आवाज गूँजी— "मम्मा... उठो न! स्कूल के लिए देर हो रही है!"

प्रज्ञा की आँखें झटके से खुल गईं। सामने अभि नहीं, बल्कि उसकी छोटी सी बेटी रिया खड़ी थी। प्रज्ञा का दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। वह पसीने से तर-बतर थी। उसे एहसास हुआ कि जिसे वह हकीकत समझ रही थी, वह महज एक सुंदर लेकिन अधूरा सपना था। पल भर की खुशी आंसुओं में बदल गई और एक बूंद उसकी आँखों से फिसलकर गालों तक आ गई।

प्रज्ञा ने जल्दी से अपने आंसू पोंछे और रिया को तैयार करने में लग गई, लेकिन उसका मन अब भी पुराने ख्यालों में उलझा था।

वहीं दूसरी ओर, शहर के एक अंधेरे कमरे में अभि किसी गहरी प्लानिंग में व्यस्त था। उसके सामने कुछ तस्वीरें बिखरी हुई थीं। उसके चेहरे पर प्यार नहीं, बल्कि बदले की आग थी। वह प्रज्ञा से बदला लेने के लिए एक खतरनाक जाल बुन रहा था।

पर एक सवाल अभि को बार-बार परेशान कर रहा था — "प्रज्ञा ने आखिर शौर्य से शादी क्यों की? वो उससे कहाँ मिली और कैसे मिली?"

सवालों के घेरे में फंसी यह दास्तान अब एक नया मोड़ लेने वाली थी।

---

*अगले भाग में क्या होगा?*  
- क्या था प्रज्ञा का अतीत जिसके कारण उसे शौर्य से शादी करनी पड़ी?  
- अभि आखिर किस बात का बदला लेना चाहता है?
- आगे की कहानी जानने के लिए आज ही हमें फॉलो करे।