Mandir me Tum - 8 in Hindi Women Focused by Sonam Brijwasi books and stories PDF | मंदिर में तुम - 8

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मंदिर में तुम - 8

रात बीत चुकी थी…पर Si-woo के लिए…वो रात खत्म ही नहीं हो रही थी…अपने अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ा…वो शहर की लाइट्स देख रहा था…पर उसकी आँखों में…बस एक ही चेहरा सुनामी… ❤️ उसने हल्की-सी हँसी छोड़ी…

वो बोला - 
First time… I liked someone…

उसकी आवाज़ में खुद से ही सवाल था…

वो बोला - 
And she said no…

वो अंदर आया…सोफे पर बैठ गया…

उसके दिमाग में बार-बार वही पल घूम रहा था—
I love her…
…I love someone else…

उसने आँखें बंद कर लीं…थोड़ा दर्द था…पर गुस्सा नहीं…क्योंकि वो जानता था सुनामी गलत नहीं थी…वो तो पहले से ही किसी की थी… ❤️ Si-woo को हमेशा से Indian girls पसंद थीं…पर खासकर…वो लड़कियाँ… जो ट्रेडिशनल हों…सिंपल…शांत…और दिल से सच्ची…और सुनामी…वैसी ही थी…उसकी चूड़ियों की खनक…उसकी मासूमियत…उसका “कृतिक जी” कहना…सब कुछ…Si-woo ने गहरी सांस ली…

वो बोला - 
Maybe… she was never meant for me…

उसकी आँखों में हल्की नमी आ गई…पर फिर…उसने खुद को संभाला…

वो बोला - 
If she is happy… that’s enough…

अगले दिन…ऑफिस में…सुनामी थोड़ी असहज थी…उसे डर था…
कि कहीं Si-woo बदल ना गया हो…पर…Si-woo हमेशा की तरह प्रोफेशनल था…

वो बोला - 
Good morning, ma’am…

जैसे कुछ हुआ ही ना हो…सुनामी ने राहत की सांस ली…

वो बोली - 
Good morning…

मीटिंग्स, काम…सब normal…पर…अब एक फर्क था…Si-woo पहले जैसा extra care नहीं दिखा रहा था…थोड़ा distance…
थोड़ी खामोशी…और ये बात…सुनामी को भी महसूस हुई…।

शाम को…सुनामी अकेली balcony में खड़ी थी…तभी…Si-woo आया…कुछ सेकंड दोनों चुप...फिर…

सुनामी (धीरे से) बोली - 
आप… नाराज़ हैं…?

Si-woo ने हल्का सा सिर हिलाया—
No…

फिर…उसने उसकी तरफ देखा…

वो बोला - 
I respect your love… ❤️

सुनामी की आँखों में soft emotion आ गया…

Si-woo (हल्की मुस्कान के साथ) बोला - 
And… I hope…he knows… how lucky he is…**

सुनामी के चेहरे पर हल्की मुस्कान आई…

वो बोली - 
उन्हें पता है… 😌

दोनों कुछ पल चुप रहे…फिर…Si-woo मुड़ा…

वो बोला - 
Let’s just be… professional…

और वो चला गया…सुनामी उसे जाते हुए देखती रही…आज…एक दिल टूटा था…पर…इज़्ज़त और सच्चाई बची रही थी… ❤️

रात का समय था…ऑफिस से लौटकर Si-woo अपने अपार्टमेंट में बैठा था…आज उसका मन अजीब सा शांत था…जैसे उसने कुछ फैसला कर लिया हो…उसने अपना फोन उठाया…कुछ देर स्क्रीन को देखता रहा…फिर…उसने एक नंबर dial किया…वो नंबर था—
कृतिक का… ❤️ फोन बजा…एक बार…दो बार…फिर…कॉल उठी…।

कृतिक बोला - 
Hello… कौन…?

कुछ सेकंड की चुप्पी…फिर…

Si-woo (calm voice में) बोला - 
Hello… I am Si-woo…

कृतिक का चेहरा थोड़ा सख्त हो गया…

वो बोला - 
Sunami’s personal assistant…

अब…माहौल बदल चुका था… 🔥

कृतिक (थोड़ा ठंडे स्वर में) बोला - 
हाँ… बोलिए…

Si-woo ने हल्की सांस ली…

वो बोला - 
I just wanted to say…

कुछ सेकंड रुककर बोला—
You are a very lucky boy…

कृतिक चुप…उसकी आँखों में हल्की possessiveness चमकी…

कृतिक बोला - 
मुझे पता है… 😏

Si-woo हल्का सा मुस्कुराया…

वो बोला - 
She loves you… a lot…

कृतिक की आवाज़ अब थोड़ी गहरी हो गई—
और मैं भी…❤️

दोनों के बीच एक अजीब-सी खामोशी…जैसे दो लोग…एक ही इंसान के लिए respect महसूस कर रहे हों…फिर…

Si-woo बोला - 
I proposed her…

कृतिक की उंगलियाँ फोन पर कस गईं…

Si-woo बोला - 
…and she rejected me…

कुछ सेकंड…पूरी चुप्पी…फिर…

Si-woo (soft tone में) बोला -
She didn’t even think twice…
She said… she belongs to you…

कृतिक की आँखों में एक अजीब-सी चमक आई…गर्व…प्यार…और थोड़ी राहत…

वो बोला - 
वो है ही ऐसी… ❤️

Si-woo हल्का सा हंसा…

वो बोला - 
Yes…That’s why… I liked her…💔

कृतिक कुछ पल चुप रहा…फिर पहली बार…

उसकी आवाज़ थोड़ी नरम हुई—
Thank you…

Si-woo चौंका…

वो बोला - 
For what…?

कृतिक बोला - 
उसका ख्याल रखने के लिए…❤️

Si-woo की आँखों में हल्की नमी आ गई…

वो बोला - 
I will…Always…

फिर…

Si - woo बोला - 
Don’t worry…I won’t cross my limits…

कृतिक ने गहरी सांस ली…

कृतिक बोला - 
Better for you… 😏🔥

दोनों हल्का सा मुस्कुरा दिए…ये कोई दुश्मनी नहीं थी…ये…दो लोगों का silent understanding था…जो एक ही लड़की से जुड़े थे...कॉल कट हुई…Si-woo फोन को देखता रहा…

वो। बोला - 
She chose right…

दूसरी तरफ कृतिक आसमान की तरफ देख रहा था…उसके होंठों पर हल्की मुस्कान थी…

पर आँखों में एक फैसला—
अब… उसे अकेला नहीं छोड़ूँगा… 🔥

कोरिया में एक और दिन…सब कुछ usual था…सुनामी अपने केबिन में बैठी थी…फाइल्स, मीटिंग्स, काम…पर दिल…आज भी कहीं और था…कृतिक… ❤️ वो हल्के से मुस्कुराई…और अपने फोन में उसकी फोटो देखने लगी…तभी…दरवाज़ा खुला…Si-woo अंदर आया…

वो बोला - 
Ma’am… someone is here to meet you…

सुनामी ने सिर उठाया—
मुझसे…? यहाँ…?

वो थोड़ा confused हुई…

वो बोली - 
कौन मिलने आया होगा…?

Si-woo ने हल्की mysterious smile दी…

वो बोला - 
You should come…😏

सुनामी धीरे-धीरे उठी…दिल अजीब सा धड़क रहा था…वो Si-woo के साथ बाहर आई…ऑफिस के reception area में काफी लोग खड़े थे…और बीच में एक जाना-पहचाना सा चेहरा…
ब्लैक शर्ट…बहुत हल्की दाढ़ी…वही confident खड़ा हुआ अंदाज़…कृतिक… ❤️🔥 सुनामी जैसे वहीं रुक गई…उसकी आँखें फैल गईं…

वो बोली - 
क… कृतिक जी…?

कृतिक ने हल्की मुस्कान दी…

बोला - 
Surprise…😏

बस…इतना सुनना था…सुनामी दौड़ पड़ी…और…सीधे कृतिक के सीने से जा लगी… ❤️ पूरा ऑफिस…बस ये scene देख रहा था…Si-woo भी…उसकी आँखों में हल्की मुस्कान थी…और…
थोड़ा सा दर्द भी… 💔सुनामी कृतिक से चिपकी हुई थी…।

वो बोला - 
आप… यहाँ…?

उसकी आवाज़ कांप रही थी…कृतिक ने उसे और करीब कर लिया…

वो बोला - 
कहा था ना…अकेला नहीं छोड़ूँगा… ❤️

सुनामी की आँखों से आँसू बहने लगे…

बोली - 
मैने आपको कितना miss किया…

कृतिक ने उसके बालों पर हाथ फेरा…

वो बोला - 
मैने भी…

कुछ सेकंड बाद…दोनों अलग हुए तभी…Si-woo आगे आया…

वो बोला - 
Welcome…

कृतिक ने उसकी तरफ देखा…दोनों की नजरें मिलीं…एक silent समझदारी…फिर…

कृतिक (हल्की मुस्कान के साथ) बोला - 
Thanks… for taking care of her…

Si-woo ने सिर हिलाया—
She is special…

कृतिक ने तुरंत जवाब दिया—
I know… 😏🔥

सुनामी दोनों को देख रही थी…उसे समझ आ गया…इन दोनों की बात हो चुकी है…और ये realization…उसे और भी secure feel करवा गया… ❤️

कृतिक बोला - 
चलें…? थोड़ा बाहर…

सुनामी ने बिना सोचे सिर हिला दिया—
हाँ… 😍

दोनों साथ बाहर चले गए…पीछे…Si-woo खड़ा था…वो हल्का सा मुस्कुराया…

वो बोला - 
Happy for you…💔

बाहर…ठंडी हवा चल रही थी…सुनामी अभी भी यकीन नहीं कर पा रही थी…

वो बोली - 
आप सच में आ गए…

कृतिक ने उसकी तरफ देखा—
और कहाँ जाता…?😏
मेरी दुनिया यहाँ है ❤️

सुनामी फिर से उसकी तरफ झुक गई…आज…दूरी खत्म हो गई थी…और…प्यार फिर से पास आ गया था… ❤️