The Last Promise - 21 in Hindi Crime Stories by CHIRANJIT TEWARY books and stories PDF | The Last Promise - 21

Featured Books
Categories
Share

The Last Promise - 21

P.K. दोनों को साथ खड़ा देखकर अचानक रुक जाता है, फिर शरारती मुस्कान फैल जाती है और कहता है --

P.K :- ओह्हो… तो यहाँ आध्यात्मिक चर्चा चल रही है हम गलत टाइम पर आ गए क्या?

रुद्रा उसे घूरता है।

रुद्रा (धीरे, दाँत भींचकर) :- P.K., एक शब्द और बोला ना…”

P.K. (हाथ जोड़कर नाटक करते हुए) :- भोलेनाथ की कसम , अब एकदम चुप! हम तो बस दर्शन करने आए थे…और दर्शन से ज़्यादा कुछ दिख गया।

कोमल हँसी रोक नहीं पाती। कोमल PK की बात पर खिलखिलाकर हस पड़ी ।  शिव नारायण सब समझते हुए बस मुस्कुराते हैं। लेकिन उसी समय…

मंदिर के बाहर खड़ी एक काली गाड़ी में कोई बैठा था उसकी नज़रें सीधे कोमल पर थीं।

उसने फोन मिलाया। अनजान आदमी (फोन पर) :- वो मिल गयी है…और अकेली नहीं है , उसके साथ और तीन आदमी है । 

उधर से आवाज आती है -- 

" अब खेल शुरू किया जाए?”

मंदिर के अंदर—रुद्रा को अचानक अजीब-सा अहसास होता है। जैसे कोई उसे देख रहा हो वह पलटकर बाहर की ओर देखता है…पर वहाँ कुछ नहीं था वो लोग छुप गए थे । 

रुद्रा, कोमल, P.K. और शिव नारायण मंदिर से बाहर निकलते हैं। बारिश अब भी हो रही थी, लेकिन हल्की।
P.K. छाता संभालते हुए बोला—


Pk :- आज का दिन बड़ा फिल्मी जा रहा है… पहले सगाई, फिर दर्शन, अब गरम चाय मिल जाए तो कहानी पूरी।”

कोमल हल्का मुस्कुराई, लेकिन अचानक उसे लगा जैसे कोई उन्हें देख रहा हो। उसने पीछे मुड़कर सड़क की तरफ देखा—सन्नाटा वहां पर कोई नही था दूसरी तरफ – सुनसान सड़क कुछ दूरी पर वही काली गाड़ी खड़ी थी और उसके अंदर चार आदमी बैठे थे।

एक आदमी फोन पर बोला—

आदमी :- हाँ बॉस… लड़की मंदिर से निकल चुकी है आपने सही कहा था… वो उसी के साथ है।

फोन के दूसरी तरफ से आवाज़ आई—

राजवीर (ठंडी आवाज़ में) :- मैने उसका कुछ नही बिगाड़ा था फिर भी उसने मेरी बेइज़्ज़ती की। अब शादी नहीं करेगी तो कोई बात नहीं…उसे उठा लो। उसे समझ आएगा कि राजवीर से इंकार की कीमत क्या होती है।

फोन कट गाड़ी में बैठे गुंडों ने हथियार चेक किए।

और कहा -- " ऑर्डर क्लियर है।लड़की चाहिए… जिंदा।”

रुद्रा :- कोमल तुम्हें यहां पर अकेले नही आना चाहिए था ।

कोमल :- क्यों ?

रुद्रा :- तुम एक मंत्री की बेटी हो , पता नही कब और कहां से क्या कर जाए ।

कोमल :- तो फिर तुम हो ना , मुझे बचाने के लिए ।

इतना बोलकर कोमल रुद्रा की आंखो मे दैखनी लगती है , रुद्रा को कोमल की आंखो मे उसके लिए प्यार और भरोसा दोनो था ।

कोमल अपनी कार की तरफ बढ़ रही थी। ड्राईवर कार के अंदर था और बाकी लोग दूसरी तरफ खड़े बात कर रहे थे।

तभी…

तेज़ी से एक वैन आकर उसके पास रुकी दरवाज़ा खुला और दो नकाबपोश आदमी उतरे , कोमल कुछ समझ पाती, उससे पहले—उसका मुँह दबा दिया गया।

कोमल (संघर्ष करते हुए) :- म्म्म… छोड़ो…!

ड्राइवर कार से निकले की कोशिश करता है पर उन बदमाशो मे एक ने उसपर बंदूक तान दिया तो वो वही पर रुक गया । कोमल रुद्रा की और दैखकर उसे पुकारने की कोशिश कर रही थी पर उसका मुह बंद होने के कारण कुछ बोल नही पा रही थी ।

तभी रुद्रा को अचानक दिल में तेज़ बेचैनी हुई उसने पलटकर देखा—वो लोग कोमल को गाड़ी मे बिठा चुके थे कोमल रुद्रा की और अपना हाथ बड़ाया और तभी दरवाजा बंद .... रुद्रा सहम सा गया और चिल्लाते हूए उधर भागा --

रुद्रा :- कोमल .....

जब तक रुद्रा पहूँचता गाड़ी निकल चुका था । उस और  सिर्फ ज़मीन पर गिरा उसका दुपट्टा। रुद्रा की आँखें बदल गईं अब वो पंडित नहीं था।

रुद्रा (धीमे, लेकिन खतरनाक स्वर में) :- P.K… गाड़ी निकाल ।

रुद्रा ने दुपट्टा उठाया…मुट्ठी कस ली। Pk गाड़ी फुल स्पीड मे लेकर आता है और उसमे रुद्रा चड़ जाता है और शिव नारायण से कहता है --

रुद्रा :- पापा .. आप मंत्री के पास जाईए और उनसे कहिए के रुद्रा कोमल को कैसे भी करके लेकर आएगा ।

P k फुल स्पीड मे कार को लेकर चला रहा था ।

उधर सुनसान गोदाम चारों तरफ अंधेरा… ऊपर टिमटिमाती एक ही लाइट। बारिश की आवाज़ टिन की छत पर लगातार पड़ रही थी। कोमल को कुर्सी से बाँध दिया गया था। वो डर गई थी, लेकिन टूट नहीं रही थी। कोमल के मुह मे पट्टी बंधी थी । तभी उनमे से एक कहता है ---

गुंडा :- बॉस आते ही होंगे… तब तक चुपचाप बैठो।

उसी वक्त…गोदाम के बाहर एक गाड़ी आकर रुकी। सभी का ध्यान गाड़ी पर गया , गाड़ी की इंजन बंद होने पर वहां पर सन्नाटालछा गया ।

फिर—दरवाज़ा धीरे से खुला रुद्रा अंदर आया अब वो वही पंडित नहीं था उसकी आँखों में आग थी… कदमों में ठंडा गुस्सा।

पहला गुंडा (चिल्लाकर) :- कौन है—?!”

पर कोई जवाब नहीं आया अगले ही सेकंड—धड़ाम!

रुद्रा ने उसे सीधा ज़मीन पर गिरा दिया। बाकी तीन हथियार निकालते हैं।

दूसरा गुंडा :- मारो साले को! 

लेकिन रुद्रा पहले ही चल पड़ा था। एक का हाथ मोड़कर हथियार छीन लिया और दूसरे को घूंसा… तीसरा दीवार से जा टकराया। लड़ाई तेज़, क्रूर और ख़ामोश थी।

कोमल की आँखें फैल गईं—उसे यकीन ही नहीं हो रहा था कि ये वही रुद्रा है। एक गुंडा पीछे से हमला करता है—रुद्रा बिना मुड़े उसका हाथ पकड़ लेता है।

रुद्रा (धीमे, खतरनाक स्वर में) :- गलती कर दी…तुमने उसे छूकर गलती कर दी ।

वो उसे ज़मीन पर पटक देता है। कुछ ही पलों में…
चारों आदमी बेहोश पड़े थे गोदाम में फिर सन्नाटा छा गया। रुद्रा धीरे-धीरे कोमल की तरफ बढ़ा उसके हाथ खोलता है। कोमल उसे बस देखती रह गई…डर, राहत, और सवाल—सब एक साथ। कोमल रुद्रा के बाहों मे चली जाती है और रुद्रा को कसके पकड़े रहती है । रुद्रा उसे नही छुड़ा क्योकी रुद्रा जानता था के वो बहुत डरी हूई है ।


कुछ दैर बाद कोमल रुद्रा की और दैखती है और कहती है --

कोमल (काँपती आवाज़ में) :- तुम…तुम हो कौन, रुद्रा?

रुद्रा कुछ पल चुप रहा। फिर उसकी तरफ देखे बिना बोला—

रुद्रा :- वो इंसान…जिसे तुम्हें इस दुनिया से बचाकर रखना है।

कोमल की आँखों में आँसू आ गए। कोमल रुद्रा को फिर से गले लगा लेती है और कहती है --

कोमल :- मैं बहुत डर गई थी रुद्रा , अगर तु ना होते तो ?

रुद्रा :- मेरे रहते तुम्हें कोई छु भी नही सकता ।

तभी कोमल की नजर रुद्रा को लगे चौट पर जाती है तो कोमल परेशान हो जाती है और कहती है --

कोमल :- तुम्हें चोट लगी है…



तभी कोमल की नजर रुद्रा को लगे चौट पर जाती है तो कोमल परेशान हो जाती है और कहती है --

कोमल :- तुम्हें चोट लगी है…
रुद्रा हल्का मुस्कुराया।

रुद्रा :- चोट मुझे नहीं लगती…बस हिसाब बढ़ता जाता है।

रुद्रा के ऐसा कहने पर कोमल कुछ समझ नही पायी , कोमल चोट को दैखकर कहती है --

कोमल :- अफ्फ ... कितना खुन बह रहा है ।

तभी बाहर से पुलिस सायरन की आवाज़ सुनाई देती है।
P.K. दौड़ता हुआ अंदर आता है और अंदर की हालत को दैखकर कहता है --

P.K :- भाई! तूने तो पूरा गोदाम ही रीसेट कर दिया!


लेकिन रुद्रा की नज़र दूर खड़ी एक कुर्सी पर जाती है…
वहाँ एक मोबाइल पड़ा था। स्क्रीन पर नाम चमक रहा था—
BOSS CALLING

रुद्रा कुर्सी के करीब जाता है और फोन उठाता है कॉल रिसीव करता है। तो उधर से बॉस जो राजवीर था उसका  आवाज आता है --

राजवीर (फोन पर हँसते हुए) :- मिल गई मेरी दुल्हन?

तभी रुद्रा की आवाज़ बर्फ जैसी ठंडी हो जाती है।

रुद्रा :- दुल्हन तो मुझे मिल गई , पर अब तेरी बारी है।




To be continue.....26