Mera Hero - 2 in Hindi Fiction Stories by Priya Maurya books and stories PDF | मेरा Hero (भाग-2) - कॉलेज मे कुछ तो गड़बड़ है

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मेरा Hero (भाग-2) - कॉलेज मे कुछ तो गड़बड़ है

यह सब देखकर सभी लोग शॉक हो जाते हैं तब तक दिवार की दुसरी तरफ से एक तेज से आवाज आती है- 'श्रुति की बच्ची कहा मर गयी मै अभी इधर ही हू अपना हाथ दे ।' श्रुति जब उठकर देखती है तो सारा कॉलेज उसके समाने खड़ा था वो बहुत एम्बैरेस फील करने लगती है। अभी वो कुछ बोलती या करती तब तक अंजलि भी किसी तरह दीवाल पर चढ़ जाती है और बैलेंस न बनने के कारण सिधे बगल वाली टीचर मिसेज रुपोर्त्शी के ऊपर जा गिरती है जिससे उनके हाथ में चोट लग जाती है। जहां सब लोग शॉक थे वही अविका को यह सब देखकर बहुत मजा आ रहा था।
रोहित धीरे से शौर्य के कान में फुसफुसाते हुये बोलता है- हेय यह तो वही दोनो लड़कियाँ है ना जो सुबह हमसे लिफ्ट माँग रही थी।' लेकिन इधर शौर्य तो सिर्फ श्रुति को ही देखे जा रहा था। शौर्य से कोई जवाब न पाकर रोहित भी चुप हो जाता है। मानसी, जिया और सिया को भी यह सब देखने मे बहुत मजा आ रहा था।
सारे प्रोफेसेर अभी अंजलि और श्रुति को डाट ही रहे थे की एक लड़का जिसका नाम निशांत था उसको कुछ खूरापत सुझती है वो माइक के तार को जल्दी से खिच कर अवीका को उस तरफ कर देता है जिससे ऐडमिनिस्ट्रेशन हेड का पैर उसमे उलझ जाता है और वो गिर जाते है जिसे देखने के बाद सारे बच्चे ठहाके लगा कर हंसने लगते हैं और सबको लगता है की अवीका ने जानबुझकर ऐसा किया है। अब सारे ट्रस्टीज और प्रोफेसेर भी गुस्सा होकर खडे हो जाते है तभी ऐडमिनिस्ट्रेशन हेड माइक मे announce करते है - 'एवरीबॉडी कीप क़्वाइट , जैसा की हम बताने वाले थे की आपका न्यू सेसन स्टार्ट हो चुका और इसका शूरुवात हम एक fresher's party के साथ करेंगे इसलिये नेक्स्ट संडे इवनिंग में यह पार्टी होगी और भी जानकारियों के लिये आप नोटिस बोर्ड देख सकते है। दुसरी बात हम आप सभी को अपने स्पैशल स्टुडेंत्स से मिलवाना चाहते है जो की इंडिया के youngest enterprenuer भी है so welcome Mr shaurya shinghaniya with big round of applause.
शौर्य स्टेज पर जाता है श्रुति और अंजलि तो उसे देखकर दंग रह जाती है। श्रुति फुसफुसाते हुये अंजलि से बोलती है - हेय अंजू यह तो सुबह वाला लड़का है जिसने मुझे ठोकर मारी थी।' अंजलि- ' हा यार यह तो वही है पर बन्दा बड़ा handsome और talented है।' श्रुति दाँत पीसते हुये बोलती है -' काहे का handsome और talented बन्दर सी तो सकल है मै तो इससे बदला ले कर रहूंगी इसे भी तो पाता चले श्रुति शर्मा आखिर किस खिलाड़ी का नाम है।" तभी ऐडमिनिस्ट्रेशन हेड अविका, श्रुति और अन्जली की तरफ इशारा करते हुये बोलते है- और आप त्रिदेवियो से विनम्र निवेदन है की अपने नाम बताने का कष्ट करे और फिर फ़स्त फ्लोर के सारे टॉयलेट साफ कर दे।' तीनो अपना नाम बताती है । श्रुति के आँखो मे मानो खुन ही उतर आया हो वही अंजलि मुह लटकाये खड़ी थी और अविका की बड़ी बड़ी पलके आंसुओ से सनी तितली की तरह फडफड़ा रही थी। यहाँ पर रोहित पहली बार अविका को देखता है और उसके गोल मटोल चेहरे मे गुम सा हो जाता है। फिर सारे लोग अपने क्लास की तरफ बढ़ जाते है और अविका, श्रुति और अंजलि अपने काम मे लग जाती है । लगभग 30 मिनट बाद तीनो वापस changing room आती है अबतक तीनो एक-दूसरे से काफी घुल-मिल चुकी थी।सब कपड़े पहनते हुये एक दुसरे से बाते भी कर रही थीं ।
अविका- अब तो बहुत भूख लगी है चलो कुछ खाने चलते हैं? अंजलि- अभी ?? अगली क्लास के बाद ब्रेक में कैनटीन चलेंगे। अविका थोड़ा निराश होते हुये- "कोई बात नहीं मैं तब तक चॉकलेट से अपने पेट की भूख मिटाने की कोशिश करती हूँ ।" श्रुति कुछ खोजते हुये - अरे यार मेरी वॉच नही मिल रही है पता नही कहाँ रख दिया मैनें ।
अवीका- ' देखो कहीं washroom area मे तो नही हैं।' श्रुति- ठीक है तुम लोग चलो मै अभी ले कर आयी। इतना कह कर श्रुति वापस washroom area की ओर बढ़ जाती है ।
दुसरी तरफ क्लास में टीचर का कोई अता पता नहीं था कुछ लोग एक दुसरे से बातें करने और नये दोस्त में व्यस्त थे तो कुछ लोग श्रुति और उसके दोस्तो के कारनामों के बारे में बताकर हस रहे थे वही पर मानसी , जिया, सिया और टिया जैसी लड़कियाँ शौर्य और रोहित का ध्यान खीचने की कोशिश कर रही थी लेकिन कनिस्का की सीट खाली थी। पर कोई था जिसको इन सब से कोई फर्क नही पड़ रहा था वो था शौर्य पर इसके ठीक उलट रोहित बार-बार बेचैन सा दरवाजे की तरफ देख रहा था। तभी एक लड़का आकर रोहित के बगल में बैठ जाता है - हाय रोहित। रोहित चौकते हुये - अनिकेत तुम। "हाँ मै - क्यूँ चौक गए ना" अनिकेत मुस्कुराते हुये बोला। अनिकेत थोड़ा शरारती ढंग से- " वैसे तुम बार बार दरवाजे पर का देख रहे हो किसीका इंतिजार कर रहे हो क्या।'न न नहीं तो' - रोहित ने सकपकते हुये कहा ।
इधर जब श्रुति वापस वॉच ले कर लौट रही थी तभी ओ किसी की बात करते हुये अवाज सुनती है। जब थोड़ा और आगे जाती है तो देखती है एक आदमी काला शॉल ओढे किसी से फ़ोन पर बात कर रहा था - ' इस महीने के अन्त तक काम हो जायेगा फिर सरकार को उन्हें छोड़ना ही पड़ेगा।' तब तक श्रुति के हाथ से वॉच छुट जाती हैं जिसकी गूंज से वो आदमी सचेत हो जाता है और फोन को जेब मे डालकर वहाँ से चला जाता है।

श्रुति सोचते हुये- ये आदमी शाल ओढकर इस समय यहा किससे बात कर रहा था और किसको छोड़वाने की बात कर रहा था खैर मुझसे क्या जिससे मन करे उससे बात करे।' यही सब अपने मन में लिये श्रुति क्लास की तरफ बढ़ जाती है। रास्ते मे उसे कनिस्का छुपते छुपाते जाती हुयी दिखती है तब तक उसके कपड़े से एक बन्दूक कुछ दूर जाकर गिर जाती है जो की उसने छुपा रखा था ।
अभी वो उसे उठाने वाली ही थी की एक लड़का आकर उसे उठा लेता है जिससे कनिस्का घबरा जाती है लेकिन जब वो ऊपर देखती है तो खुशी से बोलती है-" अफताब तुम आ गये'।'हा अब जल्दी क्लास मे चलो नही तो किसिको भी सक हो सकता है खास कर के उस शौर्य को बहुत दिमाग चलता है साले का।' दोनो बाते करते हुये चले जाते है।
श्रुति-'बेटा इस कॉलेज मे कुछ तो गडबड़ है कही कोई ना कोई झोल- माल हो रहा है अंजलि और अविका को बताती हूँ।" कुछ ही देर मे श्रुति क्लास मे पहुँचती है। पर वो बैठे कहाँ क्युकी अंजलि- अविका एक साथ बैठी थी पुरे क्लास में बस 3 सीट खाली थी एक निशांत के बगल वाली दुसरी टिया की और तीसरी शौर्य की क्योकि जब रोहित अतिरेक से मिला तभी उसके पास जाकर बैठ गया। श्रुति बढकर टिया की सीट पर बैठने वाली थी की कनिस्का आकर बैढ़ गयी और तभी अफताब भी आकर निशांत की सीट पर बैढ़ गया। श्रुति बैठना तो नही चाहती थी पर मजबुरी मे उसे भी शौर्य की बगल में बैठना पड़ा । जँहा पर श्रुति का मूड खराब हो रहा था वही सारी लडकियां उसे दखकर जले जा रही थी। लेकिन जब श्रुति अफताब को देखती है तो उसे नही पता क्यू डर लगने लगता है ।मिस राधिका क्लास मे आती हैं- गुड मॉर्निंग एवरीवन। आज की क्लास लेट हो गयी उसके लिये आई एम रियली सॉरी क्युकी आपके fresher's party के मामले मे मीटिंग हो रही थी।' अच्छा तो आप सारे लोग अपना अपना introduction दिजीये। सारे लोग अपना introduction देने लगते है तभी अंजलि की बारि आती है तो वो खड़ी हो जाती है और कुछ कहने ही वाली थी की पीछे से निशांत बोलता है - ' इन तीन लोगों को कौन नहीं जानता होगा पूरे कॉलेज में ।' सारे लोग हंसने लगते है सिवाए कुछ लोगो को जो की शौर्य रोहित और खुद ये तिनों थी। मिस राधिका सबको चुप करवाती है। फिर सारे लोग शान्ति से लेक्चर सुनने लगते है। श्रुति भी पढ़ाई के चलते अफताब और कनिस्का वाली बात अंजलि और अविका को बताना भुल जाती है।
इधर अविका ब्रेक का इंतिजार कर रही थी और छुप छुप के रोहित को भी देख लती। तभी मिस राधिका लेक्चर खत्म कर के बोलती हैं- बेटा आप लोग को कुछ बताना था आज आपका ब्रेक नहीं होगा मीटिंग की वजह से क्लासज पहले ही लेट हो चुकी है अगर अब ब्रेक होगा तो बहुत देर हो जायेगी।' यह सुन कर तो अवीका की जान ही निकल जाती है वो मुह बना कर कभी अंजलि को देखने लगती है तो कभी श्रुति को । यह देखकर श्रुति हसने लगती है जिसे शौर्य बड़ी गौर से देख रहा था और मन मे सोचता है - ' वैसे ये काफी क्यूट है पर काम एकदम खतरनाक करती है..... वैसे मै इतना इसके बारे मे क्यू सोच रहा हू क्या पता यही ड्रग डीलर हो लेकिन ड्रग डीलर इतना बेवकूफ नहीं होते है जो सबके सामने अपना ही मजाक बनवाले ।' तभी श्रुति उसके आगे चुटकी बजाते हुये -'ओए मुझे क्यू घूर रहे हो मेरे चेहरे पर कुछ लगा है क्या और हा तुमने मुझे सुबह लिफ्ट क्यू नही दी थी अगर दे देते तो आज मेरा सबके सामने मजाक नही बनता। '

शौर्य भी उसी की टोन मे उत्तर देता है-' मेरी कार मेरी मर्जी मेरा मन मुझे तुम जैसे लोगों को बैठाकर अपनी कार गंदी नही करनी।' श्रुति गुस्से मे- 'तो मेरे ऊपर कीड़े लगे है क्या जो तुम्हारी कार गंदी हो जायेगी।' शौर्य थोड़ा attitude में- " जैसा तुम समझो।" श्रुति झल्लाकर- तुम ना... एक नम्बर के .... । शौर्य- तुम एक नम्बर के क्या ... । रोहित इन दोनो का झगड़ा अपनी सीट से देख रहा था और मन मे सोचते हुये कहता है ये शौर्य को क्या हुआ है इसको तो लडकियों से बात करना पसंद तक नही पर यहा तो tom and jerry की तरह लड़ रहा है, कुछ तो चल रहा है इसके मन में ।
तभी दुसरे टीचर भी आ जाते है। श्रुति दबे हुये अवाज मे बोलती है- 'तुम्हे तो मै बाद मे देख लुंगी।'शौर्य उसकी तरफ देखकर मुस्कुरा देता है जिससे श्रुति और भी चिड़ जाती है। धीरे-धीरे सारे क्लासज खत्म होती है और कॉलेज बन्द हो जाता है। सारे लोग अपने अपने घरों के लिये निकल जाते है ।

शौर्य रोहित को उसके घर छोड़ कर अपने विला मे पहुचता है तो दादी के अलावा कोई भी नही था। शौर्य दादी से- सब मॉम डैड कहाँ है? दादी थोड़ा मुह बिचकाते हुये बोलती है - कोई इमरजेंसी थी तो दोनो आज ही निकल गये US के लिये।' शौर्य चौक गया लेकिन फिर बोला -"कोई इमरजेंसी नही थी शायद मेरा मूड ना चेंज हो जाये इसलिये चले गये।' कह कर वो रुम मे चला गया और दादी तो देखती ही रह गयी।

दुसरी ओर PG पहुचते ही श्रुति और अंजलि बिस्तर पर जा गिरती हैं और शाम को ही सिधे उठते है श्रुति के घर से कॉल आ जाता है। श्रुति- ' हेलो हाँ मम्मी क्या कर रही है ।' मम्मी-' कुछ नही बेटा बस तुम्हारे बिना अच्छा नही लग रहा और आज का दिन कैसा रहा तुम्हारा।' श्रुति ने सारी आप बीती सुना दी और कुछ देर बात करने के बाद फ़ोन रख दिया फिर दोनो ने पढ़ाई किया और रात होने पर मेस मे चली गयी खाना खाने। खाने के बाद तो अंजलि निढाल हो के सो गयी लेकिन श्रुति बिना मूवी देखे सो जाये तो ओ श्रुति कहा।'

सुबह हुआ तो दोनो तैयार होकर चल दी कॉलेज । आज कॉलेज दोनो जल्दी पहुँच गयी थी शायद कल के बाद बेज्जती सहने की हिम्मत नही थी। आज दोनो साथ बैठी थी ।
लेकिन अगर श्रुति कुछ खुरापात ना करे तो उसका दिन नही बनता था। आखिर उसे रहा नही गया तो उसने अंजलि से बोला - 'सुन ना अंजू कुछ अच्छा नही लग रहा कोई आया भी नही है अभी तक हम दोनों ही भूत की तरह आये है ।'अंजलि-'बस अब कुछ गडबड़ करने की सोचना भी मत ।' श्रुति का मुह बन गया लेकिन तभी किसी के आने का आभास हुआ उन्हे । श्रुति धीरे से-'लगता है अविका है अभी डराती हूँ उसे।' कहते हुये उसने सारी लाईट बन्द कर दी और उसके आते ही चिल्ला पडी लेकिन जो व्यक्ति आया उसको तो कूछ असर ही नही पड़ा ।

जब श्रुति ने देखा तो शौर्य था और श्रुति तो उसे मन मे गालियाँ देते हुये आकर चुपचाप बैठ गयी । शौर्य भी बैठ गया अपने दुसरे सीट पर और उसके पीछे रोहित भी आ धमका। धीरे धीरे सब लोग आने लगे अनिकेत भी आ गया । लेकिन अविका का तो अता पता नहीं था जब कुछ देर और वो नही आई तो रोहित को रहा नही गया और उसने श्रुति से बोला- हाय! आई एम रोहित। तुम्हारी दोस्त नही आई अभी तक । श्रुति बोली - 'कौन दोस्त।' 'अरे वही जो क्यूट सी है।' -रोहित बोला और सब लड़के उसकी बात सुन उसे ही देखने लगे और वो झेंप गया। अंजलि हँसते हुये बोली-'अविका वो आ रही होगी वैसे वो तुमको क्यूट लगती है क्या बात है ।' अंजलि थोड़ा चिढाते हुये बोली । तभी शौर्य टपाक से बोल पड़ा- ' कही अपनी प्यारी दोस्त से सीख ले कर पीछे वाले hall की दिवार तो फान कर तो आने वाली नही है।' शौर्य बोल तो रहा था अंजलि से लेकिन इशारा था श्रुति की ओर। श्रुति शौर्य को घुरने लगी और शौर्य अपनी शातिर मुस्कान लिये उसे आँखो से ही चिढाये जा रहा था।
रोहित तो शौर्य का अलग ही रूप देख रहा था आज जो शौर्य किसी लड़की की ओर देखता तक नही उससे ऐसी उम्मीद नही की जा सकती थी। खैर तभी एक प्यारी सी अवाज आई -'हेलो अंजू और गुड मॉर्निंग श्रुति।' 'ये लो अविका आ गयी ' - अनिकेत पीछे से बोला । इधर अलग ही कहानी चल रही थी अविका और रोहित एक दुसरे को देखे जा रहे थे। अनिकेत धीरे से अंजलि के पास आकर बोला- ' कुछ तो गड्बड़ है दोनो के बिच ।' अंजलि भी हाँ मे सिर हिला दिया वही श्रुति सिर्फ शौर्य का दिमाग ठिकाने लगाने की सोच रही थी। ' तभी पीछे से मिस राधिका की अवाज आई- ' गुड मॉर्निंग स्टूडेंट्स।' तब जाकर सब अपनी सीट पर बैठे आज अविका सिया के साथ बैठी थी जिसके कारण से सिया ने बहुत परेशान किया उसे और रोहित को बुरा लगता रहा लेकिन क्लास था ऊपर से एक लड़की को कुछ बोल भी नही सकता था। दो तीन क्लास के बाद सब कैनटीन पहुचे और किसी भुक्कड़ की तरह अविका खाने लगी । फिर सब क्लास मे पहुचे रुपोत्शी मैम आई थी लेकिन एक अजीब बात श्रुति ने ही नही बल्कि अंजलि और शौर्य ने भी गौर किया की वो कनिस्का से ज्यादा घुल मिल रही थी और कभी कभी खतरनाक ढंग से उसे देख मुस्कुरा भी देती। कॉलेज बन्द हुआ सब चल पडे अपनी मंजिल की ओर। लेकिन श्रुति , अंजलि और अविका शॉपिंग करने गयी शाम तक PG पहुची दोनो और अवीका अपने घर।

इधर शौर्य और रोहित को दो दिनों मे ही कुछ लोंगो पर सक भी होने लगा था जिसमे सबसे पहले थी कनिस्का। रोहित ने शौर्य को अचानक रात मे फ़ोन किया। शौर्य जो की सो रहा था उसने बोला- ' रोहित क्या हुआ! रोहित थोड़ा खुश होते हुये बोला-' मोहन का पता चल गया उसे farmhouse मे रखा है।' "गुड जॉब"- कह कर शौर्य ने कुछ देर बात की और काल farmhouse जाने का प्लान बना कर फ़ोन रख दिया।'

क्रमश: