Mera Hero - 7 in Hindi Fiction Stories by Priya Maurya books and stories PDF | मेरा Hero (भाग-7) - नशे से चड गयी ओए

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मेरा Hero (भाग-7) - नशे से चड गयी ओए

शौर्य जल्दी से रोहित को कॉल करके बुलाता है । रोहित अविका और अंजलि के साथ जल्दी जल्दी उनके पास पहुचता है । सारे लोग श्रुति की यह हालत देखकर दंग थे।
अंजलि-" श्रुति ने पी रखी है क्या।"
अविका-" शायद हाँ पर कैसे ।"
रोहित-" कुछ तो बताओ शौर्य?"
शौर्य थोड़ा गुस्से से -" तूम सब बताने दो तब ना।"

सारे लोग शान्त हो जाते है । फिर शौर्य बोलता है-" मैने देखा किसी वेटर ने इसे शरबत वाली ड्रिंक दे कर गया लेकिन उनसे पीने के बाद से ही इसे नशा होने लगा और यह गिरने वाली थी की मैने इसे पकड़ लिया।" रोहित कुछ सोचते हुये बोला-" इसका मतलब उसने ही श्रुति को अल्कोहल मिला कर दिया है।"

अंजलि-" पर श्रुति के साथ ऐसा क्यू करेगा वह।" अवीका भी अपना दिमाग लगाते हुये बोलती है-" शायद किसी ने पैसे देकर उससे यह सब करवाया हो।" शौर्य को मानसी की बाते याद आ जाती है और वह बोलता है-" मानसी और उसके दोस्तो ने।" इतना कहते ही सब उसकी तरफ देखने लगने है ।

तभी श्रुति जोर जोर से हसकर भागने लगती है लेकिन शौर्य उसे पकड़ लेता है। फिर रोहित बोलता है-" वैसे बात तो तू ठीक कह रहा है लेकिन मै पता लगाता हूँ की किसने यह सब किया है और अब बात करने का समय नही है तू जल्दी श्रुति को ऊपर किसी रूम मे ले जा नही तो यह कही भाग ना जाये और इस हालत मे यह वापस PG भी नही जा पायेगी । तू जा ऊपर होटेल का रुम नम्बर 401 खाली है ।"

शौर्य रोहित से अविका और अंजलि को वापस घर और PG छोड़ने को बोल कर श्रुति को अपने बाहो मे उठा लेता है और ऊपर जाने के लिये लिफ्ट के अंदर चला जाता है।

लिफ्ट के अंदर---

श्रुति लिफ्ट के अंदर आते ही शौर्य के बहो से कूद जाती है और रोने लगती है। शौर्य-" क्या हुआ श्रुति।" श्रुति उसी तरह रोते हुये-" उस कडुस शौर्य के बच्चे ने मेरे कमर को जोर से पकडा मुझे बहुत दर्द हो रहा था फिर भी उसने नही छोडा।"

शौर्य को अब बहुत बुरा लग रहा था वो बोलता है-" तुम्हे सच मे बहुत दर्द हो रहा है।" श्रुति-" हा लेकिन..... लेकिन। शौर्य-" लेकिन क्या।" श्रुति जल्दी से उसके पास आकर उसके चेहरे को अपने दोनो हाथो से पकडते हुये प्यार से बोलती है -" लेकिन अगर तुम मुझे किस कर दो तो सब ठीक हो जायेगा।" शौर्य श्रुति को दूर करते हुये-" क्या।" श्रुति बच्चो की तरह -" हाँ मुझे किस चाहिये मुझे किस चाहिये।" शौर्य को आज इतनी शर्म आ रही थी की वो श्रुति की तरफ देख भी नही रहा था।

श्रुति सुबकने लगती है और वही बैठ जाती है की तभी लिफ्ट ऊपर आकर खुल जाती है। शौर्य श्रुति से-" चलो अब बाहर।" श्रुति-" नही मै नही जाऊंगी मुझे किस चाहिये।" शौर्य थोडा परेशान होते हुये प्यार से बोलता है -" श्रुति चलो।" श्रुति फिर भी नही मानती है तो शौर्य उसे जबरदस्ती अपने बाहो मे उठा लेता है और लिफ्ट के बाहर आकर कॉरिडोर मे रूम नम्बर 401 मे आने लगता है।

श्रुति का चेहरा शौर्य के चेहरे से एकदम करीब था और वो प्यार से उसे ही देख रही थी तभी अचानक कुछ ऐसा होता है की शौर्य रुक जाता है। श्रुति अपने होठ उसके होठों पर रख देती है शौर्य भी बेसुध हो जाता है । श्रुति के मुह से हल्के अल्कोहल की टेस्ट आ रही थी शौर्य को जब होश आता है वो जल्दी से अपना चेहरा घुमा लेता है।

इधर श्रुति खुशी से ताली बजाने लगती है। तभी शौर्य किसी कम्बल ओढ़े व्यक्ति को देखता है जो की उसके देखते ही जल्दी से भाग जाता है। शौर्य श्रुति को किसी तरह उठकर रूम के अन्दर ले जाता है और उसे बेड पर उतारता है तो पता है श्रुति सो चुकी थी । शौर्य उसे बेड पर सुला के चादर ओढा कर उसके सिराहने बैठ जाता है।

शौर्य उसके सिर पर हाथ फेरते हुये बोलता है-" कितनी शान्ति से सो रही है लेकिन अभी उठते ही पूरा हंगामा खड़ा करना शुरु कर देगी न जाने कैसे इसे मै जिन्दगी भर झेलूंगा शायद मै तुमसे बता पाता की तुम मुझे कितनी अच्छी लगती हो सबसे अलग हो तुम।" फिर खुद की ही बात पर शर्मा जाता है तभी श्रुति नींद मे ही उसका हाथ सिर से हटा कर अपने गले के पास लगा कर सो जाती है जिसे देखकर वो मुस्कुराने लगता है लेकिन तभी उसे लगता है की कोई रुम के अन्दर दरवाजे से देख रहा है वो जल्दी से श्रुति से हाथ छुड़ा लेता है और बाहर देखता है तो कोई नही था फिर वो दरवाजा बन्द कर के अन्दर आता है और अपने किसी नौकर को फ़ोन करके कुछ फ़ाईल और लैपटॉप मंगवाता है।

लगभग आधे घन्टे मे उसकी मंगाई गयी चीजे उसके पास थी वो वही सोफे पर बैठ कर कुछ काम करने लगता है।

दुसरी तरफ एक कम्बल ओढे व्यक्ति जल्दी से शौर्य कमरे से भागते हुये लिफ्ट मे आ जाता है और जल्दी से लिफ्ट का बटन प्रेस करके पांचवे मंजिले पर आता है और जल्दी जल्दी रुम नम्बर 545 मे घुस जाता है।

अन्दर कोई पीछे के बगल कुर्सी करके बैठा था वो व्यक्ति अपना कम्बल हटाता है और बोलता है -" बॉस मैने बिना किसी को यहा तक अफताब, कीर्ति और कनिस्का को भी बिना कुछ पता चले श्रुति का शौर्य को किस करते हुये फोटो खिच ली है।

वो कुर्सी पर बैठा इन्शान बोलता है-" तो मिस रुपोर्त्शी तुमने यह काम कर ही दिया । "

जी हाँ आपने सही सुना यह कम्बल ओढे व्यक्ति कोई और नही बल्कि मिस रुपोर्त्शी ही हैं ।

फिर वो कुर्सी पर बैठा इन्शान बोलता है-" तूम जाओ और इसे कल रात को अफताब से यूनिवर्सिटी साइट पर डलवा देना पर किसी भी हाल मे अफताब और कनिस्का तो क्या कीर्ति को भी नही पता चलना चाहिये की मै ही इन सबका मास्टर माइन्ड हू समझी।" मिस रुपोर्त्शी-" ओके बॉस।" इतना कह कर वो चली जाती है।

इधर कुछ देर बाद अचानक श्रुति बडबडाते हुये नींद मे ही रोने लगती है । शौर्य दौड़ कर उसके पास आता है और उसके बालों को सहलाने लगता है जब कुछ देर बाद वो शान्त होती है तो उसके माथे पर प्यार से चूम कर वापस अपना काम करने लगता है। कुछ समय ऐसे ही काम करने के बाद वो वही सो जाता है।

सुबह होते ही वह जल्दी से उठकर श्रुति को देखता है तो श्रुति बेड पर नही थी वो घबरा कर उसे सारी जगह खोजने लगता है। बाथरूम से लेकर हर जगह यहा तक की होटेल के सारे मेम्बर को भी उसको खोजने के लिये लगा दिया गया था लेकिन श्रुति कही नही मिली आखिरकार शौर्य थक हार कर रोहित , अविका और अंजलि को फ़ोन लगा कर बताता है।

अंजलि फ़ोन पर-" क्या श्रुति मिल नही रही मैने तुम्हारे ही भरोसे इसे छोडा था वहा मेरी श्रुति को कुछ हुआ तो मै तुम्हे छोडूंगी नही शौर्य।" लेकिन शौर्य इधर खुद परेशान था उसने बिना सुने ही उसका कॉल काट दिया। और अपना सिर पकड़ कर वही सोफे पर बैठ गया । करीबन आधे घन्टे बाद अविका , रोहित अजर अंजलि वहा रुम नम्बर 401 मे शौर्य के सामने थे।

अंजलि और अविका शौर्य को सुनाये जा रही थी तभी रोहित गुस्से से बोलता है-" चुप रहो दोनो तुम सबको क्या लगता है शौर्य को खुशी हो रही है इन सब से।" इतना सुनते ही अविका शान्त हो जाती है लेकिन अंजलि बोलती है-" क्या चुप हो जाये हा बताओ मेरी श्रुति कहा होगी अबतक यह सब इस शौर्य की वजह से हुआ है ना मै श्रुति को इसके साथ रहने देती ना वो ऐसे गायब होती । "

तभी सोफे पर बैठा अपना सिर पकडा शौर्य अपने हाथो को हटा के सिर ऊपर करता है उसके आँखो मे पानी थे। जो शौर्य कभी हसता भी नही था ओ आज किसिके लिये आंशु बहा रहा था । तीनो उसके ओर देखते हुये एक साथ अचम्भे से बोलते है-" शौर्य तुम रो रहे हो।" शौर्य रुधि आवाज से बोलता है-" नही हो आँखो मे कुछ पड गया था शायद इसलिये आँखो मे पानी है।"

लेकिन यह तीनो कोई बच्चे नही थे जो समझ नही सकते। शौर्य की आँखो मे श्रुति के लिये चिंता साफ साफ दिख रही थी। अब शौर्य को ऐसे देख कर अंजलि भी शान्त हो जाती है। फिर सब पुलिस को कॉल करने की योजना बनाते है । रोहित जैसे ही मोबाइल पर 100 नम्बर अभी टाइप ही करता है की कही से आवाज आती है--

नशे सी चढ़ गयी ओये ,कुड़ी नशे सी चढ़ गयी
पतंग सी लड़ गयी ओये ,कुड़ी पतंग सी लड़ गयी
ऐसे खेंचे दिल के पेंचे गले ही पड़ गयी ओये,
नशे सी चढ़ गयी ओये ,कुड़ी नशे सी चढ़ गयी।


सब सुनते है यह तो श्रुति की अवाज है लेकिन श्रुति कहा है । तभी श्रुति अपना एक हाथ बेड के नीचे से निकाल के हसते हुये अन्दर से ही बोलती है-" अंजू मै यहाँ हू .... हाँ हाँ हाँ ।" शौर्य तो मारे खुशी के पागल ही होने वाला था। फिर सब जल्दी से उसको बैड के बाहर निकालते है । श्रुति बाहर निकलते ही बोलती है-" रोहित हग मी प्लीज ... प्लीज ... प्लीज ना।"
रोहित देखता है की श्रुति को कल रात का नशा अभी तक नही उतरा है तो वह उसे गले लगने के लिये आगे बढता है लेकिन शौर्य की तरफ जब देखता है तो रुक जाता है क्योकि शौर्य उसे गुस्से मे देख रहा था जैसे नजरो से ही बोल रहा हो अगर श्रुति के करीब गये तो तुम्हारा कत्ल कर दूँगा रोहित वापस अपनी जगह आकर खड़ा हो जाता है।
फिर सब किसी तरह उठकर श्रुति को कार मे बिठाते है और उसके साथ PG जाते है। आज कॉलेज की छुट्टी थी इसलिये किसीको कॉलेज जाने का भी टेंशन नही था। गर्ल्स PG के अन्दर लड़को का आना सक्त मना था इसलिये रोहित और शौर्य PG के बाहर से ही चले जाते है और अवीका -अंजलि श्रुति को किसी तरह उठा के PG मे ऊपर लाते है।

श्रुति ऊपर आते ही बेड पर सो जाती है और अविका उसे सोता हुआ देखकर वहा से अपने घर चली जाती है और अंजलि किसी तरह उसके ड्रेस बदल कर उसे सुला देती है। शाम को जब श्रुति उठती है तो उसका सर दर्द से फटा जा रहा था। अंजलि-" अभी होश आया की नही मिस श्रुति।" श्रुति धीरे से-" यार क्या ताने मार रही है नीम्बू पानी ला ना और सिर दबा दे थोड़ा ।" अंजलि भी उसकी हालत समझ कर उसे नीम्बू पानी देती है और उसके सिर भी दबा देती है लगभग 3 घन्टे बाद श्रुति इकदम पहले जैसी हो जाती है और रात को दोनो मेस से खाना खाकर कुछ देर इधर उधर की गप्पे लड़ाने के बाद सो जाती है।

इधर शौर्य तो अपने कमरे मे बैठ किसी और ही दुनिया मे खोया था वो सोच रहा था की अगर श्रुति को कुछ हो जाता तो उसका क्या होता साथ ही उसे मानसी पर गुस्सा आ रहा था उसने भी सोच लिया था की अगर यह सब मानसी ने किया होगा तो वह उसे छोड़ेगा नही।

लगभग रात 12 बजे अफताब अपने कमरे मे बैठा लैपटॉप मे कुछ तस्वीरे देख रहा था और 5 मीनट बाद हसते हुये लैपटॉप पर कुछ कर के रख देता है और अपना फ़ोन उठा कर मिस रुपोर्त्शी को कॉल करता है-" बॉस आपका काम हो गया ।" रुपोर्त्शी हसते हुये -" अब पता चलेगा शौर्य को की हमशे पंगा लेने का क्या अंजाम होता है।" कुछ देर तक दोनो बात करते है फिर अफताब फ़ोन रख देता है।
अब भई कौन सा नया झोल माल होने वाला है ?