Saat fere Hum tere - 102 in Hindi Love Stories by RACHNA ROY books and stories PDF | सात फेरे हम तेरे - भाग 102

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सात फेरे हम तेरे - भाग 102

नैना ने कहा दादी मां इस स्टोर रूम में क्या है।
दादी मां ने कहा ये देखो एक किताब है जो तेरे परदादा ने लिखा था।
नैना ने कहा हां ठीक है मैं रख लेती हुं। नैना ने वो किताब रख दिया।

फिर नैना तैयार हो गई उसने एक छोटा वाला स्कट् पहना और ऊपर एक टाॅप पहना था।
फिर विक्रम सिंह शेखावत भी आ गया उसने एक जैकेट और जीन्स पहन लिया।


फिर दोनों निकल गए।
क्लब पहुंच कर देखा तो सब मस्ती कर रहे थे
नैना को भी बहुत अच्छा लगा ये सब।
फिर विक्की और नैना कैसिनो खेलने लगें।
नैना ने जो जो नम्बर बोला विक्की वहीं करता तो हर बार ये दोनों जीत रहे थे।
काफी देर तक खेले और फिर वहां से दोनों डांस करने पहुंचे।
दोनों की जोड़ी बहुत ही अच्छी लग रही थी।
कहो ना प्यार है।
इस पर डांस होने लगा


दिल मेरा हर बार ये सुनने को बेक़रार है
कहो ना प्यार है, कहो ना प्यार है
हाँ तुमसे प्यार है, कि तुमसे प्यार है
इन प्यारी बातों में अंजाना इकरार है
कहो ना प्यार है, कहा ना प्यार है...

प्यार जहां में होता नहीं, फिर बोलो क्या होता
दुनिया में दिल कोई, कभी ना धड़का होता
धड़का है दिल, आ यार मिल
ये प्यार का इज़हार है
कहो ना प्यार है...

दो प्रेमी दो पागल, क्या करते हैं बोलो
मुझसे क्या पूछते हो, अपने दिल को टटोलो
मालूम है हमको तुम्हें
किस बात का इंतजार है
कहो ना प्यार है...

मिलते नहीं हम-तुम तो, फिर बोलो क्या होता
सच बोलूँ फिर अपना ख्वाब ना पूरा होता
कहता है मन अपना मिलन
दुनिया में यादगार है
कहो ना प्यार है

फिर तालियों की गूंज से पुरा क्लब झुम उठा।

फिर प्राइज एनाउंस किया गया। विक्की और नैना का नाम लिया गया तो सब ताली बजाने लगे।

नैना और विक्की को एक बुके चाकलेट केक ब्राउनी सब काटा गया।।

विक्की ने नैना को केक खिलाया।
फिर सब बैठ कर खाना खाने लगे। विक्की के बहुत सारे दोस्त आकर बोलें कि तुम लोग बालीवुड में जाओ यार।।
नैना हंसने लगी और फिर बोली मुझे यहां बहुत मज़ा आ रहा है।।
विक्की ने कहा हां यहां रह जाओ।
दो तीन अंग्रेजी महिला आ गई और फिर बोली नैना तुम आओ।।
नैना ने कहा हां एक मिनट हां।
कुछ देर बाद नैना खाना खाने के बाद उन महिलाओं के साथ चली गई।
महिलाओं का एक खेल हो रहा था जिसमें नैना ने भी पार्टीसिपेट किया।।


गाना बजने लगा और फिर मुजिकल चेयर होने लगा।
विक्की भी देखने लगा।
नैना बहुत ही अच्छे से खेल रही थी हर बार वो जीत रही थी।
अन्त तक वो खेलती रही। फिर नैना ही विजेता बन गई।।
फिर काफी देर तक पार्टी चलते रहे उसके बाद विक्की और नैना घर के लिए निकल पड़े।

बंगले में पहुंच कर नैना ने सारे गिफ्ट्स दादी मां को दिखाया और फिर बोली मैं हर चीज जीत कर आई हुं।
दादी मां ने कहा हां बहुत ही अच्छा है विक्की ने कुछ जीता नहीं।।

नैना हंसने लगी और फिर बोली अरे विक्की तुम्हारा दोस्त कब आएगा।
विक्की ने कहा अरे बाबा वो आएगा कल सुबह ।।
नैना ने कहा ओके गुड नाईट।

नैना सोने चली गई और फिर विक्की भी जाने लगा पर पहले नैना के कमरे के बाहर जाकर दरवाजा खटखटाया।
नैना ने कहा अरे बाबा अब क्या है।
विक्की ने कहा अरे बाबा कुछ चाहिए।
नैना ने कहा हां क्या।
विक्की ने कहा गुड नाईट किस तो दे दो।
नैना ने कहा नहीं शादी के बाद।।
विक्की ने कहा कसम है।
नैना ने तुरंत ही दरवाजा खोला और फिर एक गाल में किस कर दिया।
विक्की ने कहा अरे बाबा अब मेरी बारी।।
विक्की ने अन्दर जाकर दरवाजा बंद कर दिया और फिर नैना की तरफ बढ़ने लगा।
नैना भी पीछे हटने लगी और फिर अलमारी से टकरा गई और विक्की ने नैना को अपनी तरफ खींचा तो नैना ने कहा अरे बाबा दादी मां बुला रही है।
विक्की ने नैना के बाल खोल दिया और फिर उसके सर पर एक किस किया और फिर आंखों पर किया और फिर गालों पर। नैना ने कहा अरे जाओ।
विक्की ने नैना के मुंह पर अंगुली रख दिया।
नैना ने कहा अरे छोड़ो भी जाने दो।
विक्की ने कहा बस अब एक होटों पर किस।
नैना ने हंसते हुए कहा कि बस अब।।
विक्की ने कहा मेरी आंखों में देखो बस।।।
नैना ने अपनी आंखें बंद कर दिया और फिर विक्की ने नैना के होंठों को चूमने लगा।
कुछ देर बाद ही नैना ने विक्की से खुद को छुड़ा कर आगे चली गई और फिर बोली प्लीज़ विक्की तुम जाओ अब।
विक्की ने कहा हां ठीक है चलो अब चलते हैं।

फिर विक्रम सिंह शेखावत चला गया।
नैना भी सो गई।
और फिर उसने सपने में देखा कि विक्रम सिंह शेखावत एक बार फिर उससे बहुत दूर जा रहा है।
नैना का सपना टूट गया और फिर वो उठ गई और फिर रोने लगी।
फिर नैना ने कहा कि रात का सपना कभी सच नहीं होता है।
नैना को नींद नहीं आ रही थी तो उसने रेडियो चला दिया।
एक दिन आप यूं हमको मिल जाएंगे।एक दिन आप यूं हमको मिल जाएंगे
फूल ही फूल रहो में खिल जाएंगे
मैंने सोचा ना था एक दिन आप यूं
हमको मिल जाएंगे
फूल ही फूल रहो में खिल जाएंगे, मैंने सोचा होगा इतनी होगी हसी झुमेगा आसमा जाएगी ये जमी मैंने सोचा ना थाफिर कभी डाली में कलिया खिलाड़ी लगी जब निगाहे
निगाहो से मिलाने लगी
दिल की डाली में कलिया खिलाड़ी लगी जब निगाहे
निगाहो से मिलाने लगी
एक दिन इस तरह होश खो जाएंगे
पास आएंगे इतने होंगे हाय फूल रहो में खिल जाएंगे मैंने सोचा ना था
जगमगाती चांदनी रात है
रात है या सीतारो की बारात है
जगमगती चांदनी रात है
रात है या सीतारो की बारात है
एक दिन दिल की राहो में अपने दिन
जल उठेंगे मोहब्बत के इतने
न जाने
मरेंगे
ज़मी
मैंने सोचा ना था
एक दिन आप यूं हमको मिल जाएंगे
फूल ही फूल रहो में खिल जाएंगे
मैंने सोचा ना था
मैंने सोचा ना था।


नैना रोने लगी और फिर बोली भगवान मेरी खुशियों को किसी की नजर ना लगे।
ये भगवान क्या करूं मैं मुझे विक्की को मैसेज करना चाहिए।
फिर नैना ने लिखा कि मुझे बहुत डर लग रहा है
प्लीज़ एक बार आओगे क्या?
विक्की ने विडियो कालिंग किया और फिर बोला अरे यार तुम भी ना दो बज रहे हैं मैं अभी तक हसबैंड नहीं बना हुं।
नैना ने कहा हां ठीक है तुम सो जाओ मैं ठीक हूं अभी।
विक्की ने कहा ओह माई गॉड ठीक है।
विक्की नींद में था इसलिए वो सो गए।
नैना सारी लाइटे जला कर इधर उधर घुमने लगी।।
फिर चार बजे तक नैना को नींद नहीं आई और फिर वो सो गई।

सुबह उठते ही विक्की सीधे नैना के रूम के दरवाजे पर दस्तक दिया पर नैना ने दरवाजा नहीं खोला तो विक्की को लगा कि नैना सो रही होगी।
इसलिए वो जल्दी से नाश्ता करने के बाद दादाजी को बताया कि उसकी फ्लाइट डिले हो गई है दोपहर तक आएगा।
मुझे थोड़ा काम है तो मैं जा रहा हुं।
विक्की अपनी गाड़ी लेकर निकल गए।
काफी देर तक नैना ने दरवाजा नहीं खोला।काम बाई अन्ना आई तो वो भी काफी देर तक दरवाजा खटखटाया पर नैना ने दरवाजा नहीं खोला तो अन्ना ने दादी मां को बताया कि ये सब बात।
दादी मां भी घबरा गई और फिर बोली अरे विक्की को बोलना होगा।
दादी मां ने विक्की को फोन किया तो विक्की ने फोन उठाया और बोला कि अभी विजी है।
दादी मां ने कहा नैना ने अभी तक दरवाजा नहीं खोला।
विक्की अब घबरा गया और फिर बोला कि मैं अभी बहुत दूर हुं आने में दो घंटे लग सकते हैं।
दादी मां ने कहा अरे अब क्या होगा।
विक्की ने कहा हां मैं कुछ करता हूं।
अन्ना ने बगल में रहने वाले लोगों से मदद मांगी।

फिर दो तीन लोग वहां पर आ गए और फिर नैना के दरवाजे को तोड़ दिया गया।
फिर अन्ना ने पानी की बोतल से पानी का छिड़काव किया तो नैना होश में आ गई।
दादी मां ने कहा नैना तू ठीक है हम लोग तो डर गए।
दादाजी ने तुरंत अपने फैमिली डाक्टर साहब उमाशंकर गुप्ता को बुलाया और फिर डा ने नैना को चेक किया तो बताया कि डर की वजह से बेहोश हो गई थी और फिर बी पी कम हो गया है जल्द ही इसे जूस पीने को दिजिए।
और फिर मैं कुछ टेस्ट लिख देता हूं।
दादी मां ने कहा कि अन्ना जल्दी से जूस लेकर आओ।
अन्ना चली गई।
डाक्टर ने कहा अब मैं चलता हूं।
उसके बाद दादाजी ने पूछा तो कल रात वाली बात सब कुछ बताया और फिर विक्रम सिंह शेखावत की बात भी बताई।
दादाजी ने कहा विक्की की लापरवाही से ये हो गया कुछ हो जाता तो।
नैना ने कहा नहीं दादाजी मै ठीक हुं।
अन्ना ने कहा ये लो।
दादी मां ने कहा आज अन्ना ने सही समय पर सबको नहीं बुलाया होता तो क्या होता।
आज आने दो विक्की को।।
नैना बहुत ही डर गई थी और फिर कमजोरी बहुत ही थी उसे।


फिर दो घंटे बाद जब विक्की आया तो उसे सब पता चला तो उसको बहुत ही अफसोस हुआ।
और फिर वो नैना से मिलने गए और फिर बोला नैना साॅरी मुझे माफ़ कर दो।
नैना ने कहा अरे बाबा नहीं तुम्हारी कोई गलती नहीं है।

विक्की ने कहा पता है क्लब में तुम्हारी बड़ी तारीफ हो रही है और हमारे नाम की विक्नैना।
नैना ये सुनकर हंसने लगी।
क्रमशः