दो बातें in Hindi Biography by Rahul Narmade ¬ चमकार ¬ books and stories PDF | दो बातें

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दो बातें


हेल्लो और नमस्कार!

     मैं राहुल नर्मदे, आज कोई कहानी लेकर नहीं बल्कि आपसे मिलने आया हूं, और विस्तार से अपनी बात कहना चाहता हूं |आपको बताते हुए मुजे खुशी हो रही है कि आप सबके प्यार की वजह से इस दिवाली के पावन पर्व के दिन मेरी सभी कहानियों के डाउनलोड 1,50,000 के पार हो हैं, यानी कि अब तक मेरी कहानियां डेढ़ लाख से अधिक बार डाउनलोड हो चुकी है | मेरी लेखक बनने की शुरुआत 2020 के लॉकडाउन के दौरान हुई, जिस कॉलेज मे मैं पढ़ता था वो T. N Rao College अपना magazine शुरू करने जा रहे थे जिसमें एक लेखक कम पड़ रहा था इसलिए मुजे एक आर्टिकल लिखने का मौका दिया गया और मैंने मेरी जिन्दगी का सबसे पहला आर्टिकल लिखा Social Life during covid पर, फिर एक से अधिक बार आर्टिकल लिखता गया उस Magazine मे, February 2021 मे पहली बार मैंने हॉरर कहानी लिखी, तब ही से मुजे हॉरर लिखने की इच्छा होने लगी |


      हॉरर कहानी लिखने की शुरुआत मैंने जुलाई 2021 मे कि, जिसमें मैं एक बार एक खण्डहर के सामने से गुजर रहा था तभी मुजे खण्डहर के उपर हॉरर लिखने का मन हो गया और इस तरह मैंने प्रोफेशनल तौर पर Matrubharti पर लिखना शुरू किया, मेरी पहली कहानी गुजराती मे लिखी गई है जिसका हिन्दी translation - "बंद मकान" है जो थोड़े समय पहले ही रिलीज हुई है |

     जीवन मे कभी कभी हमे सदमा भी लगता है, हम सोच नहीं पाते की ये क्या हो गया और क्यु मैं इस घटना को या इस सदमे को रोक नहीं सकता, एसा ही कुछ मेरे साथ March 2022 मे हुआ, महाशिवरात्रि का त्योहार था, मैं ट्रेन से Anand (Gujarat) जा रहा था तभी सुरेन्द्रनगर के पास ट्रेन रुक गई और मेरे सामने एक भयानक दृश्य आया, मैंने देखा कि एक महिला की कटी हुई लाश थी और थोड़ी दूर एक आदमी की भी कटी हुई लाश मिली | स्पष्ट था कि उन दोनों ने ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या कर ली थी, और मैं उसी ट्रेन मे सवार था | इस घटना ने मुजे अंदर से झकझोर कर रख दिया, दूसरे दिन मुजे कोलेज मे कहीं मन नहीं लगा | मैं पूरा दिन यही सोचता रहा कि मैंने उन्हें नहीं मारा लेकिन ट्रेन के वजन मे मेरे शरीर का वजन भी उनके शरीर पर आया होगा, दूसरे दिन खबर आयी थी कि वो दोनों प्रेमी थे, समाज के दबाव मे आकर शादी नहीं कर पाए थे इसलिए उन्होंने मर जाना बेहतर समजा, इस बात को लेकर मैं दुःखी हुआ और मैंने उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक कहानी लिखी "अनोखा प्रेम" जो अंधेरा कोना नॉवेल में है | 


    मैं one line horror story भी लिखा हूं, जो कि अँग्रेजी लेखकों से प्रेरित है - " दुनिया का आखिरी इंसान अपने घर में बैठा था, तभी रात को किसीने उसके घर का दरवाजा खटखटाया" ये one line है,मेरी एसी ही वन लाइनर आपको bites मे मिल जाएगी, हालांकि कभी कभी one लाइनर फ्लॉप भी होती | सच बताऊ तो वन लाइन हॉरर स्टोरी लिखने मे एक अलग मजा है, एक ही लाइन मे पूरा फिक्शन आ जाता है!! उपर दी गई वन लाइनर मैंने नहीं लिखी, लेकिन उसका अर्थ ये होता है कि जब दुनिया मे एक ही शख्स था जोकि रात को अकेला था
अपने घर मे तभी किसीने दरबाजा खटखटाया, और जिसने खटखटाया वो प्रेत ही था!! मैं हॉरर कविताएं भी लिखना पसन्द करता हूँ |

    चलिए अब बात करते हैं Sci Fi की, मेरी नॉवेल - काला समय, The Black in English को आप सबने भरपूर प्यार दिया, शालीन जो कि एक अनाथ लड़का है जो अपने अनाथ जीवन से ऊब चुका था उसे आप सबने बहुत प्यार दिया | हाँ एक बात कहना चाहूँगा कि शालीन जिसे आप बहुत पसंद करते हैं वो फिर से आ सकता है अपने नए अंदाज में और नहीं कहानी के साथ |


अंत में यही कहना चाहूँगा - धन्यवाद!! बहुत बहुत धन्यावाद मेरे सभी रीडर्स का और Matrubharti का, धन्यवाद करना चाहूँगा मेरे पितृ गण - नर्मदा माँ को जिनके नाम से मैंने मेरे नाम के पीछे "नर्मदे" लिखना शुरू किया | Special Thanks to Mummy, Papa & Almighty God. Jai Hind.