कमरे मे आकर सीता आंटी ने श्री को समझाने का निर्णय लिया सीता आंटी ने कहा श्री मुझे तुमसे कुछ बात करनी है बेटा
श्री:- जी आंटी कहिए आपको क्या बात करनी है हमसे
सीता आंटी:- देखो श्री मैं जानती हूँ हरि तुम्हारे लिए क्या महसूस करता है ..😌
श्री ने कहा – आंटी जी इन सब बातों का अब मेरे जीवन में कोई मूल्य नहीं है जानती हूं आप क्या कहना चाहती हैं लेकिन मेरी बात को भी समझिए आंटी जी कृपा कर के ...
सीता आंटी को अब श्री की बात सुनके क्रोध आया उन्होने कहा बस श्री बस तुम अपने मन की बात हम से छुपा सकती हो लेकिन खुद से नहीं तुम भी जानती हो कि कहीं ना कहीं तुम्हारे मन में भी हरि के लिए भावनाये है इन्हे छुपाने से ये भावना खत्म नहीं हो जाएगी 😤समझी
और जब हरि ने भी अब तुम्हें अपने मन की बात बता दी है कि वो तुमसे प्रेम करता है तुमसे शादी करना चाहता है ..
तो तुम्हारे लिए क्या समस्या है ये स्वीकार करने मे की तुम भी कही ना कही मेरे बेटे हरि से प्रेम करती हो ...🤨
श्री ने कहा आंटी जी आप मेरी मां जैसी हैं मैं आपको बहुत मानती हूं आंटी आप कहें तो मुझे मैं अपना प्राण भी दे दु लेकिन आप हमें ये स्वीकार करने को कह रही हैं कि मैं आपके बेटे से प्रेम करती हूं ? 🥺🥲
आंटी जी हम चाहा कर भी ये स्वीकार नहीं कर सकते आप समझिए आप अपने ही बेटे का बुरा कैसे सोच सकती हैं आंटी जी खुद सोचिए आप डॉक्टर ने हमसे कहा जैसा हम हैं वैसे ही आने वाली संतान भी होगी आप क्या चाहते हैं कि आपके परिवार का अंश मेरे जैसा हो कुरुप 🥺
मुझे तो ये बिलकुल भी स्वीकार नहीं कि मेरे कारण किसी का आने वाला वंश मेरे जैसा ही हो बचपन में जो हमने सहा वो कोई और सहे ये समस्या मेरे साथ ही खत्म हो जाने दीजिए आंटी जी मत डालिये हमारे मन में ये भाव …..🥺और हम अपने प्रभु नारायण की भक्ति का मार्ग कभी नहीं त्यागेंगे वही हमारे प्राणीश्वर है
कोई फ़ायदा नहीं है आंटी जी अब हम संन्यास आश्रम चुनने का निर्णय ले चुके हैं 🙏🏻
सीता आंटी ने कहा कब तक भागोगी श्री अपने मन की भावनाओं से? कभी ना कभी तुम्हें ये स्वीकार करना ही पड़ेगा कि तुम मेरे बेटे हरि से प्रेम करती हो .😑
और जब मेरे बेटे को कोई परेशानी नहीं है मुझे नहीं है तुझे अपनी बहू बनाने में तो तुम्हें क्या समस्या है श्री ...😑
आंटी जी अब हम संन्यास चुन चुके हैं कृपा कर मुझे मेरे मार्ग से ना भटकाए अब मैं अपने प्रभु नारायण को पाना चाहती हूं मेरा मार्ग अब ईश्वर प्राप्ति है ... नहीं रह सकते हम प्रभु की भक्ति के बिना 🥺🙏🏻
आंटी ने कहा बस श्री बस हमें अब चिढ़ हो रही है तुम्हारी बातों से कैसे समझाऊ मैं तुम्हें श्री बच्चा...
हरि नहीं रह पायेगा तुम्हारे बिना वो तेरे शिवाय किसी और से कभी शादी नहीं करेगा।🥺
श्री:- आंटी आप हरि जी को समझा दीजिए ना कृपा किजिये हम पर या फ़िर तो हम समझा देंगे उन्हें हम नहीं कर सकते उनका जीवन खराब अपनी वजह से ...😔
सीता जी:- बेटा तुमसे विवाह कर के मेरे बेटे का जीवन खराब नहीं होगा बल्की उसका जीवन आबाद हो जाएगा बच्चा 🥹
समझ ना बच्चा मेरी बात को श्री मैं तो हमेशा से तुम्हें हरि के लिए चुन चुकी थी सच में बेटा ..
हाँ मानती हूं तुम्हारी त्वचा की समस्या है इस वजह से हम चुप रहे और ये सोचा कि तुम ठीक हो जाओगी लेकिन तुम ठीक नहीं हुई तो भी अब ये चाहती थी कि तू हरि से शादी करे.🥹
क्योंकि मेरा बेटा तुमसे प्रेम करता है उसने मुझे बताया मेरे लिए मेरे बेटे की खुशी से ज्यादा कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है .
श्री😳:- आंटी जी क्या आप हमें थोड़ा समय दे सकती हैं मैं सोचूंगी इस बारे में 😔
लेकिन अगर मेरा मन नहीं मानता तो आप हमें फोर्स नहीं करेंगे प्लीज 🙏🏻
आंटी:- ठीक है बेटा तुम सोच लो और हरि से भी इस बारे में बात कर लो सोच समझ कर अपना निर्णय हमें बताओ और मुझे उम्मीद है कि तुम हाँ कहोगी .🥹
श्री चुप रही श्री की मम्मी भी उन दोनों की बात सुन रही थी श्री की मम्मी ने भी सोचा था कि वो श्री समझे इस बारे में ..
अब रात हो गई थी इस बात को करते-करते
सब लोग कमरे से निकल कर खाना खाने बाहर आए रेस्टोरेंट में सब ने कुर्सी पर बैठकर ही अपनी-अपनी डिमांड बतानी शुरू कर दी कोई कह रहा था पिज़्ज़ा मंगाओ किसी ने कहा नहीं पास्ता खाते हैं आज ..
लेकिन श्री और हरि चुप थे उनकी कोई मांग नहीं थी जो मिल जाए उसमें ही संतुष्टि थी उन दोनों को ...🙂
हरि हमेशा की तरह श्री को देख रहा था उसका मासूम सा चेहरा उसकी बड़ी बड़ी आंखें उसका शांत मन .🥰
श्री को आभास हो रहा था कि हरि की नजर उसी पर है वो तो आँखें उठा कर देख भी नहीं रही थी हरि की तरफ उसने अपनी नजर टेबल पर टीका दी थी और मन में ये था कि जल्दी खाना खाये वो खा कर अब सोने चली जाए .😑
कहीं ना कहीं श्री जान पूछ कर ही अपने मन की भावनाओं को मार रही थी लेकिन अब उसे भी पता था कि हरी उसे प्रेम करता है शायद अब वो चाह कर भी अपने मन की बात ना छुपा पाये ।
लेकिन अब श्री को ये भी डर था कि अगर ये भाव प्रकट हुए उसके मन में तो कहीं वो अपने प्रभु से दूर न हो जाए 🥺 इनती मुश्किल से प्रभु नारायण की भक्ति मिली है कैसे अब वो अपने प्रभु को भूल जाए और इस माया जाल में फिर आ जाए 😔
खाना आया टेबल पर सबने खाना खाया और अपने अपने कमरे में चले गए
श्री होटल के पार्क वाले एरिया में आ गई थी क्योंकि अब उसको नींद नहीं आ रही थी उसके मन में उठ रहे थे प्रश्न का जवाब ढूंढना चाहती थी वो क्या करे अब क्या नहीं 🙂
हरि भी श्री को देखकर वहाँ आ गया श्री वहाँ लगी कुर्सी पर बैठ गई हरि भी उसके साथ वाली कुर्सी पर बैठ गया श्री अपने में ही खोई थी उसे पता भी नहीं चला कि हरि कब उसके साथ बैठ गया..🤭
हरि ने अचानक श्री के कानों के पास आ कर धीरे से कहा
क्या सोच रही हो तुम ..🙃
श्री एक दम से डर गई हरि की आवाज सुन के हरबरा कर उसने कहा कुछ भी तो नहीं हम तो बस हवा लेने आए थे नींद नहीं आ रही थी इसलिए आप यहां क्या कर रहे हैं
हरि हस्ते हुए:- कुछ नहीं बस मुझे भी नींद नहीं आ रही थी तो मैं भी हवा खाने आ गया था 😁
श्री:- हाँ तो इसमें इतना हंसने वाली क्या बात है अब 🙂↔️
हरि:- कुछ नहीं बस ऐसे ही अब हंसता रहता हूं खुश रहता हूं तुम्हें देख कर😅
श्री:- क्या कह रहे हैं आप ..🙄
हम जा रहे हैं अब सो जाइए आप भी अपने कमरे में जाकर ज्यादा हमें देखकर खुश होने की जरूरत नहीं है 🙂↔️
हरि:- और जोर से हंसते हुए क्यू अब क्या मुझे खुश भी नहीं रहने दोगी क्या ?😂
श्री चिड़ते हुए बस कीजिये अब आप जाइये और हमें जाने दीजिये शुभ रात्रि 🙂↔️
हरि:- क्या शुभ रात्रि पहले अपने मन के प्रश्नो के उत्तर तो लेती जाओ 🙂
श्री:- क्या प्रश्न कोई प्रश्न नहीं है हमारा सो जाइये जा कर 😔
हरि:- मुझसे झूठ नहीं बोल सकती तुम श्री मेरी बात सुनती जाओ तुम जानना चाहती हो ना कि मैं कैसे भला तुम्हारी ऐसी त्वचा के बाद भी तुमसे प्यार कर सकता हूं 🥲
तुम जानना चाहती हो ना कि मेरे मन में तुम्हारे लिए क्या है श्री तुम मेरे जीने का कारण हो नहीं रह सकता अब मैं तुम्हारे बिना तुम्हारे साथ जीना चाहता हूं लेकिन तुम किसी भी चीज के लिए जबरदस्ती नहीं करुंगा वादा.🥰
मैं समझता हूं तुम संन्यास लेना चाहती हो क्योंकि तुम नारायण भक्ति में प्रवीण हो चुकी हो तुम्हे ये डर है कि कही तुम भक्ति मार्ग से न हट जाओ और तुम्हें ये भी लगता है कि तुमसे कोई प्रेम नहीं कर सकता या फिर ये कि अगर मेरी शादी तुम से हुई तो आने वाला वंश तुम्हारे जैसा होगा यही बात है ना श्री 🥹
हरि की बात सुन कर अब श्री की आंखो में भी आसु थे 😔🥺
पहली बात श्री वादा करता हु कभी भी तुम्हारे भक्ति मार्ग के बीच में नहीं आऊंगा तुम्हारे साथ में भी नारायण भक्ति करूंगा तुम्हारे सहारे मुझे भी प्रभु मिल जाएंगे ☺️और दूसरी बात
हम डॉक्टर से बात करेंगे शादी के बाद अगर तुम तैयार हुई तो क्योंकि मुझे कोई फ़र्क नहीं पढता तुम्हारी त्वचा से विश्वास करो मुझ पर मेरा प्रेम तुम्हारी आत्मा से है शरीर से नहीं श्री 🥹
श्री अब जमीन पर ही बैठ कर फूट-फूट कर रोने लगी उसने रोते-रोते हरि से कहा हरि जी आप समझिए😭 केवल नारायण भक्ति कारण नहीं है
डॉक्टर के पास कोई इलाज नहीं है इसका अगर ये समस्या हमें है तो आने वाले वंश को भी होगी 😭हम आपका जीवन खराब नहीं करना चाहते अपनी समस्या को आपके ऊपर थोपना नहीं चाहते हरि जी समझे हमे😭 और और प्रभु नारायण के बिना भी हम जी नहीं सकते
हरि ने भी जमीन पे बैठ कर श्री के आसु को अपने हाथ से साफ करना चाहा तो श्री ने रोक दिया नहीं हम ठीक हैं आप जाएं कृपा कर यहां से हमें अकेला छोड़ दीजिए प्लीज 🙏🏻🥺
हरि ने कहा अकेले छोड़ दू कैसे अकेला छोड़ दू मैं तुम्हें श्री तुम्हारे साथ अपना पूरा जीवन जीना चाहता हूं मैं 🥹
श्री चुप हो गई हरि की बात सुनकर और जाने लगी वाहा से
लेकिन तभी हरि ने श्री का हाथ पीछे से पकड़ लिया🙃
धन्यावाद
🙏🏻🙌🏻🕉️