Shri: Struggle and Love - Chapter 24 in Hindi Spiritual Stories by Shiv putri books and stories PDF | श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 24

Featured Books
Categories
Share

श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 24

श्री और हरि की नोक झोक तो हमेशा की तरह चल रहीं थी 🤭
श्री बार बार देखिए हरि जी हमे प्रिय प्रियतमा मत बोलिए समझे आप 
और हरि बार बार 🥰 ठीक है प्रियतमा
श्री— ऑफ हो आप कितने जिद्दी है समझ नहीं आता आपको मत बोलिए न 😑( बाहर से शख्त लेकिन भीतर ही भीतर श्री को अच्छा लग रहा था यू हरि का उसे परेशान करना 🤭😅)
हरि— अब आप हमारी प्रियतमा है प्रियतमा न बोले तो क्या बोले जिसे प्यार करते है उसे यही कहते है 🥰
श्री— 😠 झूठा गुस्सा दिखाते हुए –हरि जी हमने अभी तक आपके प्यार को स्वीकार नहीं किया है समझे आप 😑 
और हमारा एक बहुत प्यारा और अच्छा नाम है (श्री)आप हमे हमारे नाम से बुला सकते है समझे कि नहीं
हरि— क्या यार ... तुम न श्री एक दम ही मतलब इतनी प्यारी हो 🫣 क्या ही बताऊं कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है कान्हा जी 🥰
श्री— हाहा आपसे तो बस बाते बनवा लो कितनी ही 
दुनिया भर का काम पढ़ा है यहां और ये हे भगवान 🥲 हरि जी जाइए आप यहां से हमे पूजा करनी है नारायण की बहुत काम है एकादशी है आज जाओ आप यहां से अब .. 
हरि — ठीक है मेरी श्री चला जाता हु खुश 😊 और हाँ , पूरे दिन भूखे नहीं रहना व्रत का कुछ ले लेना तभी मैं कुछ लूंगा समझी कि नहीं 
श्री— मन में –( हाँ हाँ जैसे तो हम उनकी सुनेंगे 🤪 व्रत है मेरा कुछ नहीं खाती और ये है पीछे ही पढ़े है ) और बाहर हरि से– अच्छा अच्छा ठीक है अब जाइए यहां से परेशान मत करो 
हरि— ठीक है cutie 🥰 
श्री — हे प्रभु ये भी न 🤦🏻😊


वही दूसरी तरफ गुरुदेव के कक्ष में,
सार्थक— गुरुदेव आज मैने आपकी आज्ञा का पालन कर दिया 🙂 मैने श्री को अपने मन की बात बता दी और उनसे ये आश्वासन भी ले लिया कि वो किसी भी परिस्थिति में हमारी मित्रता नहीं तोड़ेगी 🥲 और हे गुरुदेव , हमने आपके आशीर्वाद से श्री को ये आभास करा दिया है कि मन की सुंदरता ही मनुष्य का सबसे सुंदर गहना है 😊 और श्री हमारी बात समझ गई है गुरुदेव 🥹 मैने उन्हें बता दिया कि मैं उनसे प्रेम करता हु परन्तु मैं कभी भी मैं उनके और हरि जी के बीच नहीं आऊंगा 😔 और श्री के प्रेम का सम्मान करूंगा जहां वो खुश वहां मैं खुश गुरुवर 😔 
गुरुदेव— आपसे यही आशा थी  पुत्र 😊 यू ही आप हमारे प्रिय शिष्य नहीं है 😊 आप प्रिय शिष्य इसलिए हैं क्यूंकि आप सदैव हमारी आज्ञा का पालन करते है और एक त्यागी है 🙌🏻 
सार्थक— हे गुरुदेव बस आपका आशीर्वाद बना रहे 🥹
गुरुदेव— अवश्य पुत्र 🙌🏻 मेरा आशीर्वाद सदैव तुम पे है अच्छा एक कार्य कीजिए पुत्री श्री को बुला दीजिए 🙌🏻
सार्थक— जी गुरुदेव अभी हम बुला देते है उन्हें 🙂

और दूसरी तरफ हरि ने गुरुदेव और सार्थक की बात गलती से सुन लिया उसने सुना ( सार्थक बोल रहा था — मैं श्री से प्रेम करता हु परन्तु मैं श्री और हरि के बीच कभी नहीं आऊंगा 
गुरुदेव — हमें यही आशा थी आपसे पुत्र) 
बस ये बात सुनते ही हरि सुन हो गया उसको कुछ समझ नहीं आया उसका दिमाग काम करना बंद कर दिया ये बात सुनते ही 😔 उसने अपने मन में कहा — हे नारायण भगवान मैं कल तक कितना गलत था जो ये सोच रहा था कि सार्थक कही श्री से प्रेम तो नहीं करते कही ये हमारे बीच में तो नहीं आयेंगे 🥺 लेकिन ये ये तो मेरे और श्री के लिए अपने प्रेम का ही त्याग कर रहे है 🥺
इतना बड़ा त्याग मेरे लिए सार्थक जी ने किया हे प्रभु कितना धन्य है ये प्राणी जो खुद भी श्री से प्रेम करता है लेकिन मेरी और श्री की खुशी के लिए खुद ही पीछे हट गया और सुबह मेरे से पूछ रहे थे कि मैं श्री से प्रेम करता हु मतलब ये सब जानते थे फिर भी मुस्कुरा के पूछ रहे थे इतना बड़ा त्याग 🥺 😭
श्री मुझे मिली नहीं है किसी के त्याग के कारण वो मेरी हो सकती है मैं इनका ये एहसान कभी नहीं भूलूंगा 🥺 भगवान आप सार्थक जी के जीवन में भी उनके योग्य कोई दे दीजिए 🥺 उन्होंने मेरे कारण श्री का त्याग किया है अब आप उनके जीवन में भी खुशियां ले आइए प्रभु 🥺 😭 

हरि ये सब सोच सोच के रो रहा था वो सुबकते सुबकते अपने कमरे के पहुंचा काम में मन लगाने की कोशिश की लेकिन बार बार बार सार्थक का त्याग उसके मन को कचोट रहा था .... 

वही दूसरी तरफ सार्थक श्री को बुलाने मंदिर की तरफ गया 
चलते चलते सार्थक किसी से टकरा गया .... 
वो एक लड़की थी ..... 

वो लड़की — अरे देख के नहीं चल सकते आंखें है कि बटन 
सार्थक— जी ...
वो लड़की — क्या (जी) बोलो देख के नहीं चल सकते 
सार्थक— माफ कीजिए हम जल्दी में थे 
वो लड़की — ऐसी भी क्या जल्दबाजी है जो आंख बंद कर के चल रहे हो 
सार्थक— देखिए आप जो भी है मैने आपसे माफी मांगी है यही बहुत है गलती तो आपकी थी आप भी फोन देखते हुए आ रही थी समझी आप और हटिए मेरे रास्ते से हमे बहुत विशेष कार्य करना है 
वो लड़की — oh mr. Excuse me how dare you to say that it's my mistake 
सार्थक — अपनी ये इंग्लिश अपने पास रखिए बहुत काम है मुझे ....
वो लड़की — क्यूं इंग्लिश सुन के डर गए 🤪 समझ नहीं आई 
सार्थक—mrs . you listen carefully please Leave my path that I can do my work 😑

वो लड़की — ओह तो आपको भी इंग्लिश आती है हमे लगा कि यहां आश्रम में केवल संस्कृत ही सीखते है 🤪
सार्थक — देखिए ,मेरा समय बरबाद कर रही है आप रास्ता छोड़िए जो भी है 🤦🏻
वो लड़की — oh hello Mr. ... Wait wait ऐसा क्यों लग रहा है कि मैने आपको कही देखा है 🤔 
सार्थक— हे भगवान कहा फंस गए हम भी ये लड़की और इसकी बक्कर बक्कर बंद ही नहीं हो रही लड़की है या tape recorder जो बंद ही नहीं हो रहा 🤦🏻

वो लड़की — अरे हा याद आया आप हमारे साथ गंगा आरती में गए थे ... आप आप सार्थक जी है न श्री के सखा 😊
सार्थक— हम आपके साथ गंगा आरती गए कब ?? 
वो लड़की — अरे बुद्धू 🤦🏻 परसों ही तो गए थे जब आपने और श्री ने मिल के कितने अच्छे संस्कृत श्लोक बोले थे याद आया कुछ 
सार्थक— हाँ परसो हम गए तो थे लेकिन आप है कौन ?? 



क्या लगता है readers कौन है ये नई लड़की 🤪 जानने के लिए बने रहे मेरी कहानी श्री में 🫶🏻