The Last Promise - 18 in Hindi Crime Stories by CHIRANJIT TEWARY books and stories PDF | The Last Promise - 18

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The Last Promise - 18

उसमे से एक कहता है --

गुंडा: - ऐ ऐसे डरो मत रे। ये अभी बहोत घायल है , हम सब एक साथ जाएगें तो ये कुछ नही कर सकता । 

उस गूडें की बात को सुनकर रुद्रा एक स्माइल देता है । और टुटते आवाज से कहता है --

रुद्रा :- अ...हा हा हा ।

उसके इतना कहने पर वो सभी अपना अपना हथियार कस के पकड़ता है और घबराते हूए एक दुसरे की और दैखता है , सभी गला रुद्रा के डप से सुख गया था । सभी एक साथ रुद्रा को मारने के लिए भागता है । सभी एक साथ रुद्रा के उपर हमला करता है । रुद्रा उनमे से एक का हाथ पकड़ लेता है और उससे उसका हस्सा छिन लेता है । रुद्रा हस्सा छिनने के बाद रुद्रा उसका गला रेत देता है ।

जिससे उन सभी के मन मे फिर से डर बैठ जाता है । निधी अपनी दोनो आंखे बंद कर लेती है और रुद्रा को ऐसे हेवानो की तरह मारते दैख कर निधी डर जाती है । ऐसे एक एक करके रुद्रा 4 को मार देता है । तभी उन मे जो आखिरी बचा था वो निधी को पकड़ लेता है और उसके गले मे चाकु रखकर रुद्रा से कहता है --

गुंडा :- ऐ ! वही रुक जा । वरना इसका गला काट दूगां ।

उस आखरी बचे गुडें की हालत रुद्रा के डर से बहोत खराब थी । उसकी आवाज लड़खड़ाने लगती है , और अपने लड़खड़ाते जुबान से वो गनजां से रुद्रा से कहता है --

गुडां :- ए .... एक कदम भी आगे मत आना । वरना इसे जान से मार दूगां ।

जैसे - जैसे रुद्रा का कदम उस गूडें की और बड़ रहा था , उसका गला डर से सुखा जा रहा था । 

रुद्रा लड़खड़ाते हूए खुन से लतपथ उसके और बड़ा जा रहा था ।

ये दैखकर वो गुडां फिर से निधी के गले मे चाकु रखकर कहता है --

गुडां :- रुक जाओ ... वरना मैं इसे मार दूगां । 

उसके इतना कहने पर भी रुद्रा के कदम रुक नही रहा था । ये दैखकर निधी भी डर जाती है । रुद्रा उस गूडें से अपने टुटते आवाज से कहता है --

रुद्रा :- उसे छोड़ दे .. और चला जा यहां से , वरना ...


रुद्रा के इतना कहने पर वो गूडां फिर से कहता है --

गुंडा :- ऐ ! वही रुक जा , मैं आखरी बार तुझसे कह रहा हूँ , रुक जा । वरना इसका गला काट दूगां ।

इस बार रुद्रा वही रुक जाता है । रुद्रा को रुकते हूए दैख कर वो गुडां हसने लगता है क्योकी उसे रुद्रा मे अपनी मौत दिख रहा था , इसिलिए रुद्रा के रुकने से वो खुश होकर हसने लगता है । वो गुडां रुद्रा से कहता है --

गुडां :- अपने हाथो से वो हस्सा फेंक । फेंक वरना काट डालूगां ।

इतना बोलकर वो गुंडा निधी के गले के पास चाकू को लाता है । 

रुद्रा हंसने लगता है और फिर हसते  हूए कहता है --

रुद्रा :- मार दे । चल मार दे , दिया तुझे मौका , मार ... 

रुद्रा के इतना कहने पर निधी एकदम से चोंक गई थी , क्योकी रुद्रा उसे बचाने के बजाए  उसे मारने के लिए बोल रहा है । 

रुद्रा फिर कहता है --

रुद्रा :-  तु इसे मार देगा तो भी तु मरेगा ।

रुद्रा के इतना कहने पर निधी को बहोत बूरा लगता है और वो गुंडा और डर जाता है । तब वो गुंडा निधी को पकड़ कर धिरे धिरे पिछे की और जाने लगता है और रुद्रा भी लड़खड़ाता हूआ आगे बड़ता है । वो गुडां एक बार फिर कहता है --

गुंडा :- मैं कहता हूँ वही रुक जा । वरना जान से जाएगा ये ।

जब उसके इतना कहने पर भी रुद्रा नही रुकता है तो वो आदमी निधी को रुद्रा की तरफ ढकेल देता है , निधी रुद्रा के बाहो मे चली जाती है । और तब वो गुंडा रुद्रा के पास आकर चाकु से कई बार वार करने लगता है , रुद्रा किसी तरह चाकु की वार से बच जाता है , फिर वो निधी पर चाकु से वार करने जाता है तो रुद्रा निधी को अपनी और खींच लेता है और चाकु रुद्रा को लग जाता है ।

निधी बहुत घबराई हूई थी , रुद्रा दर्द से तड़प उठता है , निधी रुद्रा की और दैखती है , रुद्रा बेहोसी के हालत मे था , और निधी के बाहो मे था । 

वो गुडां बहुत चालाकी के साथ वार करता है क्योंकी वो जानता है के रुद्रा बहुत घायल है वो इस हालत मे अपने आपको और निधी को दोनो को नही बचा पाएगा ।

इसिलिए वो गूडां बार - बार निधी पर वार कर रहा था । इस बार भी वह निधी को मारने जाता है तो रुद्रा किसी तरह से फिर से निधी को अपने बाहो मे खींच लेता है तो वो गूडां जानता था के रुद्रा से बचायेगा , और फिर चाकु रुद्रा के जांघ पर घोंप देता है ।

रुद्रा :- आह्ह .....!

निधी ये दैखकर हैरान थी एक अजनबी जो खुद घायल है उसो बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा रहा है । 

रुद्रा अब थक चुका था , जांघ चाकु लगने की वजह से वो लड़खड़ा गया तो निधी उसे संभाल लेती है , रुद्रा निधी को बाहो मे था और थका हूआ था , तभी वो गूडां मौका दैखकर रुद्रा को मारने के लिए आता है , रुद्रा अब भी निधी के बाहो मे था , निधी रुद्रा को दुसरी और कर देती है ताकी चाकु निधी को लगे और रुद्रा बच जाए , निधी अपनी आंखे बंद कर लेती है और रुद्रा को कस के अपने बाहों मे पकड़ कर रखती है ।

जैसे ही वो गूडां निधी को चाकु मारने आता है , रुद्रा अपनी आंखे खोलता है और चाकु को निधी के लगने से पहले ही पकड़ लेता है । रुद्रा के आंखो मे गुस्सा था और उस गूडें के लिए मौत । निधी अपनी आंखो खोलती है तो दैखती है के  रुद्रा उससे चाकु को छीन लिया था  और वो गुडां  वहां से भागने की कोशिश करता है पर रुद्रा उसपर उसी चाकु से फेंक कर मारता है  , वो चाकु उसके पिठपर लगता है और वो वही पर गिर जाता है जिससे उसकी भी मौत हो जाती है ।



To be continue......21