EK KAHANI AISI BHI - 6 books and stories free download online pdf in Hindi

एक कहानी ऐसी भी - भाग 6

अगले  भाग  मे  हमने  देखा  की  कैसे  अनुज  का  परिवार  निसहाय  हो  जाता  है  |

पर  जब  पूरे  परिवार  को  घर  छोड़कर  प्रेम  ओर  राकेश  जि  अस्पताल  जाते  है  तो  |

रास्ते  मे  उन्हे  मायावती  जि  मिलती  है  ओर  सब कुछ  बताती  है  |

ओर  काले  जादू  से  बचने  के  लिए  अपने  बेटे  की  सहायता  लेने के  लिए  कहेती  है  |

अब  आगे  |

 

मायावती जी  की  बाते  सुनकर  |

आज  बहोत  समय बाद  उनलोगों  को  उम्मीद  जागी  थी  |

जिन्हे  वो  हर  हाल  मे  खोना  नहीं  चाहते थे |

इसलिए  उन्होंने  मायावती  जी  से  एड्रैस  लिया  ओर  अभिमन्यु  को  ढूँढने  निकल  पड़े  |

 

सुबह  मंगल  मेंसन  मे  रीना  जि  ओर  सोनल  भाभी  एवं  प्रिया  पूरी  रात  नहीं  सोये  |

सिर्फ  भगवान  का  ही  नाम -स्मरण  करते  रहे  |

ओर  सायद  उसी  के  चलते  उन्हे  ये  भ्रमास्त्र  मिल  गया |

सुबह  होते  ही  रीना  जी  को  राकेश  जि  का  कॉल  आया  |

ओर  उन्हे  मायावती  जि  की  सारी  बाते  बताई  ओर  ये  भी  कहा  की  वो  लोग  अभिमन्यु  को  लेने  जा  रहे  है  |

तो  ये सब  सुनकर  सब  खुस  हो  गए  |

  

राकेश  जि  ओर  प्रेम  अभिमन्यु  को  ढूँढने  निकाल पड़े  |

वो  नीलगिरी  पर्वत  को  पूरा  देख  आए  पर  कही  कोई  ठिकाना  नहीं  था  |

वो  लोग अब  नीलगिरी  से  काफी  दूर निकाल  गए  थे  |

थक कर  वो  लोग  बैठ  गए  |

पर  जैसे  ही  सूर्यास्त  हुआ  दो  पहाड़  आपस  मे  दरवाजे  की  तरह  खुल  गए  |

अंदर  एक  तीस  साल  का  युवक  अपनी  आंखे  बंध  करके  ध्यान  कर  रहा  था  |

 

जैसे  ही  राकेश  जि  ओर  प्रेम  अंदर  गए  वैसे  ही  उन्हों ने  बिना  देखे  कह  दिया  |

क्यू  बेटे  के  लिए  आए  हो |

जि  गुरु जी  राकेश  जि  ने  कहा  |

पर  आने  मे  देर  कर  दी  |

उसे  दुशरी  दुनिया  मे  पहोचे  आज  तीसरा  दिन  हो  गया  |

 

बाबा  हम  बड़ी  आशा  लेकर  आपके  पास  आए  है  |

ऐसा  मत  बोलीए  |

ठीक  है  मैं  चलुगा  तुम्हारे  साथ  |

 

दुशरी दुनिया  मे  कैद  अनुज  को  पता  नहीं  चल  रहा  था  की |

आखिर  हो  क्या  रहा  है  |

मानो  जैसे  की  वो  एक  भूल - भुलैये  मे  फस  गया  हो  |

  

पहले  दिन  तो  उसे  एक  काल  - कोटरी  जैसा  लग  रहा  था  |

क्योंकि  वो  सरीर  मे  था  ओर  उसकी  आत्मा  पूरी  तरह  से  इस  दुनिया  मे  नहीं  आई  थी  |

पर  जैसे  ही  वो  कोमा  मे  चला  गया  वो  पूरी  तरह  से  इस  दुनिया  मे  आ  गया  |

या तो  ये  कहो  की  वो  पूरी  तरह  से  इस  दुनिया  मे  आ  गया  इस  लिए  कोमा  मे  चला  गया  |

 

शाम  ढलते  ही  इस  दुनिया  मे  अजीब  सा  कोला  हल  मच  जाता  है  |

सेकड़ों  लासे  एक  साथ  जमीन  से  निकल  कर  एक  साथ  रोती  है |

फिर  कुछ  लोग  आते  है  ओर  अपने  मे  से  ही  कुछ  लोगों  को पकाकर  खाते  है  |

उसकी  खोपरियों  को  निकाल  कर  उसमे  लोही  पीते  है  |

 पूरी  रात  वो  रोते  है  -ओर  चीलाते  है  ओर  सुबह  होते  ही  |

सब  गायब  एक  खतरनाक  मंजर  रोज  इसी  वारदात  से  गुजरना  |

 मानो की अब  आँखों  पर  भरोसा  करना  मुस्किल  था  | 

उसने  पूरी  तरह  से  उम्मीद  छोड़  दी  थी  की  अब  वो  यहा  से  निकल  पाएगा  |

 

क्या  अनुज  उस  दुनिया  से  निकल  पाएगा  |

क्या  अभिमन्यु  उसे  इस  चुंगल  से  छुड़ा  पाएगा  |

जानने  के  लिए  पढे  |

एक  कहानी  ऐसी  भी  भाग - ७