श्री वहाँ से जाने लगी हरि ने उसका हाथ पकड़ लिया
श्री ने खुद को छुड़वाना चाहा लेकिन हरि के मजबूत हाथों से खुद को नहीं छुड़वा पाई ।🤭
श्री ने कहा हरि जी हमारा हाथ छोड़िए 🤨
हरि ने कहां ये हाथ छोड़ने के लिए नहीं पकड़ा है जीवन भर इस हाथ को थामना चाहता हु मैं। 😌
श्री ने कहा – क्या कहे रहे है आप हरि जी क्यों चाहते हो आप ऐसा क्यों? 😔
हरि ने कहां — श्री प्रेम क्यों हुआ ये पूछ रही हो?☺️
हो गया क्या करूं अब नहीं रह सकता तुम्हारे बिना शादी करना चाहता हूं तुमसे मैं ।🥰
श्री– बस कीजिए हरि जी हाथ छोड़िए हमारा आपको समझ नहीं आता क्या हम साध्वी बनना चाहते है किसी पुरुष के विषय में सोचना भी पाप है हमारे लिए आप शादी की बात कर रहे है हम दोस्त है दोस्त बन कर रहे तो अच्छा है आप मत सोचिए हमारे लिए ये सब कृपा कीजिए हम पे समझे आप 😔🤨
हरि को अब कही न कही श्री की बात सुन के गुस्सा आ रहा था 😠
।फिर भी उसने गुस्से पे काबू करते हुए श्री से कहा देखो श्री मेरी बात समझो मैं जानता हूं कि तुम ये साध्वी क्यों बनना चाहती हो
क्यूंकि तुम्हे लगता है कि तुम ऐसी हो तो कोई तुमसे प्रेम नहीं करता या फिर ये की तुम्हे ये डर है कि जैसी तुम हो वैसे ही हमारे आने वाले बच्चे होंगे । मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता मैने कहा न हम डॉक्टर से बात करेंगे बच्चे करने से पहले । ताकि हमारे बच्चों को कोई समस्या न हो । 😌 और मैं तुम्हे प्रभु नारायण की भक्ति से भी दूर नही कर रहा 🥰
श्री को हरि की बात सुन कर मन में तो खुशी भी हो रही थी । लेकिन कही न कही उसे डर भी था क्योंकि अब वो संन्यास का मार्ग चुन चुकी थी और
साध्वी तो वही है जो किसी पुरुष के स्पर्श से भी विचलित न हो जो किसी पुरुष के विषय में न सोचे और अब वो निर्णय ले चुकी थी अपने प्रभु नारायण को प्राप्त करने का । 🙏🏻
कही न कही वो बहुत शर्मा भी रही थी क्योंकि हरि ने उसका हाथ पकड़ा हुआ था और खुद के बहुत करीब कर रखा था । 🫣
लेकिन श्री का खुद पे बहुत काबू था इतनी आसानी से उसे कोई बहका नहीं सकता था 😌उसका निर्णय भी अटल था वो IAS बनने के बाद संन्यास दीक्षा लेने का फैसला ले चुकी थी ।🙂
और अब वो हरि की बात में भी नहीं आ रही थी।🥲
श्री ने कहा – देखिए हरि जी भूल जाइए हमें ... 🙂↔️
कोई मतलब नहीं है अब इन सब का हमारे जीवन में हम अपने गुरुदेव से बात कर चुके है IAS बनने के बाद हम संन्यास दीक्षा लेने वाले है ।🤨
IAS बस हम लोगों को दिखाने के लिए बन रहे है क्योंकि लोगों ने हमारा बहुत मजाक बनाया है । हम ये दिखाना चाहते है कि हम कमजोर नहीं है।
और रही बात आपसे शादी करने की तो हम आपसे तो क्या अब किसी से भी शादी नहीं करेंगे। हम निर्णय ले चुके है और मेरा निर्णय अटल है हरि जी 😏
हमने संन्यास मार्ग चुनने का निर्णय ले लिया है । आप अपने जीवन में आगे बढ़िए हमें भूल जाइए हम प्रार्थना करेंगे आपको हमसे भी बहुत अच्छी लड़की मिलेगी । 🙌🏻
हरि –😠 बस श्री बस तुम मुझे अपने बातों से गुस्सा दिला रही हो कहा न मैने मैं प्यार करता हु तुमसे और क्या कहा तुमने मुझे तुम से अच्छी लड़की मिलेगी नहीं चाहिए मुझे समझी । 🤨मुझे तुम चाहिए श्री मैं प्यार करता हु तुमसे शादी करना चाहता हु 🥹
और रही बात तुम्हारे संन्यास दीक्षा की तो मैं तुम्हारे गुरुदेव से भी बात कर लूंगा नहीं लेने दूंगा तुम्हे संन्यास 😏क्यूंकि मुझे तुम चाहिए अपने जीवन में बस। और तुम्हारी शादी मुझ से होगी बस। तुम्हारा निर्णय मैं अटल नहीं रहने दूंगा श्री । 🙅🏻
श्री को अब शर्म आ रही थी क्या कहे हो वो हरि से... कही न कही तो वो भी हरि को पसंद करती थी उसके मन में भी हरि के लिए प्यार वाली भावनाएं थी🥰 लेकिन उसका निर्णय भी अटल था😏 और जब अब श्री ने सब चीज का मोह त्याग दिया है और खुद पर संयम पाने का फैसला ले चुकी है संन्यास का मार्ग चुन चुकी है तो अब हरि की बात में आ कर वो अपना सतीत्व को क्यों नष्ट करे । 🥺
और कही न कही उसे हरि की नजदीकी से शर्म भी महसूस हो रही थी उसने कहा देखिए हरि जी हमारा हाथ छोड़िए हमें जाने दीजिए 😔हमारे हाथों में कुछ नहीं है भगवान ने जो हमारी किस्मत में लिखा है वहीं होगा बस। 🙏🏻
हरि– तो अगर ऐसा है तो मैं तुम्हे तुम्हारे भगवान से भी मांग लूंगा । 😌🥰
श्री – इतना आसान नहीं है आपको क्या लगता है आप बोलोगे और भगवान आपको हमे दे देंगे । 🤨😏
अरे जब हम ही नहीं करना चाहते शादी तो आप हमारे ऊपर दबाव कैसे बना सकते है😏 हरि जी अगर हम ही तैयार नहीं होंगे तो क्या जबरदस्ती कर लोगे शादी हमसे बोलिए हरि जी 😏
हरि— (हंसते हुए) –🤣सबसे पहले तो मैं तुम्हारे गुरुदेव से बात करूंगा क्यूंकि तुम उनकी आज्ञा तो मानोगी न 🤣 अगर वो कहे देंगे तो तुम्हे मुझ से शादी करनी पड़ेगी । 😁
श्री — आपको जो करना है कीजिए ये भी प्रयास कर लीजिए 😏और इतना सरल नहीं है जो हँस रहे है बेमतलब के ।🙂↔️ हाथ छोड़िए आप हमारा हमे नींद आ रही है अब । 🙂↕️
हरि– नींद आ रही है 😂😂 अब तो आपके उठने का समय हो गया है देवी जी ।🤣
श्री– देखा कर दिया न हमारी रात खराब 😏हमे सोने भी नहीं दिया आपने अब हमारे नियम पालन का समय हो गया । 🤨
हरि— लो कर लो बात खुद यहां बैठी थी नींद नहीं आ रही थी न तुम्हे।😅 मैं थोड़ी लाया था तुमको की चलो जानू मेरे साथ चलो साथ में बैठ कर बाते करेंगे प्यार भरी 😂😂...
श्री– क्या कहां आपने (जानू) खबरदार अगर ये शब्द हमे दुबारा कहा तो आए बड़े जाने दीजिए हमे आप।😠
हरि हंसते हुए अच्छा तो क्या कहूं देवी जी आपको अब आने वाले समय में आप हमारी पत्नी बनोगी प्रिय । 🥰
मेरी प्रियतमा ..🤭
श्री – बस कीजिए नहीं तो आपको पीट देना है 🤨मैने अब जाइए यहाँ से और ये शब्द मत बोलिए मुझे मैं आपकी कोई प्रियतमा नहीं हु समझे आप 😠
हरि – तुम हो मेरी प्रियतमा ज्यादा मत बोलो 🥰और अब इसी नाम से बोलूंगा सबके सामने भी क्या समझी ।🥰
श्री– क्या नहीं सबके सामने नहीं बोलोगे आप हम नाराज हो जाएंगे 😠आप से बात नहीं करेंगे बता रहे हैं 🤨
हरि हंसते हुए अच्छा तो अकेले में बोल सकता हु प्रियतमा हैना। 🥰
श्री – जीने देंगे आप हमे हमने कहा
मत कहिए ये शब्द प्लीज़ 🙏🏻
हरि – जीने दूंगा तुम शादी कर लो ...🤭
श्री — नहीं कर सकते हम अभी जाओ आप यहां से हमें जाने दीजिए 🙂↕️
हरि – अच्छा अभी नहीं कर सकती लेकिन IAS बनने के बाद तो कर सकती हो न 😄। बात करूंगा अब तुम्हारे गुरुदेव से अब उनकी परमिशन लेना बहुत जरूरी है ।🤭🥰
श्री को शर्म भी आ रही थी कि हरि उससे ऐसी बाते कर रहा था 🤭क्योंकि कही न कही तो वो भी प्यार करती थी🥰 लेकिन अब उसके सामने क्या ही बोले कैसे तैसे उसने अपना हाथ छुड़वाया और वहां से चली गई । 😅
धन्यवाद
🙏🏻🙌🏻🕉️