Rewind Jindagi - 6.3 books and stories free download online pdf in Hindi

Rewind ज़िंदगी - Chapter-6.3: रियालिटी शो एवं पुनर्मिलन

Continues from the previous chapter…


“नहीं ये माधव के कहने पर नहीं हुआ है।” अजित ने कहा।
“तो फिर आप चाहते क्या है हमसे? और ये सब करने की वज़ह क्या है?” माधव ने पूछा।
“T.R.P.”
“क्या?”
“हां, T.R.P. के लिए ये सब मुझे करना पड़ा। हमारे पास एक कॉन्टेस्टंट जोड़ी कम पड़ रही थी, तब मैंने तुम दोनों को याद किया। वैसे भी तुम दोनों एक दूसरे के प्रेम में हो तो पब्लिक को भी तुम दोनों की जोड़ी देखने में मजा आएगा।”
“हम दोनों प्रेमी प्रेमिका नहीं है, हमें अलग हुए कई महीने हो गए है।” कीर्ति ने कहा।
“ओह! ये तो मुझे मालूम ही नहीं था। तभी आज तुम दोनों की परफॉर्मेंस इतनी खराब थी, पर आइंदा मैं ऐसा मौका नहीं दूंगा। ना मुझे और ना ही पब्लिक को ये बात पता है कि तुम दोनों अलग हो चुके हो। तो शो में भी तुम दोनों को इसी तरह पेश आना है।”
“और अगर मैं ना कहूं तो?” कीर्ति ने पूछा, माधव उसकी और देखने लगा।
“तो मजबूरन मुझे आप दोनों को शो से निकालना होगा, क्योंकि इस शो में जोड़ियों में गाना गाया जाता है। किसी एक के निकलने पर दूसरे को ऑटोमेटिक निकाल दिया जाएगा। वैसे भी तुम दोनों के बुरे दिन चल रहे है, ऐसे हालात में मुझे नहीं लगता कि तुम दोनों ये रिस्क लेना पसंद करोगे।”
माधव ने उम्मीद भरी नजरों से कीर्ति की ओर देखा, कीर्ति ने भी उसे देखा। कीर्ति ने कुछ देर सोचा फिर कहा, “ठीक है। हम दोनों ऐसे ही रहेंगे जैसे कोई कपल रहते है, पर सिर्फ शो के शूटिंग तक।”
“मैं भी यहीं चाहता हूं, तुम दोनों की वज़ह से मेरे शो की धज्जियां नहीं उड़नी चाहिए।”
“ऐसा नहीं होगा, पर एक बात क्लियर कहना चाहती हूं, मुझे इस आदमी से कोई तकलीफ़ नहीं होनी चाहिए, वरना मैं उसी वक़्त शो छोड़ कर चली जाऊंगी।”
“मेरी वज़ह से तुम्हें कोई तकलीफ नहीं होगी, तुम बस साथ रहो इतना मेरे लिए काफ़ी है।” माधव ने कहा।
“तो फिर ठीक है। अब जाओ अच्छे से रिहर्सल करो, अगले एपिसोड के लिए मुझे अच्छी T.R.P. चाहिए, और कोई गलती की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।”
“जी बिलकुल ऐसा ही होगा।” माधव और कीर्ति ने एक सुर में कहा।
“अब तुम दोनों जा सकते हो।” अजित ने कहा।

माधव और कीर्ति वहां से चल दिए। माधव को अब भी उम्मीद थी कि उसे अपना खोया हुआ प्यार वापस मिल जाएगा और पुरानी प्रतिष्ठा जो उसने गायकी में खो दी थी उसे पाने का ये आखिरी मौका था। वो इस मौके को किसी भी हाल में खोना नहीं चाहता था। इसीलिए वो हर कदम फूंक-फूंक कर रखना चाहता था। एक गलती उसके लिए बहुत बड़ी गलती साबित होने वाली थी। और जब इस प्रकार का दबाव हो तो बेशक उसका परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है। माधव के साथ भी यही हुआ। अगले एपिसोड में भी वो अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाया।

अजित ने दोबारा उन दोनों को चेतावनी दी, और अब की बार यानी कि अगले एपिसोड में भी वैसा हो तो दोनों का एलिमिनेशन होना लगभग तय था। रिहर्सल के दौरान भी माधव और कीर्ति के बीच तनाव रहता था। इस दौरान माधव और माधवी की भी अच्छी दोस्ती हो गई थी।

“जितना वक़्त तू माधवी के पीछे बर्बाद करता है, उतना वक़्त रिहर्सल क्यों नहीं करता?” कीर्ति ने कहा।
“तुझे अब माधवी से क्या प्रॉब्लम है? मैं तुझे तो हैरान कर नहीं रहा। उसे मुझसे दोस्ती करनी है तो मैं क्यों मना करु?”
“इसीलिए क्योंकि अगर इस बार हमारी परफॉर्मेंस अच्छी नहीं हुई तो हम दोनों को इस शो से जाना होगा।”
“ऐसा नहीं होगा। जानती है क्यों?”
“क्यों?”
“क्योंकि माधवी इस बार मेरी हेल्प करेगी, मुझे तो लगता है वो मुझसे इम्प्रेस है।”
“तुम लड़के लोगों का यहीं है ना? कोई हँस के 2 मिनिट बात क्या कर ले तुम लोग तो सुहागरात के सपने देखने लगते हो ना?” कीर्ति ने गुस्से में कहा।
“हां सही कहा तूने। लड़कियों के मन में हम लड़कों को लेकर कई ख़्याल आते होंगे पर वो स्वीकार नहीं करती की ऐसा ख़्याल मुझे आया था। खेर, माधवी की आँखों में मैंने अपने लिए प्यार देखा है।”


Chapter 6.4 will be continued soon…

यह मेरे द्वारा लिखित संपूर्ण नवलकथा Amazon, Flipkart, Google Play Books, Sankalp Publication पर e-book और paperback format में उपलब्ध है। इस book के बारे में या और कोई जानकारी के लिए नीचे दिए गए e-mail id या whatsapp पर संपर्क करे,

E-Mail id: anil_the_knight@yahoo.in
Whatsapp: 9898018461

✍️ Anil Patel (Bunny)